कम बोलना और ज्यादा सुनना क्यों फायदेमंद होता है

Smart Reasons You Should Talk Less and Listen More

less speaking: कम बोलना और लोगों को सुनना काफी फायदेमंद होता है।

speaking less: आप दिन भर में कितना बोलते हैं और कितना सुनते हैं इस बात पर शायद ही आपने गौर किया हो। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ज्यादा बोलने की बजाय ज्यादा सुनना फायदेमंद होता है। बहुत बार हमें अपनी बातें बोलने के बाद पछतावा करना पड़ता है और यह सब ज्यादा बोलने के कारण होता है। बहुत ज्यादा बोलने से कई समस्याएं पैदा तो हो ही जाती है साथ ही लोग आपकी बातों को भी अनसुना करने लगते हैं। आइए जानते हैं कि कम बोलना और ज्यादा सुनना क्यों चाहिए और इसके क्या फायदे होते हैं। [ये भी पढ़ें: अगर आपका पार्टनर हद से ज्यादा बोलता है तो ये हो सकते हैं कारण ]

speaking less: कम बोलने और ज्यादा सुनने के फायदे

  • ज्ञान बढ़ता है
  • आप मूर्ख साबित नहीं होते हैं
  • आपको पछतावा नहीं होता है
  • लोग आपको सुनना पसंद करते हैं
  • लोग आपसे बात करना पसंद करते हैं

1.ज्ञान बढ़ता है-
हो सकता है कि दूसरा व्यक्ति किसी चीज के बारे में आपसे ज्यादा जानता है। ऐसे में जब आप दूसरों की बात सुनते हैं तो इससे आपको कुछ ना कुछ सीखने का मौका मिलता है। लोगों को सुनकर आप ज्ञान की बातें सुनकर जीवन में उतार भी सकते हैं। [ये भी पढ़ें: विज्ञान के बताया, आप हमेशा कैसे खुश रह सकते हैं  ]

2. आप मूर्ख साबित नहीं होते हैं-
ज्यादा बोलने वाले लोग अक्सर ऐसी चीजें बोल जाते हैं जो की व्यर्थ होती है। ऐसे में दूसरे लोग उन्हें बेवकूफ समझने लगते हैं। ज्यादा बोलने से आपकी छवि लोगों की नज़र में खराब हो सकती है।

3.आपको पछतावा नहीं होता है-
जो लोग ज्यादा बोलते हैं अक्सर वे दूसरों के सामने अपने सीक्रेट शेयर कर देते हैं। इसका उन्हें बाद में पछतावा होता है इसलिए कम बोलें और दूसरों को ज्यादा सुनें और जब भी बोलें तो सोच-समझकर ही बोलें।

4. लोग आपको सुनना पसंद करते हैं-
जब आप चुप रहकर दूसरों को सुनते हैं तो आप बातों और मुद्दों को अच्छी तरह समझ चुके होते हैं। दूसरों को सुनने के बाद आप जब भी बोलते हैं तो लोग आपको गंभीरता से सुनते हैं जबकि बहुत ज्यादा बोलने वाले लोगों को लोग अक्सर गंभीरता से नहीं सुनते हैं।

5. लोग आपसे बात करना पसंद करते हैं-
जब आप किसी को भी गंभीरता से सुनते हैं तो इससे उस व्यक्ति को एहसास होता है कि आप उसकी बातों पर ध्यान दे रहे हैं। हर व्यक्ति चाहता है कि उसकी बातों को गंभीरता से सुना जाएं और जब आप ऐसा करते हैं तो लोग आपसे बात करना पसंद करने लगते हैं।

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इसलिए कम बोलें और नाप-तौल कर ही बोलें ताकि बाद में पछताना ना पड़े।

 

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