मानसिक रोगों को समझने से पहले जानिए उनके प्रकारों के बारे में

different types of mental disorder

व्यक्ति के मस्तिष्क से जुड़े रोगों को मानसिक रोग या मानसिक विकार भी कहा जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दुनिया में हर चार में से एक व्यक्ति मानसिक रोग से ग्रसित पाया जाता है। किसी भी व्यक्ति में मानसिक रोग पाए जाने के पीछे दो कारण हो सकते हैं, पहला यह कि इस तरह के रोग या विकार व्यक्ति में जन्म से ही पाए जाते हैं और दूसरा यह कि इस तरह के रोग होने के पीछे मस्तिष्क से जुड़े हार्मोंस में उम्र के साथ होने वाले बदलाव जिम्मेदार होते हैं या किसी दुर्घटना के कारण मस्तिष्क में होने वाली क्षति इनका कारण हो सकती है। इस तरह के रोग मानसिक विकार या उम्र के अनुसार होते हैं। तो आइए मानसिक रोग के अंतर्गत आने वाले रोग के बारें में जानते हैं।

एंग्जायटी डिसऑर्डर(Anxiety Disorders):
different types of mental disorderजिन लोगों में इस तरह का विकार पाया जाता है, उनमें यह देखा गया है कि वह किसी सामान्य सी परिस्थिति में भी बहुत ज्यादा घबरा जाते हैं, दिल की धड़कने बढ़ने लगती है और साथ ही बहुत ज्यादा पसीना भी आने लगता है। इस डिसऑर्डर से ग्रसित व्यक्ति अपनी बात को अभिव्यक्त नहीं कर पाता है। एंग्जायटी डिसऑर्डर से ऐसी ही समस्या उत्पन्न होने लगती है।

मूड डिसऑर्डर(mood disorder):
इस तरह के डिसऑर्डर से व्यक्ति बहुत ज्यादा प्रभावित होता है। इसके होने पर व्यक्ति अपने अंदर की भावनाओं को ठीक से व्यक्त नहीं कर पाते हैं। इसमें व्यक्ति को कब उदास होना है, कब खुश होना है, कब गुस्सा करना है और कब हंसना है, इस बात का पता ही नहीं चलता है। इसमें या तो व्यक्ति बहुत ज्यादा हंसने लगता है या फिर बहुत ज्यादा दुखी महसूस करने लगता है। [ये भी पढ़ें: डिपेंडेंट पर्सनालिटी डिसऑर्डर: जिसमें हो जाते हैं लोग दूसरों पर आश्रित]

साइकोटिक डिसऑर्डर(Psychotic Disorder):
इस तरह के विकार उत्पन्न होने के बाद व्यक्ति में किसी प्रकार की जागरुकता और न ही किसी प्रकार के विचारों को सोचने की क्षमता रहती है। इसके होने पर दो सबसे गंभीर लक्षण देखने को मिलते हैं –
पहला:- किसी ऐसी ध्वनि या फिर तस्वीर का अनुभव करना जो कि असल में नहीं होती है।
दूसरा:-किसी भी ऐसी बात को सत्य मान लेना जो कि सत्य नहीं है और न ही उसके होने का कोई प्रमाण हो।

ईटिंग डिसऑर्डर(Eating disorder):
different types of mental disorderइसके अंतर्गत व्यक्ति को खाने से सम्बंधित विकार उत्पन्न होने लगता है। इसमें वह बहुत ज्यादा खाना खाने लगता है। अपने वजन को लेकर इसमें बहुत ज्यादा संशय उत्पन्न होने लगता है। [ये भी पढ़ें: हमेशा बीमार महसूस करना हो सकता है गेंसर सिंड्रोम का लक्षण]

एडिक्शन डिसऑर्डर(Addiction disorder):
यह विकार व्यक्ति के लिए बहुत ज्यादा घातक साबित हो सकता है, इसमें व्यक्ति को किसी भी चीज से बहुत ज्यादा लगाव हो जाता है। इसमें कोई भी चीज शामिल हो सकती है फिर चाहे वह शराब हो या फिर किसी तरह की दवाइयां हो।

पर्सनालिटी डिसऑर्डर(personality disorder):
different types of mental disorderइस तरह का विकार उत्त्पन्न हो जाने के बाद व्यक्ति का व्यक्तित्व पूरी तरह से बदलने लगता है, इसमें वह एक साथ दो तरह के व्यक्तित्व में जीने लगता है। यह विकार व्यक्ति के कार्यस्थल, घर या अन्य किसी तरह से हो रही समस्या के कारण होने लगता है।

ओब्सेसिव-कम्पल्सिव डिसऑर्डर(Obsessive compulsive disorder):
जिन लोगों में यह मानसिक विकार उत्पन्न होने लगता है उनमें किसी भी चीज के बारें सोचने की शक्ति कम होने लगती है और ऐसा उनके दैनिक कार्यों के कारण होने लगता है। ऐसा होने पर व्यक्ति को बिना किसी कारण के ही जर्म्स का डर उत्पन्न होने लगता है, वह बार-बार अपने हाथों को धोने लगता है।

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