पैनिक अटैक के दौरान क्या करें

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how to deal with panic attack

आज के समय में व्यक्ति को किसी ना किसी चीज का तनाव रहता ही है। कुछ लोगों को ऑफिस के काम का तो कुछ लोगों को निजी जीवन में चल रहे उथल-पुथल के कारण तनाव हो जाता है। कभी-कभी इस तनाव को संभाल पाना मुश्किल हो जाता है। जब यह तनाव फिजिकल फार्म ले लेता है तो इसे पैनिक अटैक कहते हैं। पैनिक अटैक एक कंडीशन होती है जब व्यक्ति को अचानक से बहुत ज्यादा डर लगने लगता है। इसकी वजह से इंसान को निराशा और घुटन महसूस होने लगती है। इसके संकेत हर व्यक्ति में अलग देखने को मिलते हैं। कभी-कभी यह अटैक व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा देता है। तो आइए आपको बताते हैं कि पैनिक अटैक के दौरान क्या करें। [ये भी पढ़ें: संकेत जो बताते हैं कि आप में आत्मसम्मान की कमी है]

पैनिक अटैक के संकेत:
हृदय दर का बढ़ जाना
अत्यधिक पसीना आना
स्थिर नहीं रह पाना
घुटन होना
मरने का डर लगना
सिरदर्द या सीने में दर्द
सुस्त महसूस होना
अचानक से सुन्न हो जाना

पैनिक अटैक के दौरान क्या करें:

गहरी सांस लें: पैनिक अटैक आने के दौरान व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत हो जाती है। इसलिए जरुरी है कि आप गहरी सांस लेने पर काम करें। सांस लेने की प्रक्रिया पर फोकस करें। घुटन से दूर जाने की कोशिश करें। [ये भी पढ़ें: दो महीनों में बुरी आदतों को कैसे छोड़ें]

अपना ध्यान भटकाएं: पैनिक अटैक के दौरान कुछ भी सोच पाना मुश्किल होता है। जिसकी वजह से इस अटैक के दौरान दिक्कत होने लगती है। जब भी आपको लगे कि आप किसी परिस्थिति में फंस गए हैं तो उस दौरान अपने अलावा किसी और चीज पर फोकस करने की कोशिश करें। कोई एक्टिविटी करके अपने ध्यान को भटकाने की कोशिश करें।

खुली जगह पर जाएं: कभी-कभी जगह बंद होने की वजह से भी पैनिक अटैक आ सकता है। जगह बंद होने की वजह से आपको घुटन महसूस होने लगती है जिसके लिए खुली हवादार जगह पर रहना जरुरी होता है। यह दिमाग को शांत करने में मदद करता है।

अपने किसी खास से बात करें: अगर आपके पास विकल्प है कि आप किसी से बात कर सकते हैं तो उस व्यक्ति से बात करें जो आपके लिए बहुत खास हो। साथ ही वह आपको सहज महसूस करा सके। प्रियजनों से बात करने से आपको अच्छा महसूस हो सकता है।

खुद से सकारात्मक बातें करें: यह सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है लेकिन खुद को सुरक्षित महसूस कराने के लिए यह महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान आपका दिमाग सिर्फ नकारात्मक विचारों पर ध्यान देता है। इसके लिए खुद को सकारात्मक रखना जरुरी होता है। पैनिक अटैक के दौरान खुद से बात करते रहें जिससे आपको कोई नुकसान ना पंहुचे। [ये भी पढ़ें: आत्मविश्वास और अतिआत्मविश्वास में क्या फर्क होता है]

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