बातें भूलने की समस्या के पीछे हो सकते हैं ये कारण

Surprising Factors That Mess With Your Memory

हमारा दिमाग तीन तरह की मेमोरी को सुरक्षित रखता है जिसे सेंसरी मेमोरी, शोर्ट टर्म मेमोरी और लॉन्ग टर्म मेमोरी कहते हैं। इन तीनों को दिमाग के अलग-अलग हिस्से सुरक्षित रखते हैं। लेकिन इन सभी के लिए दिमाग का एक सबसे महत्वपूर्ण अंग होता है जो व्यक्ति के सभी प्रकार की मेमोरी को सुरक्षित करने का काम करता है। दिमाग के इस अंग को ‘हिप्पोकैम्पस’ कहा जाता है। इसमें होने वाली समस्याओं के कारण व्यक्ति को अल्जाइमर जैसी मानसिक बीमारी उत्पन्न होने लगता है। इस बीमारी के कारण व्यक्ति अपनी रोजमर्रा की बातों को भूलने लगता है। उम्र के बढ़ने के साथ इस तरह की समस्या होनी शुरू हो जाती है। लेकिन कई बार लोग इस तरह के विकार न होने के बावजूद भी हमेशा भूलने लगते हैं, इसके पीछे के कारण बहुत ही आश्चर्यजनक होते हैं।

स्लीप एप्निया:
यह भूलने की समस्या से सीधा संबंध रखता है। बहुत से लोग होते हैं जिन्हें रात को ठीक से नींद न आने की समस्या होती है, इस तरह की समस्या के पीछे सोते समय सांसों का रुक जाना होता है। इसके अलावा तनाव में रहने या सही तरीके से दिनचर्या का पालन नहीं करने से भी स्लीप एप्निया होने का खतरा बना रहता है। स्लीप एप्निया के कारण व्यक्ति को भूलने की बीमारी जैसे विकार होने लगते हैं। [ये भी पढ़ें: खेल-खेल में करें अपने मानसिक स्वास्थ्य को दुरुस्त]

साइलेंट स्ट्रोक:
जब भी किसी तरह कि बात के बारें में सोच नहीं पाते हैं तो इसके पीछे एकमात्र कारण होता है कि दिमाग की नसें ब्लॉक हो जाती है। मेमोरी से जुड़ी समस्या के पीछे साइलेंट स्ट्रोक होता है। ऐसे में व्यक्ति के दिमाग में खून का संचार ठीक तरीके नहीं हो पाता है और दिमाग में जरुरी पोषक तत्व और ऑक्सीजन खून के माध्यम से नहीं पहुंच पाता है। जिसके कारण व्यक्ति को किसी बात को याद रखने या उसे याद करें में बहुत जोर लगाना पड़ता है और व्यक्ति की स्मरण शक्ति कमजोर हो जाती है।

दवाओं का अत्यधिक सेवन:
बहुत सी ऐसी दवाएं होती है जिसका सीधा असर दिमाग और व्यक्ति के स्मरण शक्ति पर देखने को मिलता है। यह इन दवाओं का साइड इफेक्ट होता है। इस तरह की दवाओं में प्रमुख हैं:
* नींद लाने के लिए प्रयोग की जाने वाली दवाएं
* एंटी-एंग्जायटी दवा
* एंटी- डिप्रेशन की दवाएं
* दर्द निवारक दवाएं
* कोलेस्ट्रोल को कम करने वाली दवाओं का सेवन
* डायबिटीज की दवाओं का सेवन
( इन सभी दवाओं को डॉक्टर के सलाह पर ही नियंत्रित रूप से लेना चाहिए, ज्यादा दवाओं का प्रयोग आपकी मेमोरी पर गलत असर कर सकता है)

संतुलित भोजन का प्रयोग न करना:
हमारे दिमाग को ठीक रूप से चलाने के लिए जरुरी है कि सही और संतुलित भोजन। कई तरह के पोषक तत्वों में सबसे ज्यादा जरुरी है विटमिन बी 12, जो हमारे मानसिक स्वस्थ और यादाश्त को मजबूत करने के लिए काम भी आता है। प्रतिदिन व्यक्ति को 2.4 माइक्रोग्राम बी 12 विटामिन का सेवन करना जरुरी होता है इससे स्मरण शक्ति मजबूत होने लगती है। [ये भी पढ़ें: डिमेंशिया से बचाव के लिए अपनी लाइफस्टाइल में करें बदलाव]

तनाव, एंग्जायटी और डिप्रेशन:
इन तीनों विकारों का बहुत ज्यादा बढ़ जाना सीधे तौर पर व्यक्ति के मेमोरी पर असर करता है। साथ ही क्रोनिक तनाव के कारण व्यक्ति डिप्रेशन का शिकार हो सकता है और डिप्रेशन दिमाग के कार्यों पर काफी बुरा असर करता है। इसलिए व्यक्ति को किसी भी कार्य या बात का बहुत ज्यादा तनाव या डिप्रेशन नहीं लेना चाहिए।

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