Inner voice: अपनी अंतरआत्मा की आवाज कैसे सुनें

ways to listen your inner voice

Inner voice: अपने अंदर की आवाद सुनना जरुरी होता है।

कई बार परेशानियों में इतना ज्यादा फंस जाते हैं कि आपको कुछ समझ नहीं आ रहा होता है कि आप उस परेशानी को कैसे दूर करें या उससे बाहर निकलने का तरीका कैसे ढूंढें। इस दौरान ऐसा कई बार होता है कि आपकी अंतर-आत्मा से आवाज आती है कि आप किस तरह से अपनी परेशानी को दूर कर सकते हैं। ऐसा कई बार रात को अचानक से जगने या आधी नींद में सपने में कुछ सुनाई देने पर भी होता है। जब किसी चीज से ज्यादा परेशआन हो तो सिर्फ अपनी अंतर-आत्मा की सुननी चाहिए। यह आपको सही मार्गदर्शन देती है और परेशानी से बाहर निकलने में मदद करती है। अपनी अंतर-आत्मा के बारे में जानकर आप खुद को बेहतर तरीके से समझ पाते हैं। किसी काम को करने के लिए अगर आप किसी की सलाह लेना नहीं चाहते हैं तो अपने अंदर की आवाज सुने। इससे आप गलत लेने से बच जाते हैं। तो आइए आपको बताते हैं कि अपनी अंतर-आत्मा की आवाज को कैसे सुनें। [ये भी पढ़ें: steps for successful life: जीवन में सफलता पाने के लिए किन कदमों पर चलना जरुरी होता है]

Inner voice: अंतर-आत्मा की आवाज सुनने के तरीके

शांति वाली जगह पर बैठें
गहरी सांस लें
शरीर को समझें
सिक्का उछालें
किसी की मदद लें

शांति वाली जगह पर बैठें: अगर भाग-दौड़ वाली जिंदगी से परेशान हैं और कुछ समझ नहीं आ रहा है तो कोई शांति वाली जगह ढूंढें। वहां बैठकर सोचें कि आखिर आप करना क्या चाहते हैं। आप खुद से बात करेंगे तो समझ जाएंगे कि आपको जीवन में आगे क्या करना है और आपके लिए क्या बेहतर है।

गहरी सांस लें:

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Deep breathing: अपने अंदर की आवाज सुनने के लिए गहरी सांस लें।

गहरी सांस लेने से कई बार चीजें ठीक हो जाती हैं। जब आप गहरी सांस लेते हैं तो इस दौरान सांस पर ध्यान केंद्रित करते हैं जिससे आपके दिमाग के साथ शरीर को आराम मिलता है। जब आपका दिमाग शांत होता है तो आप अपनी अंतर-आत्मा की आवाज सुन पाते हैं।

शरीर को समझें: कई बार हमारा शरीर भी कुछ चीजों के लिए संकेत देता है। इन संकेतों को समझना ही अपने अंदर की आवाज सुनने जैसा होता है। अगर कोई निर्णय लेते समय आपको डर लगता है असहज महसूस होता है तो समझ जाइए आपकी अंतर-आत्मा आपके निर्णय से सहमत नही है।

सिक्का उछालें: जब आप किसी निर्णय को लेने के लिए सिक्का उछालते हैं तो उस दौरान आपके मन में जो आता है वह आपके अंदर की आवाज होती है। इससे पता चलता है कि आप कौन-सी चीज करना चाहते हैं। अगर किसी दो काम में फंस गए हैं तो सिक्का उछाले इससे आपको अपने अंदर की आवाज सुनाई दे जाएगी।

किसी की मदद लें: किसी भी निर्णय को लेने में तकलीफ हो रही है तो अपने किसी प्रियजन से मिलें। उन्हें अपनी परेशानी बताएं। वो आपसे उस बारे में सवाल पूछते हैं और आप सहज होकर उनके सवालों को जवाब देते हैं तो इस दौरान आप अपनी अंतर-आत्मा की आवाज सुन रहे होते हैं।

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अपने अंदर की आवाज सुनकर आप अपने निर्णय को बेहतर बना सकते हैं। इससे आप सहज भी महसूस करते हैं।

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