परफेक्शन(Perfection) आपके मानसिक स्वास्थ्य के लिए क्यों हानिकारक होता है

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side effects of perfection

हर चीज के लिए परफेक्शनिस्ट(perfectionist) बनना जरुरी नहीं होता है।

बहुत से लोगों को लगता है कि जीवन में सफल बनेन के लिए परफेक्शनिस्ट होना बेहद जरुरी होता है। परफेक्शनिस्ट(Perfectionist) होने से मतलब हर काम को एक सही तरीके से किया जाए। लोगों की यह प्रवृत्ति उन्हें जूनूनी बना देती है जिसकी वजह से वह किसी काम को जब तक सही तरीके से नहीं कर लेते हैं उन्हें सुकून नहीं मिलता है। कई लोग ऐसा समझते हैं कि अगर वह किसी काम के परफेक्शन पर फोकस करते हैं तो उनकी प्रोडक्टिविटी(Productivity) बढ़ जाती है। हालांकि यह एक मिथक। परफेक्शन की वजह से आप तनाव और चिंता से ग्रसित हो जाते हैं। हमेशा परफेक्शन के पीछे भागने की बजाय कभी गलती भी होने देने में कोई बुराई नहीं है। गलतियों से ही इंसान परफेक्ट बनता है। हमेशा परफेक्शन के पीछे भागने से सिर्फ मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ता है। [ये भी पढ़ें: हर रोज की आदतें जो मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाती है]

परफेक्शन(Perfection) मानसिक स्वास्थ्य को कैसे नुकसान पहुंचाता है

तनाव
चिंता
रिस्क(Risk) नहीं लेना
पर्सनल टाइम नहीं मिलना
रचना के बारे में नहीं सोच पाना

तनाव: जो लोग जीवन में होने वाली हर चीज को लेकर परफेक्शन के बारे में सोचते हैं उन्हें हर समय तनाव रहता है। कि उनका काम सही तरीके से हुआ है कि नहीं उसमें कोई गलती तो नहीं रह गई। परिणाम के बारे में सोचकर तनाव रहता है। [ये भी पढ़ें: Yoga for stress: तनाव को कम करने में योगा कैसे मदद करता है]

चिंता:

side effects of perfection
परफेक्शन की वजह से आप हमेशा चिंतित रहते हैं।

परफेक्शन की वजह से तनाव के साथ-साथ चिंता भी रहती है। आप हमेशा बेचैन रहते हैं कि आप अपना टारगेट पूरा कर पाएंगे कि नहीं। इन सभी चीजों की वजह से आपको हमेशा चिंता रहती है। [ये भी पढ़ें: रात को होने वाली चिंता को कैसे दूर करें]

रिस्क नहीं लेना: जीवन में हर चीज में परफेक्शन चाहने वाले लोग हर काम नाप-तौल के करते हैं। वह कोई रिस्क लेने के बारे में सोचते भी नहीं हैं। कभी-कभी रिस्क आपके जीवन को बदलकर बेहतकर बना देता है। यह तभी हो सकता है जब आप हर समय परफेक्शन के बारे में नहीं सोचते हैं।

पर्सनल टाइम नहीं मिलना:
harmful effects of perfectionजब आप परफेक्शन के बारे में सोचते रहते हैं तो जीवन में हर चीज का त्याग करने लगते हैं। आपके पास अपने रिश्तों के लिए समय नहीं मिलता है। आप अपनी देखभाल के बारे में भूल जाते हैं। [ये भी पढ़ें: खुद के महत्व को बढ़ाने के तरीके]

रचना के बारे में नहीं सोच पाना: रचनात्मक बनने के लिए दिमाग का शांत होना बेहद जरुरी होता है। मगर परफेक्शन की चक्कर में आपका दिमाग कभी शांत नहीं रह पाता है। जिसकी वजह से आप नई चीजों के बारे में नहीं सोच पाते हैं।

जरुर पढ़ें: माफ कर देना आपके मानसिक स्वास्थ्य के लिए कैसे फायदेमंद है]

हमेशा परफेक्शनिस्ट बनना भी जरुरी नहीं होता है। कई बार रिस्क लेना भी जरुरी होता है। इस आर्टिकल को इंग्लिश(English) में भी पढ़ें।

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