काम जिन्हें रोज करने से आप बन सकते हैं स्मार्ट

how to become smarter by doing simple things daily

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हम सभी ने बहुत बार सुना है कि स्मार्ट वर्क हार्ड वर्क से बेहतर होता है। क्या आपने समझा कि आखिर दोनों में अंतर क्या है। जो लोग हार्ड वर्क करते हैं, क्या वो स्मार्ट तरीके से काम नहीं करते? अगर आपको अपनी प्रोडक्टिवी और क्षमता को साबित करना है तो स्मार्ट बनकर काम करना जरुरी है। बहुत लोगों का मानना है कि बुद्धिमत्ता केवल उन लोगों में अधिक होती है जिनका आइक्यू ज्यादा होता है जबकि ऐसा नहीं हैं। आप कई तरीकों से अपनी कॉगनिटिव ज्ञान सम्बन्धी क्षमता बढ़ा सकते हैं। आज के समय में लोगों का स्मार्ट होना ना केवल उनके व्यक्तित्व को निखारता है बल्कि इससे आप सफलता की ओर बढ़ते हैं। प्रेरणा और प्रण के साथ कोई भी व्यक्ति अपनी मानसिक क्षमता को बढ़ा सकता है और स्मार्ट बन सकता है। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ काम जिन्हें रोज करने से आप खुद को स्मार्ट बना सकते है। [ये भी पढ़ें: प्रकृति के बीच रहकर कैसे दूर करें अपनी चिंता]

अपने जीवन में नवीनता लाएं
आप जिन कामों को रोज करते हैं उन्हें हर रोज एक नए तरीके से करने की कोशिश करें। कुछ नया बनाएं, कुछ नया सोचें। अपने जीवन में नए अनुभवों को लाएं। हो सकता है कि शुरु में आपको यह करना व्यर्थ लगें लेकिन समय के साथ आप बदलाव स्वयं देखेंगे।

नई जगहों पर जाएं
आपके दिमाग के लिए डिस्प्लेसमेंट(विस्थापन) अच्छा है, इसलिए नई जगहों पर घूमने जाएं। चाहे फिर किसी नए कॉफी शॉप में जा सकते हैं, या फिर किसी नई जगह घूमने जा सकते हैं। नई जगह पर भाषा, संस्कृति और लोग भी नए होते हैं। इन नई चीजों के साथ एडजस्ट करने से आपके ब्रेन को नई और अनपेक्षित चुनौतियों से निपटने का मौका मिलता है जिससे मानसिक क्षमता विकसित होती है। [ये भी पढ़ें: इंट्रोवर्ट व्यक्ति बोलने की अपनी झिछक को कैसे कम करें]

समाचार पढ़ें और लिखें
अपनी व्यस्त दिनचर्या से हर रोज एक घंटा निकालें चाहे सुबह या शाम और समाचार पढ़े या देखें। इससे आपका मस्तिष्क सक्रिय रहेगा। हर रोज नई सूचनाओं को प्रोसेस करना एक अच्छी आदत है। इससे आपके दिमाग को नई सूचनाओं के साथ मंथन करने का मौका मिलेगा।

किताबें पढ़ें
किताबें इंसान की सबसे अच्छी दोस्त होती हैं और इन्हें पढ़ने से ब्रेन एक्टिविटी शुरु होती है। आप जो पढ़ते हैं, उसे आपका ब्रेन विज्युअलाइज करता है और आपकी कल्पना करने की क्षमता बढ़ती है। आप फिक्शन, नॉन फिक्शन, ऐतिहासिक या काव्य कुछ भी पढ़ सकते हैं।

ख़ुद को चुनौती दें
जिस तरह हम शरीर को स्वस्थ रखने के लिए व्यायाम करते हैं वैसे ही हमारे दिमाग को एक्टिव और क्रिएटिव बनाने के लिए ब्रेन एक्सरसाइज की जरुरत होती है। जो लक्ष्य आप आसानी से पा सकते हैं उनका क्या फायदा। खुद को अपनी सीमाओं से आगे ले जाएं और चुनौतीपूर्ण लक्ष्य बनाएं। [ये भी पढ़ें: डर से क्यों डरना जब आप आजमां सकते हैं आसान तकनीक]

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