बॉडी डायस्मोरिक डिसऑर्डर से लोग कैसे और क्यों होते हैं ग्रस्त

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मानसिक रूप से विकृति होने के पीछे व्यक्ति के मस्तिष्क में होने वाले बहुत से मानसिक रासायनिक बदलावों को कारण ठहराया जाता है। ऐसे कई मानसिक विकार हैं जो सिर्फ और सिर्फ उन्हें ही महसूस होता है जिनको यह विकार होते हैं। इन्हीं में से एक है बॉडी डायस्मोरिक डिसऑर्डर, यह विकार दिखने में  मामूली लगता है, परन्तु यह एक बहुत ही घातक और गंभीर मानसिक विकार है। इसमें व्यक्ति अपने आप को बाकि लोगों से सुन्दरता के मामले में कमतर समझने लगता है। इसमें व्यक्ति अपने आप को शारीरिक रूप से कुरूप समझने लगता है। इस तरह की समस्या होने पर व्यक्ति घर के बाहर निकलने में संकोच करता है, एक कमरे में बंद होकर रहना, किसी बाहर वाले या घर के सदस्यों से न मिलना, खुद को बहुत ज्यादा बदसूरत समझने लगना शुरू कर देता है। आइए इस तरह के गंभीर मानसिक विकार के बारें में विस्तार से जानें। [ये भी पढ़ें: मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए जरुरी नहीं है कोई दवा या थेरेपी]

बॉडी डायस्मोरिक डिसऑर्डर के कारण:
कई अन्य मानसिक विकारों की तरह इस तरह के मानसिक विकार के कारणों का भी पता कर पाना थोड़ा मुश्किल है। लेकिन कई शोध में यह माना गया है कि यह दिमाग के उस हिस्से में होने वाले रासायनिक बदलावों के कारण होता है, जो हिस्सा पूरे शरीर को किसी भी कार्य को करने की सूचना देता है। इसके साथ-साथ इस विकार के होने का कारण अत्यधिक डिप्रेशन और एंग्जायटी को माना जाता है। इसके अतिरिक्त इसके पीछे इन कारणों को जिम्मेदार ठहराया जाता है।

  • बचपन में बहुत खराब अनुभव होना।
  • अपने आत्मसम्मान का बहुत ज्यादा कम होना।

बॉडी डायस्मोरिक डिसऑर्डर के लक्षण: 
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    • बार-बार अपने व्यवहार में बदलाव लाना, बार-बार शीशे में खुद को निहारना, शरीर के अंगों को कपड़ों में छुपाना।
    • बार-बार लोगों से अपने ठीक लगने और न लगने के बारें में पूछना।
    • घर के बाहर न निकलना या निकलने में बहुत ज्यादा संकोच करना।
    • दोस्तों या परिवार के सदस्यों से मिलने में संकोच करना।

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बॉडी डायस्मोरिक डिसऑर्डर की जांच:
इस तरह के मानसिक विकार की जांच करना अपने आप में बहुत ज्यादा मुश्किल है। क्योंकि इस समस्या से जूझ रहा व्यक्ति अपने बारे में सही जानकारी नहीं दे पाता है, बल्कि बहुत ज्यादा संकोच करता है। इसके लिए विशेषज्ञों के द्वारा शारीरिक रूप से जांच की जाती है। व्यक्ति के हाव-भाव मापे जाते हैं, जिससे इस बात की पुष्टि कि जा सके कि उसे इस तरह की समस्या है भी या नहीं है।

बॉडी डायस्मोरिक डिसऑर्डर का उपचार: 
know more about body dysmorphic disorderइस तरह के मानसिक विकार का उपचार भी उसी तरह से किया जाता है जैसे कि अन्य तरह के मानसिक विकारों का उपचार किया जाता है। उनमें मनोचिकित्सक के द्वारा काउंसलिंग करवाना, दवाओं के माध्यम से, ग्रुप या परिवार के बीच की जाने वाली थेरेपी शामिल होती है। काउंसलिंग के दौरान पीड़ित व्यक्ति के साथ बातों के माध्यम से समस्याओं को ठीक किया जाता है। इसमें व्यक्ति से उसके जीवन के बारे में सारी बातों को जाना जाता है, फिर उन बातों के आधार पर व्यक्ति का उपचार किया जाता है। परिवार या ग्रुप में की जाने वाली थेरेपी में व्यक्ति को परिवार के सदस्यों और ग्रुप के लोगों के साथ उनकी इस समस्या को ठीक किया जाता है। [ये भी पढ़ें: बचपन में ही बच्चे हो सकते हैं इस तरह के मानसिक रोगों के शिकार]

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