खाने के बहुत ज्यादा शौकीन है तो आपको हो सकता है फ़ूड एडिक्शन

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what are the causes and treatment of food addict

Photo Credit: eatingdisordersreview.com

आप अब तक मानते हैं कि व्यक्ति को केवल एल्कोहल या किसी और तरह के नशे से ही एडिक्शन होता है, लेकिन यह गलत हैं। व्यक्ति में खाने का भी एडिक्शन होता है। सोचने पर ये एक मामूली सी बात लगती है लेकिन यह एक गंभीर मानसिक विकार है। इस मानसिक विकार में व्यक्ति को भूख ना लगने के बावजूद भी खाने की इच्छा होती है जिसके कारण वह नियमित मात्रा से अधिक खाना खाते हैं। फ़ूड एडिक्शन जैसा मानसिक विकार होने पर व्यक्ति को शारीरिक समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है। इसके कारण शरीर का वजन बहुत तेजी से बढ़ने की संभावना होती है। [ये भी पढ़ें: सोशल एंग्जायटी डिसऑर्डर कर सकता है आपको दोस्तों से दूर]

फ़ूड एडिक्शन होने के कारण: व्यक्ति में फ़ूड एडिक्शन होने के पीछे दिमाग में होने वाले हार्मोनल बदलाव के कारण होता है, किसी भी चीज का एडिक्शन हमारे दिमाग में पाए जाने वाले डोपामाइन नामक हार्मोन के कारण होता है। यह हार्मोन व्यक्ति के खाने को उसकी भावनाओं के जोड़ देता है, जिससे खाने के प्रति उसका लगाव बढ़ जाता है। फ़ूड एडिक्शन होने पर व्यक्ति को ज्यादा फैट, ज्यादा शुगर से युक्त भोजन खाना ज्यादा पसंद होता है।

फ़ूड एडिक्शन के लक्षण:
what are the causes and treatment of food addictऐसे काफी सारे एडिक्शन होते हैं जिनके लक्षणों के बारे में आसानी से पता नहीं लग पाता है, फ़ूड एडिक्शन उसी में से एक है। ऐसा इसलिए भी है कि खाना हर किसी की जरूरत होती है ऐसे में यह पता कर पाना मुश्किल होता है कि अगर किसी व्यक्ति को फ़ूड एडिक्शन है या वो उसे सच में खाने की जरूरत है। इन लोगों में एक सामान्य बात देखने को मिलती है कि वह अकेले में सब से छुपा कर भोजन करना ज्यादा पसंद करते हैं। इसके साथ-साथ जिन लोगों को डिप्रेशन, ऑबेसिव-कम्पल्सिव डिसऑर्डर जैसे मानसिक विकार के कारण भी फ़ूड एडिक्शन होने की संभावना होती है।

फ़ूड एडिक्शन के सामान्य लक्षण:

  • खाने और खाने की चीजों के प्रति बहुत ज्यादा जुनूनी हो जाना।
  • बहुत ज्यादा खाना।
  • बहुत ज्यादा स्नैक का सेवन करना।
  • भूख ना होने पर भी खाना।

फ़ूड एडिक्शन के उपचार के तरीके:  what-are-the-causes-and-treatment-of-food-addict-dcफ़ूड एडिक्शन जैसे मानसिक विकार का उपचार संभव है। इसके लिए इन उपचार का सहारा लिया जाता है। [ ये भी पढ़ें: नार्सिसिस्टिक पर्सनालिटी डिसऑर्डर के कारण, लक्षण और उपचार]

कॉगनेटिव बिहेवियरयल थेरेपी: इस तरह के थेरेपी में पीड़ित व्यक्ति को खाने से होने वाले खतरों के बारे में बताया जाता है। इसके साथ-साथ इस तरह की थेरेपी के दिन प्रतिदिन होने वाले व्यवहार में होने वाले बदलावों को देखा जाता है इसके साथ-साथ दिमाग में चल रहे नकारात्मक विचारों को दूर किया जाता है।

न्यूट्रीशनल थेरेपी: कई मामलों में फ़ूड एडिक्शन को दूर करने के लिए पोषक तत्वों का सहारा लिया जाता है जिससे दिमाग में होने वाले रासायनिक असंतुलन को कम किया जाता है।

फ़ूड एडिक्शन के कारण होने वाली जटिलताएं: इस तरह का मानसिक विकार मरीज के शरीर पर सबसे ज्यादा असर करता है। जिसके कारण उसके शरीर में अन्य घातक समस्याएं होने लगती है। ज्यादा खाना खा लेने के कारण दिल से जुड़ी बीमारियां, टाइप 2 डायबिटीज जैसी घातक बीमारी होने का खतरा बना रहता है। इसके साथ-साथ शरीर में फैट की मात्रा बढ़ने लगती है। जो मोटापे से जुड़ी अन्य बिमारियों को जन्म देती है। [ये भी पढ़ें: डिप्रेशन के कारण हो सकता है बाइपोलर डिसऑर्डर]

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