UP Board Result 2018: बच्चों पर रिजल्ट के दबाव को माता-पिता कैसे कम करें

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रिजल्ट आने के समय बच्चों काफी चिंता में रहते हैं जो कि स्वभाविक भी है। अपने अंकों के प्रतिशत को लेकर जो उनकी उम्मीदें होती हैं उसके चलते बच्चों के दिमाग पर काफी दबाव रहता है। यह दबाव जब बढ़ जाता है तो बच्चों का शरीर तनाव का शिकार हो सकता है। ऐसे में बच्चों के माता-पिता उन्हें इस दबाव से बाहर आने में मदद कर सकते हैं। रिजल्ट घोषित होने का समय जितना पास आता रहता है उतना ही बच्चों के साथ माता-पिता की भी चिंता बढ़ती रहती है। हालांकि माता-पिता को इस दौरान खुद को शांत रखने के साथ बच्चों को भी सामान्य रखने की कोशिश करनी चाहिए। आप उन्हें समझाएं कि बच्चों के अंकों से ज्यादा उनकी मेहनत का महत्व है। आइए जानते हैं कि बच्चों पर रिजल्ट का दबाव होने पर माता-पिता इसे कैसे कम करें।

बातचीत करें
अपने बच्चों से बात करें। बातचीत करके हर स्थिति को संभाला जा सकता है। उन्हें समझाएं कि आप भी इस स्थिति का सामना कर चुके हैं और आपने पूरे धैर्य और हौंसले के साथ इस समय का सामना किया था।

प्रोत्साहित करें
दबाव के कारण बच्चे का मनोबल टूटने लगता है ऐसे में अपने बच्चे को प्रोत्साहित करें। उन्हें समझाएं कि उनका परिणाम अच्छा ही होगा क्योंकि उन्होंने परीक्षा के दौरान अच्छी मेहनत की थी।

परीक्षा के बारे में अधिक बात ना करें
बच्चे से उनकी परीक्षा के बारे में अधिक बातें ना करें। अगर आप बार-बार उन्हें परीक्षा के समय की याद दिलाएंगे तो इससे उनके दिमाग पर दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में उनका ध्यान किसी और अच्छी चीज में लगाने की कोशिश करें।

अन्य गतिविधियों में उन्हें शामिल करें
बच्चे के दिमाग से रिजल्ट का दबाव निकालने के लिए आप उन्हें अन्य रचनात्मक गतिविधियों में शामिल कर सकते हैं। इससे उनका दिमाग रिजल्ट के विचार और तनाव से बाहर आएगा। उनके साथ ड्रॉइंग, पेंटिंग, गेम्स या अन्य गतिविधि करने को कहें और आप इसमें उनका साथ दें।

यूपी बोर्ड परीक्षा 2018 के परिणाम घोषित होने वाले हैं। हर साल की तरह इस साल भी लाखों बच्चों ने 10वीं और 12 की परीक्षाएं दी हैं। यूपी बोर्ड परीक्षा 2018 में करीब 66.37 लाख छात्रों ने पंजीकरण कराया, जिनमें कक्षा 10वीं के 34,04,571 छात्र परीक्षा में शामिल हुए। वहीं यूपी बोर्ड की कक्षा 12वीं के लगभग 26,24,681 छात्र परीक्षा में बैठे। यूपी बोर्ड कक्षा 10वीं की परीक्षा 6 फरवरी से 22 फरवरी तक आयोजित की गई जबकि 12वीं की परीक्षा 6 फरवरी-12 मार्च तक आयोजित की गई थी।

साल 2017 की बात करें तो लगभग 60.29 लाख छात्रों ने पिछले साल परीक्षा दी थी। यूपी बोर्ड 2017 में 10वीं के लगभग 34,01,511 छात्रों और 12वीं के करीब 26,54,492 छात्र शामिल हुए। 2017 में 10वीं के छात्रों में से 81.6 प्रतिशत बच्चे पास हुए और 12वीं का रिजल्ट 81.6 प्रतिशत रहा। 2017 में हुए यूपी बोर्ड की 10वीं की परीक्षा में 86.50 प्रतिशत लड़कियां और 81.6 प्रतिशत लड़के पास हुए थे। 10वीं का हाईएस्ट स्कोर 95.83 प्रतिशत था। यूपी बोर्ड 2017 की 12वीं की परीक्षा में पास होने वाले छात्रों में 86.50 प्रतिशत लड़कियां तो वहीं 76.75 प्रतिशत लड़के पास हुए थे। 12 वीं का हाईएस्ट स्कोर 96.20 प्रतिशत था।

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