ज्यादा शक करते है तो हो सकते हैं पैरानॉयड पर्सनालिटी डिसऑर्डर के शिकार

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doubting on others might suggest a paranoid personality disorder

पर्सनालिटी डिसऑर्डर व्यक्ति के व्यक्तित्व से सीधे तौर पर जुड़ा होता है। इस तरह के मानसिक विकारों को तीन समूह में बांटा गया है। समूह ए-जो व्यवहार में विचित्र व्यवहार लाने से सम्बंधित है, समूह बी- जिसमें व्यक्ति के व्यवहार में नाटकीयता आ जाती है। समूह सी-जिसमें व्यक्ति के व्यवहार में बहुत ज्यादा डर देखने को मिलता है। पैरानॉयड पर्सनालिटी डिसऑर्डर, पर्सनाल्टी डिसऑर्डर के ए समूह का एक मानसिक विकार है। पैरानॉयड पर्सनालिटी डिसऑर्डर में व्यक्ति अपने सामने वाले व्यक्ति पर भरोसा नहीं कर पाता है। साथ ही साथ व्यक्ति दूसरे व्यक्ति की सोच और उसके इरादों पर बहुत ज्यादा शक करने लगता है। [ये भी पढ़ें:कहीं आपके डर का कारण एंग्जायटी डिसऑर्डर तो नहीं]

पैरानॉयड पर्सनालिटी डिसऑर्डर के कारण:
इस तरह के मानसिक विकार के पीछे मनोवैज्ञानिक कारण क्या है? इसके बारे में कहना जरा मुश्किल होगा। लेकिन इसके होने के पीछे ज्यादातर मनोचिकित्सक अन्य मानसिक विकार जैसे- भ्रम संबंधित मानसिक विकार (डेलूस्जनल डिसऑर्डर) को जिम्मेदार ठहराते है। इसके साथ-साथ इसके पीछे अनुवांशिकता को भी एक कारण माना जा सकता है। व्यक्ति के साथ बचपन में हुए बुरे अनुभवों के कारण भी देखने को मिलता है जिसके कारण वह किसी भी व्यक्ति पर ठीक से विश्वास नहीं कर पाता है और हमेशा शक करता है।

पैरानॉयड पर्सनालिटी डिसऑर्डर के लक्षण:
इस समस्या से जूझ रहे व्यक्ति समान्य लोगों के कही ज्यादा आत्मनिर्भर होता है। इसके साथ-साथ व्यक्ति के मूड में बहुत जल्दी बदलाव देखने को भी मिलता है। इन सब के अतिरिक्त पैरानॉयड पर्सनालिटी डिसऑर्डर से ग्रसित व्यक्ति में नीचे दिए गए निम्नलिखित लक्षण देखने को मिलते है जो इस प्रकार है-

  • दूसरों की सोच में खुद के प्रति धोका या विश्वासघात की बात सोचना।
  • दूसरों के पर बहुत जल्दी विश्वास नहीं करना।
  • खुद के लिए होने वाली आलोचनाओं को पसंद नहीं करना।
  • लोगों के साथ एक समूह में कार्य में बहुत ज्यादा दिक्कत होना।
  • एकदम से बहुत ज्यादा गुस्से में आ जाना और फिर एकदम से बहुत शांत व्यवहार करना।
  • हर वक्त दूसरों के प्रति बहुत ज्यादा शक करना।

पैरानॉयड पर्सनालिटी डिसऑर्डर की जांच:
इस तरह के मानसिक विकार में सबसे पहले मनोचिकत्सक व्यक्ति पहले के जीवन और उसके लक्षणों के बारें में पूछताछ करता है। इसके साथ-साथ वह शारीरिक निरिक्षण भी करता है। शुरुआत में इस तरह के कोई भी लक्षण नजर आने पर मनोचिकत्सक आगे विशेषज्ञ के पास व्यक्ति को भेजता है। जहां व्यक्ति की पूरी तरह से जांच की जाती है, जिसमें उसके बचपन की सभी बातों, स्कूल और काम के बारे में सभी प्रकार की जानकारी ली जाती है। इसके आधार पर आगे के इलाज के बारे में सोचा जाता है।

पैरानॉयड पर्सनालिटी डिसऑर्डर का उपचार:
व्यक्ति के लक्षणों की पुष्टि होने पर इसके उपचार के लिए विभिन्न पद्धतियों का सहारा लिया जाता है। इस तरह के मानसिक विकार में व्यक्ति को शतप्रतिशत ठीक कर दिया जाता है। ऐसे में मनोचिकत्सक टॉक थेरेपी और साइकोथेरेपी की जाती है। इसके अतिरिक्त इसके उपचार के लिए दवाओं का सहारा भी लिया जाता है। [ये भी पढ़ें: डिपेंडेंट पर्सनालिटी डिसऑर्डर: जिसमें हो जाते हैं लोग दूसरों पर आश्रित]

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