वो कौन सी वजहें हैं जो मानसिक समस्या को स्वीकारने से रोकती है

reasons that prohibits acceptance of mental problems

कई बार ऐसा देखा जाता है कि लोग अवसाद, तनाव और अन्य किसी तरह के मानसिक समस्या का सामना करते हैं पर खुलकर ये नहीं स्वीकारते हैं कि वो किसी मानसिक समस्या से जूझ रहे हैं। दरअसल लोगो को ये लगता है कि मानसिक समस्या से मतलब केवल उन्ही समस्याओं से हैं जिनमे लोग पागलों की तरह हरकत करते हैं या अपना आपा खो देते हैं। हालांकि मानसिक समस्या इनसे अलग भी होती है। अवसाद, तनाव और हद से ज्यादा बेचैनी भी मानसिक समस्या हीं हैं जिन्हें लोग स्वीकारने से कतराते हैं। आईये जानते हैं वो कौन सी ऐसे कारण हैं जिनकी वजह से व्यक्ति मानसिक समस्याओं को नहीं स्वीकारता है। [ये भी पढ़ें: जानें कैसे अत्यधिक सेल्फी लेना मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है]

1. भावनाओं का बीच में आना: मानसिक बीमारी या मानसिक समस्या को स्वीकार करने के बीच में जो सबसे बड़ी बाधा है वो है भावनाओं का आड़े आना। ऐसे कई लोग हैं जो तबतक इस बात को नकारते रहे हैं कि उन्हें कोई मानसिक समस्या है जब तक वो किसी बड़ी मुसीबत में न फंस जाएं। ऐसा तब होता है जब व्यक्ति के मन की भावनाएं उसे मानसिक समस्या को स्वीकारने से रोकती है। एक तरफ कई बार व्यक्ति शर्म की वजह से अपनी मानसिक समस्या को स्वीकारने से मन कर देता है वहीं दूसरी तरफ उम्मीद, गर्व और डर की भावना व्यक्ति को मानसिक समस्या को स्वीकारने और पहचानने में मदद करती है।

2. विचार और मान्यताएं: मानसिक समस्याओं को समझने और स्वीकारने के बीच में जो दूसरी बड़ी बाधा है वो है व्यक्ति का विचार और उसकी मान्यताएं। व्यक्ति के मन में कई तरह के विचार और मान्यताएं होती है जो उसे यह स्वीकारने से रोकती है की वो मानसिक रूप से अवस्थ है। [ये भी पढ़ें: इन तरीकों से रखें अपनी भावनाओं पर काबू]

3. खुद की पहचान: मानसिक समस्याओं ग्रसित कई लोग अपनी पहचान बनाए रखने के लिए भी यह नहीं स्वीकारते की वो किसी मानसिक समस्या से ग्रसित हैं। अगर व्यक्ति की मानसिक समस्याओं के प्रति धारणाएं गलत है तब भी वो मानसिक समस्याओं को जल्दी नहीं स्वीकारता। ऐसे लोगो को लगता है की वो सामान्य है पर सच्चाई ये होती है की इन लोगो में मानसिक समस्याएं घर करना शुरू कर देती हैं।

4. कुछ रिश्ते मानसिक समस्याओं को नहीं स्वीकारते: मानसिक समस्याओं को न सीकारने सबसे बड़ी वजह होती है हमारे आस पास के लोगो का भी समस्या को न समझना। जब तक लोग आपको ठीक से नहीं समझेंगे वो आपकी मानसिक समस्या जैसे अवसाद तनाव या अन्य विकारों को नहीं समझेंगे। उन्हें ये लगेगा की सब कुछ सामान्य है। जब व्यक्ति यह पाता है की उसके आस पास के लोग भी सामान्य समझ रहे हैं तो उसे भी यह लगता है की वो किसी मानसिक समस्या से नहीं जूझ रहा। [ये भी पढ़ें: जानें वो कौन सी बाते हैं जो एक व्यक्ति को मानसिक रूप से मजबूत बनाती है]

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