सोशल एंग्जायटी डिसऑर्डर कर सकता है आपको दोस्तों से दूर

know about the symptoms and causes of social anxiety disorder

सोशल एंग्जायटी डिसऑर्डर एक प्रकार का फोबिया है जो मानसिक अस्वस्थता के कारण होने वाले विकारों में से एक है। इससे पीड़ित व्यक्ति खुद को अपने आप तक ही सीमित कर लेता है। इसके होने पर कई बार लोगों को घर से बाहर निकल कर काम करने, लोगों से मिलने जुलने में शर्म या झिझक होने लगती है जिसका असर उनके सामाजिक जीवन पर देखें को मिलता है। इसमें पीड़ित व्यक्ति घर से बाहर किसी से मिलने में, बाहर के लोगों से बात करने में उसके साथ घुमने-फिरने में बहुत ज्यादा घबराता है। आम तौर पर हम इस तरह के लक्षणों को बहुत ही मामूली सी बात समझ कर अपने परिवार के सदस्य ध्यान नहीं देते हैं और धीरे-धीरे यह समस्या बढ़ती जाती है। यह विकार ना केवल लोगों के व्यक्तिगत संबंधों पर असर डालता बल्कि इससे समाजिक संबध भी टूटने लगते हैं। [ये भी पढ़ें: घना अंधेरा पैदा करता है न्यक्टोफोबिया जैसा मनोविकार]

सोशल एंग्जायटी डिसऑर्डर के लक्षण: इस तरह के मानसिक विकार होने पर कुछ ऐसे लक्षण देखने को मिलते हैं जो काफी आम से लगते हैं लेकिन इन पर सही समय पर ध्यान नहीं दिया जाये तो विकार को और ज्यादा घातक बना देते हैं। सोशल एंग्जायटी डिसऑर्डर के लक्षण इस प्रकार है-

  • बहुत ज्यादा शर्माना।
  • अंदर से घबराहट होना।
  • बोलने में दिक्कत होना।
  • दिल का बहुत तेजी से धड़कने लगना।
  • सामाजिक परिस्थितियों के बारें में बहुत सोचना।
  • बाहर के किसी भी कार्य के लिए सप्ताह पहले से घबराहट होना।
  • किसी इवेंट में जाने के बाद खुद को सबसे पीछे रखना और कोशिश करना कि वह लाइम लाइट में न आ पाए।
  • इस बात को लेकर चिंतित होना कि बाहर लोगों से मिलने-जुलने पर या समूह में कहीं जाने पर लोग उसके बारें में क्या सोचेंगे। [ये भी पढ़ें: डिप्रेशन के कारण हो सकता है बाइपोलर डिसऑर्डर]

सोशल एंग्जायटी डिसऑर्डर के कारण: इस तरह के मानसिक विकारों के बारें में पता कर पाना कि यह किस कारण से होते हैं यह थोड़ा मुश्किल हैं। अभी हाल में किये गए एक शोध के अनुसार इस तरह के विकार उत्पन्न होने पर व्यक्ति का कारण आस-पास का वातावरण या अनुवांशिक कारण भी शामिल हो सकते है। इस तरह के विकार उत्पन्न होने के पीछे व्यक्ति के जीवन के कुछ नकारात्मक अनुभव भी शामिल होते हैं जिसकी वजह व्यक्ति अपने आप को बहुत ही सीमित दायरे में रखता है जो इस प्रकार हैं-

  • पहले कभी किसी व्यक्ति के द्वारा अपमानित होना।
  • पारिवारिक रूप से किसी के साथ कोई रंजिश या फिर किसी प्रकार झगड़ा आदि होना जिसके डर कारण घर से बाहर निकलने में दिक्कत आना।
  • इस तरह के कई मामले देखे गये है छोटे बच्चे घर से बाहर से निकलने में बहुत ज्यादा घबराते हैं जिसका कई बार कारण माना जाता है यौन उत्पीड़न होना।

सोशल एंग्जायटी डिसऑर्डर का उपचार: इस तरह के मानसिक विकार के लिए कई तरह के उपचार की मदद की जाती है। इसमें व्यक्ति के अनुसार उपचार किया जाता है। इसके लिए दवाइयों के साथ-साथ अन्य तरह की थेरेपी का सहारा लिया जाता है।

  • कॉगनिटिव बिहेवियरल थेरेपी:
    इस तरह की थेरेपी में व्यक्ति को एंग्जायटी पर नियंत्रण करने के लिए रिलैक्सेशन का सहारा लिया जाता है।
  • एक्सपोज़र थेरेपी:
    इस तरह की थेरेपी में पीड़ित व्यक्ति को सामाजिक परिस्थिति में कैसे रहना है और विपरीत परिस्थिति से कैसे निकलना है आदि के बारे सिखाया जाता है।

ग्रुप थेरेपी: यह थेरेपी सोशल एंग्जायटी डिसऑर्डर के उपचार के लिए सबसे बेहतर बताया जाता है। इसमें व्यक्ति को समूह में रहना, लोगों से कैसे घुलना मिलना हैं, अपनी भावनाओं को व्यक्त करना, समूह में लोगों के साथ कैसे व्यवहार करना है, सिखाया जाता है।  [ये भी पढ़ें: इन कारणों से हो सकती है मानसिक अस्वस्थता]

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