हमेशा बीमार महसूस करना हो सकता है गेंसर सिंड्रोम का लक्षण

causes symptoms and treatment of ganser syndrome

गेंसर सिंड्रोम, फैक्टिटियस डिसऑर्डर का एक प्रकार है जो कि एक मानसिक विकार है। जिसके होने पर व्यक्ति को लगता है कि वह शारीरिक और मानसिक रूप से बहुत ज्यादा बीमार है जो असल में नहीं होता है। इस तरह के मानसिक विकार से ग्रसित व्यक्ति अपने आप को काफी ज्यादा मानसिक रूप से विकृत मानते हैं। उनके व्यवहार में इस के लक्षण दिखाई देने लगते हैं। इस समस्या से पीड़ित व्यक्ति अपने आपको बहुत ज्यादा बीमार तो समझता ही है इसके साथ-साथ बहुत सी दवा का सेवन करने लगता है और जिस आभासी बीमारी के बारें में वो सोचता है उनकी जांच भी करवाता है। इन सबसे के पीछे एक और कारण माना जाता है कि व्यक्ति बहुत ज्यादा दूसरों कि अटेंशन चाहता है और उनकी सहानुभूति भी चाहता है। इस तरह का मानसिक विकार, भावनात्मक विकार से जुड़ा होता है। आइए जानते हैं इस विकार से जुड़ी अन्य बातों के बारें मे।[ये भी पढ़ें: जानिए क्या है अवॉयडेंट पर्सनालिटी डिसऑर्डर]
गेंसर सिंड्रोम के कारण:
causes symptoms and treatment of ganser syndrome
इस तरह के मानसिक विकार उत्पन्न होने के पीछे जो सबसे अहम कारण माना जाता है वो है बहुत ज्यादा तनाव में रहना, जो लोग काफी समय से तनाव की परेशानी से जूझ रहें हैं या जिन्हें मेजर डिप्रेशन होता है उनमें यह मानसिक विकार समय के साथ-साथ होने लगता है। इसके साथ-साथ वह व्यक्ति जो बहुत ज्यादा अपनी जिम्मेदारियों और दायित्वों से भागता है (जो खुद एक मानसिक विकार है) और किसी भी प्रकार का जिम्मेदारियों को न लेने के लिए इस तरह की मानसिकता अपने भीतर उत्पन्न करता है। इसके साथ-साथ वह व्यक्ति भी जिसे बहुत ज्यादा शराब पीने की लत हो, दिमाग में किसी प्रकार की चोट के कारण भी यह विकार उत्पन्न होने लगता है।
गेंसर सिंड्रोम के लक्षण:
causes symptoms and treatment of ganser syndromeगेंसर सिंड्रोम से ग्रसित व्यक्ति काफी ज्यादा अजीब व्यवहार करता है। वह यह ऐसा दर्शाता है कि सामने वाले व्यक्ति को लगे कि वह बहुत ज्यादा गंभीर रूप से मानसिक विकार से पीड़ित है। इस तरह के मानसिक विकार के कारण व्यक्ति बहुत ज्यादा कन्फ्यूजन में रहता है, किसी भी काम को पूरा करने में वह बहुत ज्यादा संशय में रहता है। इसके साथ-साथ इस विकार से पीड़ित व्यक्ति को वार्बियरेन होने की संभावना होती है इसके होती है। वार्बियरेन, एक प्रकार की मानसिक समस्या है जब व्यक्ति किसी भी आसान से सवाल का उत्तर बहुत ही अतर्किक देता है। गेंसर सिंड्रोम के कारण कई बार इससे ग्रसित व्यक्ति को हिस्टोरिकल पैरालिसिस होने की संभावना होती है, जिसमें व्यक्ति शरीर के किसी अंग को हिला नहीं पता है या उससे काम नहीं कर पाता है।[ये भी पढ़ें: बॉडी डायस्मोरिक डिसऑर्डर से लोग कैसे और क्यों होते हैं ग्रस्त]
गेंसर सिंड्रोम की जांच:
causes symptoms and treatment of ganser syndrome
इस तरह के मानसिक विकार की जांच के लिए मनोचिकित्सक पीड़ित व्यक्ति की शारीरिक जांच की जाती है, जिसमें उसके दिमाग पर लगे चोटों की जांच होती है। इसके साथ-साथ इस समस्या से जूझ रहे हैं व्यक्ति में इस विकार के लक्षणों को पहचान कर इसकी जांच की जाती है।
गेंसर सिंड्रोम का उपचार:  गेंसर सिंड्रोम जैसे मानसिक विकार के उपचार का सबसे पहला लक्ष्य यह होता है कि पीड़ित व्यक्ति को किसी भी प्रकार की हानि न हो और साथ-साथ इसके इस तरह के मानसिक विकार के उपचार के लिए व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती भी करवाया जाता है। इसके अलावा व्यक्ति के काउंसलिंग के माध्यम से उसे ठीक किया जाता है। कई बार जब समस्या बहुत ज्यादा होती है तो व्यक्ति के लिए दवाओं का सहारा लिया जाता है।[ये भी पढ़ें: मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ाने के लिये करें इन बातों का पालन]

उपयोग की शर्तें

" यहाँ दी गयी जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । यहाँ सभी सामग्री केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि यहाँ दिए गए किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है। अगर यहाँ दिए गए किसी उपाय के इस्तेमाल से आपको कोई स्वास्थ्य हानि या किसी भी प्रकार का नुकसान होता है तो lifealth.com की कोई भी नैतिक जिम्मेदारी नहीं बनती है। "