ये संकेत करते हैं मेंटल ब्रेकडाउन का इशारा

signs that tells about a mental breakdown

तनाव हर व्यक्ति के जीवन में होता है। किसी के मामले में तनाव ज्यादा होता है तो वहीं किसी के मामले में ये कम होता है। कई व्यक्ति जीवन में तनाव के साथ जीते भी हैं तो तनाव को खुद पर हावी नहीं होने देते हैं और वहीं कुछ ऐसे लोग भी हैं जो तनाव को झेल नहीं पाते और मानसिक समस्याओं के शिकार हो जाते है। कई बार स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है की हॉस्पिटल जाने की स्थिति उत्पन्न हो जाती है तथा व्यक्ति मेंटल ब्रेकडाउन का शिकार हो जाता है। आईये जानते हैं उन संकेतों के बारे में मेंटल ब्रेकडाउन की तरफ इशारा करते हैं। [ये भी पढ़ें: मजबूत दिमाग और मानसिक स्वास्थ्य के लिए आहार में लायें ये परिवर्तन]

1. आप किसी मानसिक समस्या से जूझ रहें है जिसका ठीक से ध्यान नहीं दिया जा रहा: ऐसा कई बार होता है कि व्यक्ति अवसाद, तनाव और बेचैनी जैसी मानसिक समस्याओं से जूझ रहा होता है लेकिन वो इन समस्याओं पर ज्यादा ध्यान नहीं दे पाता। ऐसी स्थिति में कई बार ऐसा होता है की मानसिक समस्या गंभीर हो जाती है। व्यक्ति को हमेशा इस तरह की समस्याओं के प्रति सचेत रहना चाहिए और डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

2. ड्रग्स और एल्कोहल का सेवन: वो व्यक्ति जो नशा करते हैं उनमे मेंटल ब्रेकडाउन होने की संभावना ज्यादा होती है। नशे की लत के लत के शिकार व्यक्ति के मानसिक समस्याओं से ग्रस्त होने की संभावना सामने लोगो से कई ज्यादा होती है इसलिए इस स्थिति नशे की लत पर नियंत्रण करना बेहद जरुरी हो जाता है। नशे की लत को छुड़ाने के लिए रीहैब सेंटर या किसी काउंसलर या मनोचिकित्सक से संपर्क करना फायदेमंद साबित होता है। [ये भी पढ़ें: वो कौन सी वजहें हैं जो मानसिक समस्या को स्वीकारने से रोकती है]

3. तनावपूर्ण जीवन: जिंदगी में तनाव की कई वजहें हो सकती है। तलाक होना, नौकरी छुट जाना, किसी प्रिय व्यक्ति की मौत हो जाना इत्यादि ऐसे कारण होते हैं जिनकी वजह से जिंदगी में अत्यधिक तनाव हो जाता है। आमतौर पर इन बातों से मेंटल ब्रेकडाउन की स्थिति उत्पन्न नहीं होती पर ये तनाव अनियंत्रित होने पर मेंटल ब्रेकडाउन की वजह बन जाता है।

4. पैनिक अटैक या सुसाइड करने का ख्याल आना: पैनिक अटैक यानी घबराहट, डर और बेचैनी की मिश्रित स्थिति। इस तरह की स्थिति व्यक्ति के मानसिक विकास पर गहर प्रहार करती है। ये पैनिक अटैक कभी-कभी आत्महत्या जैसे नाकारात्मक विचारों को जन्म देता है और कई बार व्यक्ति मेंटल ब्रेकडाउन का शिकार हो जाता है।

5. सामान्य जीवन का अव्यवस्थित हो जाना: तनाव का दिनचर्या के कामों पर गहरा असर पड़ता है तथा सामाजिक जीवन भी बुरी तरह प्रभावित होता है। तनाव की स्थिति पर अगर ध्यान न दिया जाये या फिर उसे अनियंत्रित ही छोड़ दिया जाये तो स्थिति बेहद ही खराब हो जाती है। ऐसे में व्यक्ति के मेंटल ब्रेकडाउन की समस्या से ग्रसित होने की समस्या काफी बढ़ जाती है। [ये भी पढ़ें: इन तरीकों से रखें अपनी भावनाओं पर काबू]

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