बहुत ज्यादा आक्रामक होना है बॉर्डरलाइन पर्सनालिटी डिसऑर्डर

excessive aggression suggests borderline personality disorder

बॉर्डरलाइन पर्सनालिटी डिसऑर्डर एक गंभीर मानसिक विकार है, इसे आम भाषा में बी.पी.डी कहा जाता है। जो मूड, व्यवहार और किसी भी काम को करने के लिए में निरंतर अस्थिरता आने लगती है। बी. पी. डी. से ग्रसित व्यक्ति को क्रोध, अवसाद और चिंता का गहन अनुभव होता है, जो कुछ घंटों से लेकर कई दिनों से तक तरह है। इसके अतिरिक्त इस तरह के मानसिक विकार से पीड़ित व्यक्ति में मूड डिसऑर्डर, एंग्जायटी डिसऑर्डर और इटिंग डिसऑर्डर जैसे मानसिक विकार भी पाए जाते हैं।

बॉर्डरलाइन पर्सनालिटी डिसऑर्डर के कारण:
इस तरह के मानसिक के पीछे क्या कारण हो सकते हैं इसके बारे में ठीक से कुछ नहीं कहा जा सकता है। लेकिन कुछ ऐसे तथ्य गए हैं जिसके आधार पर इस तरह बॉर्डरलाइन पर्सनालिटी डिसऑर्डर के होने का अनुमान लागाया जा सकता है। जो इस प्रकार है:
* बालपन और किशोरावस्था में बहुत ज्यादा ख़राब अनुभव का सामना करना।
* कई बार इस तरह के मानसिक विकार में अनुवांशिक लक्षणों को भी जिम्मेदार ठहराया जाता है।
* बचपन बहुत ज्यादा तनाव के साथ गुजारने के कारण।
* बचपन में बहुत ज्यादा डर का सामना करने के कारण व्यक्ति को इस तरह मानसिक विकार हो सकता है।
* घर का बहुत ही कलह से भरा होने के कारण। [ये भी पढ़ें: एंग्जायटी से उबरने के लिए इन आसान से उपायों का लें सहारा]

बॉर्डरलाइन पर्सनालिटी डिसऑर्डर के लक्षण:
बहुत जल्दी गुस्सा आना और आक्रामक व्यवहार करना:
जिन लोगों को बीपीडी जैसी समस्या होती है उनमें बहुत किसी भी बात बहुत ही जल्दी गुस्सा आ जाता है और ऐसे लोगों का व्यवहार काफी आक्रमक हो जाता है। ऐसे में व्यक्ति एकदम से गुस्से में आ जाता है।

भावनाओं में काफी उतार चढ़ाव होना:
इस तरह के मानसिक विकार में व्यक्ति के अन्दर भावनात्मक रूप से उतार चढ़ाव देखने को मिलता है। इसमें व्यक्ति का मूड बहुत जल्दी बदल जाता है एक पल व्यक्ति बहुत ज्यादा खुश होता है और अगले ही पल व्यक्ति बहुत रोना शुरु कर देता है।

खुद को दोष देना:
ऐसे में व्यक्ति खुद को हमेशा दोषी ठहराता है। वह एक समय पर खुद को हर गलत काम या किसी भी कार्य में सफल न हो पाने की वजह से दोषी ठहराने लगता है। जिसे हम आम शब्दों में यह कह सकते है व्यक्ति में आत्मसम्मान और आत्मविश्वास की बहुत ज्यादा कमी होने लगती है। [ये भी पढ़ें: भीड़ से डरने वाले लोग हो सकते हैं एग्रोफोबिया के शिकार]

बॉर्डरलाइन पर्सनालिटी डिसऑर्डर की जांच एवं उपचार:
इस तरह के गंभीर मानसिक विकार की जांच के लिए मनोचिकत्सक पीड़ित व्यक्ति का शारीरिक परिक्षण और साक्षात्कार के जरिए किया जाता है। इसके साथ-साथ बॉर्डरलाइन पर्सनालिटी डिसऑर्डर की पुष्टि हो जाने के उपरांत ग्रसित व्यक्ति को अस्पताल में मनोचिकित्सक के देख-रेख में रखा जाता है।

उपयोग की शर्तें

" यहाँ दी गयी जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । यहाँ सभी सामग्री केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि यहाँ दिए गए किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है। अगर यहाँ दिए गए किसी उपाय के इस्तेमाल से आपको कोई स्वास्थ्य हानि या किसी भी प्रकार का नुकसान होता है तो lifealth.com की कोई भी नैतिक जिम्मेदारी नहीं बनती है। "