जानिए किस तरह से सोशल मीडिया करती हैं किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित

how social media effected teenager's mental health

अगर कहा जाए कि आज के समय में किशोरों पर सोशल मीडिया पर हमेशा ऑनलाइन रहने का दबाव रहता है तो यह गलत नही होगा। सोशल नेटवर्किंग साइट किशोरों के जीवन में कनेक्शन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। किशोर किसी भी काम को करने के लिए ज्यादातर सोशल साइट पर निर्भर रहते हैं। जिसका प्रभाव धीरे-धीरे उनके मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने लगते हैं। उन्हें इसकी लत इतनी ज्यादा लग जाती है कि वह हर थोड़ी देर बाद इन साइट को चेक करते रहते हैं। तो आइए आपको बताते हैं कि मानसिक स्वास्थ्य पर सोशल मीडिया का क्या प्रभाव पड़ता है। [ये भी पढ़ें: क्या होते हैं इमोशनल इमैच्योर एडल्ट के लक्षण]

1-डिप्रेशन: वैसे तो सोशल मीडिया और डिप्रेशन के बीच संबंध के बारे में पता नहीं चला है लेकिन सोशल मीडिया के इस्तेमाल से किशोरों में डिप्रेशन के लक्षण दिखने लगते हैं। जिसमें अकेलापन महसूस करना और सामजिक गतिविधियों में कमी होने लगती है। सोशल मीडिया के इस्तेमाल से किशोरों में डिप्रेशन के लक्षणों के साथ उनका आत्मविश्वास भी कम होने लगता है।

2-चिंता: सोशल मीडिया अकांउट से किशोर भावनात्मक रुप से जुड़े हुए होते हैं। वह किसी भी चीज का जल्दी जवाब देने के लिए दबाव महसूस करते हैं इसके साथ ही वह अच्छी फोटो, पोस्ट के लिए भी परेशान होने लगते हैं। ये सभी चिंता के लक्षण होते हैं। कुछ किशोरों को हमेशा ऑनलाइन के लिए चिंता महसूस होती है। इसके साथ ही लड़कियों को इस बात की चिंता हो जाती है वह जिससे बात कर रही हैं वह उन्हें देखेगा तो क्या कहेंगे। [ये भी पढ़ें: डिपेंडेंट पर्सनालिटी डिसऑर्डर: जिसमें हो जाते हैं लोग दूसरों पर आश्रित]

3-नींद में कमी: कभी-कभी किशोर घंटों तक सोशल मीडिया पर ऑनलाइन रहते हैं जिसकी वजह से वह पूरी नींद नहीं ले पाते हैं और डिप्रेशन, चिंता के ग्रसित होते हैं। नींद पूरी ना होने की वजह से शारीरिक समस्याएं होने लगती हैं। जिससे इम्यून सिस्टम धीमा हो जाता है और किशोर बीमार होने लगते हैं।

4-बातचीत करने में परेशानी होना: सोशल मीडिया अपने दोस्तों, रिश्तेदारों से जुड़े रहने का एक अच्छा विकल्प है मगर चेहरे के भाव और आवाज ना सुनने की वजह से गलतफहमी होना बहुत ही आसान हो जाता है। जिसकी वजह से कई रिश्तों के टूट जाने की संभावना बढ़ जाती है। [ये भी पढ़ें: बॉडी डायस्मोरिक डिसऑर्डर से लोग कैसे और क्यों होते हैं ग्रस्त]

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