मोबाइल फोन की हानिकारक किरणों से दिमाग को कैसे बचाएं

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ways to protect your brain from harmful rays of mobile phone

आज के समय में हम स्मार्टफोन और अन्य तकनीकी उपकरणों के बिना अपने जीवन की कल्पना तक नहीं कर सकते। हालांकि, हम ये भी जानते हैं कि इन डिवाइस के करीब रहकर हम खुद को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इन डिवाइस से कई तरह की हानिकारक किरणे निकलती हैं जो हमारे दिमाग को बुरी तरह से प्रभावित करती हैं। मोबाइल फोन और स्मार्ट फोन से विद्युत चुम्बकीय किरणों का उत्सर्जन होता हैं जो दिमाग के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाती हैं। इनके कारण हम चिंता, थकान, अनिद्रा और अन्य मानसिक विकारों से पीड़ित हो सकते हैं। आजकल लोग खासतौर पर किशोर बिस्तर से उठने के तुरंत बाद मोबाइल फोन का उपयोग करते हैं। यह सीधे उनके मस्तिष्क को प्रभावित करता है। इसलिए, इन दिनों अवसाद और तनाव के मामलों की संख्या भी बढ़ रही है। हालांकि, अगर आप इन किरणों के प्रभाव से अपने दिमाग की रक्षा करना चाहते हैं, तो आप इसके लिए कुछ तरीके अपना सकते हैं। [ये भी पढ़ें: नकारात्मक लोगों से कैसे पीछे छुड़ाएं]

स्पीकरफोन का इस्तेमाल करें
अगर आप ऐसे प्रोफेशन में हैं जहां आपको घंटों कॉल पर रहना होता है तो ऐसे में आपको ये किरणे सबसे अधिक प्रभावित करेंगी इसलिए स्पीकरफोन का इस्तेमाल करें। इससे फोन आपके कान और सिर के पास अधिक समय तक नहीं रहेगा।

हैंड्सफ्री का उपयोग करें
स्मार्टफोन की हानिकारक किरणों से बचने के लिए आप हैंड्सफ्री का उपयोग करना चाहिए। जब आप सीधे फोन का इस्तेमाल करने के बजाय हैंड्सफ्री का उपयोग करते हैं, तो आपके सिर या मस्तिष्क पर रेडियो फ्रीक्वेंसी रेडिएश का प्रभाव कम होता है। [ये भी पढ़ें: कभी-कभी घमंड करना भी क्यों अच्छा होता है]

रिमोट एरिया(दूरस्थ क्षेत्र) में फोन का इस्तेमाल ना करें
जब आप ग्रामीण या दूरस्थ क्षेत्र में स्मार्टफोन का उपयोग करते हैं, तो वहां सिग्नल कम होते हैं। ऐसे में, आपका फोन कॉल करने के लिए सिग्नल्स को पकड़ नहीं पाता जिससे फोन से अल्ट्रा-हाई रेडियोएक्टिव रेडिएशन निकलती हैँ। उस समय फोन का इस्तेमाल आपके लिए काफी हानिकारक और खतरनाक होता है।

वाहनों और लिफ्ट में फोन का उपयोग ना करें
ऐसी जगहों पर फोन का रेडिएशन कई गुना बढ़ जाता है। वाहन या लिफ्ट में आपका फोन बड़ी मात्रा में हानिकारक रेडिएशन उत्सर्जित करता है क्योंकि रेडिएशन सिग्नल के लिए सेलुलर नेटवर्क के टावर से कनेक्ट करने की कोशिश करते हैं। इसलिए, मस्तिष्क को पहुंचने वाला नुकसान भी बढ़ जाता है।

फोन को शरीर से दूर रखें
हम में से बहुत लोगों को आदत होती है कि हम अपने फोन को अपने पास ही रखते है। यहां तक कि हम सोते वक्त भी अपने फोन को अपने करीब ही रखते हैं। यह आदत हमारे लिए हानिकारक है। यह न केवल हमारे मस्तिष्क को प्रभावित करती है बल्कि प्रजनन अंगों को भी प्रभावित करती है। हम फोन को अपनी गोद में, सिर या शरीर के पास, रखते हैं। फोन से निकलने वाले रेडिएश दिमाग और शरीर को लंबे समय तक नुकसान पहुंचाते हैं। [ये भी पढ़ें: फोन से थोड़ी दूरी बनाने से आपकी जिंदगी में क्या बदलाव आते हैं]

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