कहीं आपके डर का कारण एंग्जायटी डिसऑर्डर तो नहीं

what are anxiety disorders and their types

एंग्जायटी डिसऑर्डर होने पर व्यक्ति के भीतर बहुत ज्यादा भय या डर की स्थित उत्पन्न होने लगती है। वह अपने आप को बाहर की दुनिया से अलग करने लगता है, लोगों के सामने बोलने से डरता है, किसी एक खास तरह के व्यक्ति, वस्तु या अन्य किसी चीज से डर लगने लगता है। इसमें व्यक्ति एक असमान्य सी जिन्दगी जीने लगता है। यह मानसिक विकार कई प्रकार का होता है जिनके होने के कई कारण हो सकते है। [ये भी पढ़ें: खेल-खेल में करें अपने मानसिक स्वास्थ्य को दुरुस्त]

एंग्जायटी डिसऑर्डर के प्रकार:

पैनिक डिसऑर्डर:
what are anxiety disorders and their typesइस तरह के मानिसक विकार के कारण व्यक्ति जरूरत से ज्यादा डरने लगता है। किसी भी व्यक्ति में डर जैसी भावनाओं का उत्पन्न होना एक सामान्य सी बात है लेकिन जब यह भावना जरूरत से ज्यादा उजागर होने लगे तो व्यक्ति को पैनिक डिसऑर्डर होने का ज्यादा खतरा रहता है। इसके होने पर व्यक्ति को बहुत ज्यादा पसीना आना, दिल का बहुत तेजी धड़कना, छाती में दर्द होना जैसे लक्षण दिखाई देने लगते हैं। इस तरह के मानसिक विकार के फलस्वरूप व्यक्ति को हार्टअटैक होने का खतरा सबसे ज्यादा होता है।

सोशल एंग्जायटी डिसऑर्डर: इस तरह के डिसऑर्डर को सोशल डिसऑर्डर भी कहा जाता है। इस तरह के मानसिक विकार उत्पन्न होने पर व्यक्ति को घर के बाहर लोगों से मिलने में, भीड़-भाड़ वाले इलाके में जाने से बहुत ज्यादा डर लगने लगता है। इस अवस्था में व्यक्ति को लोगों के सामने अपनी बातों को अभिव्यक्ति करने भी काफी समस्या होती है। [ये भी पढ़ें: जानिए मानसिक स्वास्थ्य के लिए टॉक थेरेपी क्यों है उपयोगी]

किसी खास तरह का फोबिया:
what are anxiety disorders and their typesइस तरह का फोबिया होने पर व्यक्ति को किसी खास तरह की चीज से फोबिया होता है फिर वह कोई व्यक्ति को, वस्तु हो, जीव हो या फिर कोई भी स्थान। वह इससे दूर भागने लगता है उसको देख कर बहुत ज्यादा डर जाता है उसके पसीने छूटने लगते हैं। इसके होने के पीछे होने का सबसे अहम कारण जीवन में घटित बेहद ख़राब अनुभव होता है।

एंग्जायटी डिसऑर्डर के लक्षण:

  • भय और बेचैनी की भावनाएं उत्पन्न होना।
  • नींद न आने की समस्याएं।
  • हाथ और का पैर ठंडे पड़ जाना।
  • बहुत ज्यादा पसीना आना।
  • सांसों की कमी या सांस फूलना।
  • बहुत ज्यादा घबराहट होना।
  • मन का शांत ना होना।
  • गला सूख जाना।
  • हाथों या पैरों में झुनझुनी।
  • जी मिचलाना।
  • मांसपेशी का खिंचाव।
  • चक्कर आना।

एंग्जायटी डिसऑर्डर का कारण:
what are anxiety disorders and their typesइस तरह मानिसक विकार उत्पन्न होने के पीछे जो कारण बताये जाते हैं उनमें से एक है दिमाग की तंत्रिका तंत्र में किसी प्रकार से क्षति हो जाना। व्यक्ति का दिमाग हमारी भावनाओं और हमारे नर्वस सिस्टम को नियंत्रित करने का काम करता है। हमें किस समय रोना है, कब हंसना हैं, कब डरना या कब गुस्सा करना है इन सभी बातों का नियंत्रण हमारे दिमाग के पास होता है। व्यक्ति के साथ किसी प्रकार की दुर्घटना कारण यदि दिमाग का वह भाग जो भावनाओं को नियंत्रित करता है वह क्षति ग्रस्त हो जाता है तब मानसिक विकार उत्पन्न होने की अधिक संभावना होती है। इस तरह ही जब किसी व्यक्ति के साथ जीवन में किसी प्रकार का बुरा अनुभव होता है तब भी व्यक्ति इस तरह के मानसिक विकार से जूझने लगता है।

एंग्जायटी डिसऑर्डर को ठीक करने के उपाय: एंग्जायटी डिसऑर्डर का उपचार इस बात पर निर्भर करता है कि वह किस प्रकार का है उसी के मुतबिक इसका उपचार किया जाता है। नीचे कुछ उपचार दिए गए है जो हर प्रकार के एंग्जायटी डिसऑर्डर में काम करते है।

दवाइयां: कुछ खास तरह की दवाइयों के सेवन से एंग्जायटी डिसऑर्डर को खत्म किया जा सकता है। इसमें एंटी-डिप्रेशन जैसी दवाइयों का सेवन ज्यादा किया जाता है या मनोचिकित्सक इसके सेवन की सलाह देते हैं।

मनोचिकित्सा:
what are anxiety disorders and their typesइस उपचार के दौरान मनोचिकित्सक एंग्जायटी डिसऑर्डर से ग्रसित व्यक्ति की काउंसिलिंग करता है। उसके बारे में जान कर और वह किन चीजों से ज्यादा डरता है इस सभी बातों को जाना जाता है और समस्या से लड़ने की सलाह दी जाती है।

कॉगनेटिव-बिहेवियरल थेरेपी: इस तरह की थेरेपी भी मनोचिकित्सा के अंतर्गत आता है, जिसमें इस तरह के विकार को कैसे ठीक किया जा सकता है और कैसे पीड़ित व्यक्ति अपनी भावनाओं पर नियंत्रण करता है इस बारें में सिखाया जाता है। [ये भी पढ़ें: भीड़ से डरने वाले लोग हो सकते हैं एग्रोफोबिया के शिकार]

 

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