मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं जो महिलाओं में आम होती हैं

mental health problems that are common in women

पुरुष और महिलाएं दोनों ही मानसिक समस्याओं से ग्रसित होती हैं। हांलाकि कुछ मानसिक समस्याएं जिनसे महिलाएं ज्यादा ग्रसित होती हैं। ऐसा बॉयोलॉजिकल कारणों, सेटोनिन हार्मोन के उत्पादन में कमी, घरेलू हिंसा जैसे कुछ कारणों की वजह से होता है। इसलिए महिलाओं तो अपने स्वास्थ्य का अधिक ध्यान रखना चाहिए ताकि वह शारीरिक रुप से मजबूत होकर खुद को मानसिक रुप से मजबूत बनाने में मदद कर सके। तो आइए आपको कुछ मानसिक समस्याओं के बारे में बताते हैं जो पुरुषों की तुलना में महिलाओं को ज्यादा प्रभावित करती हैं। [ये भी पढ़ें: नाइट टेरर की समस्या क्यों और कैसे होती है]

चिंता: जीवन में कभी ना कभी महिलाएं चिंता से ग्रसित होती हैं। महिलाओं के जीवन में बदलाव होने की वजह से बहुत जल्दी चिंता से ग्रसित हो जाती हैं। हार्मोनल बदलाव महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। चिंता को दूर करने में समय लगता है लेकिन कुछ तरीकों की मदद से इसे कम जरुर किया जा सकता है। चिंता को दूर करने के लिए ब्रीदिंग टैक्नीक और दवाईयों का सेवन किया जा सकता है।

डिप्रेशन: पुरुषों की तुलना में महिलाएं डिप्रेशन से ज्यादा ग्रसित होती हैं। जीवन में आने वाले बॉयलॉजिकल बदलाव के कारण वह डिप्रेशन से ग्रसित हो जाती हैं। महिलाओं को बच्चे के जन्म के बाद पोस्टपार्टम डिप्रेशन से ग्रसित होती हैं उसके बाद प्रीमेंस्ट्रूअल डिसफॉरिक डिसऑर्डर की भी शिकार होती हैं। महिलाओं में डिप्रेशन के संकेत भी थोड़े अलग होते हैं। डिप्रेशन के दौरान उन्हें थकावट, आत्मविश्वास में कमी और बहुत ज्यादा रोने लक्षण होते हैं। [ये भी पढ़ें: रात को सोते समय आपको हो सकती कुछ अजीबो-गरीब समस्याएं]

ईटिंग डिसऑर्डर: ज्यादातर महिलाओं को परफेक्ट बॉडी पसंद होती है लेकिन मानसिक समस्याएं होने पर वह ईटिंग डिसऑर्डर से ग्रसित हो जाती हैं। खुद को सही शेप में लाने के लिए वह खाना कम कर देती हैं जिसके कुछ समय बाद वह ईटिंग डिसऑर्डर से ग्रसित होने लगती हैं।

पोस्ट ट्रायमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर: पोस्ट ट्रायमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर में महिलाओं को किसी भी परिस्थिति के बाद डर लगने लगता है। खतरे की इस परिस्थिति से बचने या इससे दूर होने पर उनके शरीर में कई बदलाव आने लगते हैं। इस डिसऑर्डर में महिलाएं खुद की निंदा करने लगती हैं। यह समस्या डिप्रेशन और स्ट्रेस से ग्रसित होने पर भी हो सकती है। [ये भी पढ़ें: वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने के लिए उपाय]

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