पोटैशियम की कमी से हो सकती हैं मानसिक समस्याएं

low level of potassium can cause these mental problems bk

शरीर में पोटैशियम का न होना या पोटैशियम के स्तर का कम होना मेडिकल टर्म में हाइपोकलेमिया के नाम से जाना जाता है। हाइपोकलेमिया की स्थिति खतरनाक हो सकती है और कई तरह के मानसिक समस्याएं उत्पन्न कर सकती हैं। पोटैशियम शरीर की कई गतिविधियों में अहम भूमिका निभाता है जैसे हृदय की मांसपेशियों में गतिशीलता, शरीर में विद्युतीय(इलेक्ट्रिक) संदेशों का आदान-प्रदान करना इत्यादि। पोटैशियम शरीर में मौजूद नर्व्स के जरिए इलेक्ट्रिक सन्देश पहुंचाने में मदद करता है। आइए जानते हैं पोटैशियम की कमी से किस तरह मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ता है। [ये भी पढ़े: जानें स्लीप डिसऑर्डर अलग-अलग प्रकारों के बारे में]

1. अवसाद(डिप्रेशन): डिप्रेशन एक बहुत ही गंभीर स्थिति है जो सामान्य जीवन को प्रभावित करती है। आमतौर पर डिप्रेशन किसी बुरे सदमे, बुरी घटना की वजह से या जीवन की किसी गंभीर समस्या से होता है। लेकिन पोटैशियम की कमी से भी देओरेस्सिओन की समस्या उत्पन्न होती है। अगर आप डिप्रेशन या हाइपोकलेमिया की समस्या से जूझ रहे तो तुरत अपने डॉक्टर से संपर्क करें। ये आपके शरीर में पोटासियम के कम स्तर का संकेत हो सकता है।

2. मूड स्विंग्स: पोटैशियम का कम स्तर मूड स्विंग्स जैसी समस्याएं भी उत्पन्न कर सकता है। पोटैशियम की कमी बेचैनी की समस्या भी उत्पन्न कर सकती है। एक अध्ययन में यह पाया गया है की जो लोग मूड स्विंग्स और बेचैनी की समस्या से जूझ रहे थे उन्हें पोटैशियम युक्त आहार देने पर काफी फायदा मिला। [ये भी पढ़ें: स्टीरियोटाइपिक मूवमेंट डिसऑर्डर के कारण, लक्षण और उपचार]

3. मानसिक थकान: पोटैशियम की कमी से मानसिक थकान की समस्या भी उत्पन्न होती है। इसकी कमी से आदमी का रिफ्लेक्स एक्शन कम हो जाता है और आदमी सहज काम करने में भी कठिनाई का सामना करता है और कई तरह की गलतियां करता है। पोटैशियम की कमी की वजह से तनाव और चिड़चिड़ेपन की समस्या के पीछे भी पोटैशियम की कमी ही वजह होती है।

4. साइकोसिस: साइकोसिस एक गंभीर मानसिक विकार है जिसमें व्यक्ति वास्तविकता से कट जाता है। साइकोसीस की समस्या से जूझ रहा व्यक्ति हैलूसिनेट करने लगता है तथा उसे ऐसी चीजें दिखाई देती है जो वास्तव में नहीं होती। हाइपोकलेमिया की समस्या से जूझ रहे लोगों में साइकोसिस होने की संभावना ज्यादा होती है।

कैसे संतुलित रखें शरीर में पोटैशियम का स्तर: शरीर में पोटैशियम के स्तर को बढ़ाने के लिए ऐसे भोज्य पदार्थों का सेवन करें जिसमें पोटैशियम अच्छी मात्रा में पाया जाता हो। एवोकाडो, पालक, केला, नारियल पानी इत्यादि कुछ ऐसे खाद्य और पेय पदार्थ हैं जिनमें पोटैशियम प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। अगर स्थिति बहुत ही ज्यादा गंभीर हो तो डॉक्टर के सलाह अनुसार पोटैशियम युक्त इलेक्ट्रोलाइट सोल्युशन का सेवन करें। [ये भी पढ़ें: रात को सोने से पहले फोन का प्रयोग करना हो सकता है खतरनाक]

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