जानिए कैसे मेमोरी और मूड में सुधार लाती है चॉकलेट

how chocolate improve your memory and mood

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चॉकलेट का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है। पर क्या आपको पता है मुंह के स्वाद को बदलने वाली चॉकलेट शरीर को स्वस्थ रखने में भी मदद करती है। चॉकलेट में एंटी-एजिंग और एंटी इंफ्लेमेट्री गुण होते हैं जिसकी वजह से इसे शरीर और दिमाग का सुपरफूड कहा जाता है। रोजाना सही मात्रा में चॉकलेट का सेवन करने से यह दिमाग को शार्प करने, शांत रखने और खुश रखने में मदद करती है। ये दिमाग को बूस्ट करके मूड को चेंज करने का काम भी करती है। तो आइए आपको चॉकलेट के सेवन से होने वाले स्वास्थ्य लाभों के बारे में बताते हैं। [ये भी पढ़ें: चिंता दूर करने के लिए बॉडी रीडिंग तकनीक आएगी आपके काम]

चॉकलेट कैसे बनती है: चॉकलेट कोकोआ पेड़ के बीजों को भूनकर, सुखाकर बनाई जाती है। इसमें 70 प्रतिशत कोको और 30 प्रतिशत शुगर होती है। इसके साथ ही इसमें एंटीऑक्सीडेंट,एंटी इंफ्लेमेट्री गुण होते हैं। जो शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं।

चॉकलेट से होने वाले स्वास्थ्य लाभ:

चॉकलेट और मूड: चॉकलेट डिप्रेशन और चिंता के लक्षणों में सुधार करके व्यक्ति को शांत रखने में मदद करती है। चॉकलेट में मौजूद फ्लेवनोल्स और मेथिलक्साथथिन मूड को ठीक करने में मदद करती है। [ये भी पढ़ें: अति संवेदनशील लोगों के बारे में जाने कुछ खास बातें]

चॉकलेट और काग्निटिव फंक्शन: जब आप चॉकलेट का सेवन करते हैं तो उसमें मौजूद फ्लेवनोल्स दिमाग द्वारा अवशोषित करके सीखने और याद रखने की क्षमता को बढ़ाते हैं, खासकर हिप्पोकैम्पस। चॉकलेट में मौजूद फ्लेवनोल्स दिमाग में रक्त के बहाव को बढ़ाकर न्यूरॉन्स के निर्माण को बढ़ावा देता है। जिससे काम करने की क्षमता में सुधार होता है। यह न्यूरॉन्स को फ्री रेडिकल से नष्ट होने से भी बचाता है। हर बार डार्क चॉकलेट के सेवन करने से इसमें मौजूद फ्लेवनोल्स से मेमोरी में सुधार होता है। जो दिमाग के लिए फायदेमंद होती है।

किस तरह से करें चॉकलेट का सेवन: दिमाग और मूड को बूस्ट करने के प्रभाव को बढ़ाने के लिए कोको पाउडर या डार्क चॉकलेट का सेवन करें। हर कोको पाउडर में अलग-अलग मात्रा में फ्लेवनोल्स होते हैं। मगर 70 प्रतिशत कोको पाउडर और 30 प्रतिशत शुगर वाली चॉकेलट का सेवन शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है।यह मेमोरी में सुधार करने के साथ मूड में भी सुधार करती है। [ये भी पढ़ें: क्या है ज्यादा जरुरी: भावनात्मक समझदारी या मानसिक मजबूती]

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