खुद से बात करने से क्या फायदे होते हैं

benefits of talking to yourself

खुद से बात करना से मतलब अपने आप को अंटेशन देना होता है। क्योंकि जीवन में आप जिसे सबसे कम समय देते हैं वह आप खुद होते हैं। जब आप कुछ गलत करते तो उसके बारे में खुद से बात करते समय आपको बुरा लगता है। लेकिन जब आप खुद से सकारात्मक बातें करते हैं तो इससे आपके मूड में बदलाव होता है। जो आपको शांत रहने में मदद करता है। आपके आस-पास कोई ना होने पर खुद से बात करके खुद को मोटिवेट कर सकते हैं। यह सुनने में अजीब लगता है लेकिन यह काफी मददगार होता है। मोटिवेट होने के बाद आप अपने कार्य को बेहतर तरीके से कर सकते हैं। आप किस तरीके से खुद से बात करते हैं यह भी आप पर निर्भर करता है यह आपको सकारात्मक या नकारात्मक बना सकता है। इसलिए जब भी खुद से बात करें तो एक तीसरे व्यक्ति की तरह बात करें। तो आइए आपको खुद से बात करने के फायदों के बारे में बताते हैं। [ये भी पढ़ें: नकारात्मक विचार भी आपके लिए फायदेमंद हो सकते हैं, जाने कैसे]

अपने विचारों को समझ पाना: कभी-कभी हमारा दिल कुछ और कहता है तो दिमाग कुछ और कहता है। इस दौरान व्यक्ति कई चीजों के बीच में फंस जाता है। क्या कभी आपने खुद को बिना किसी कारण के रोते हुए देखा है? अगर हां तो यह समय होता है कि आप खुद से बात करें ताकि आपको समझ आए कि आपके दिमाग में क्या विचार चल रहे हैं और आपके लिए क्या सही है।

फोकस में सुधार होता है: कई लोगों के खुद से बात करने से बाद फोकस बेहतर होता है। आपने कई लोगों को बड़बड़ाते हुए देखा होगा। तो वह उस दौरान खुद से बात कर रहे होते हैं ताकि उनका फोकस बढ़ सके। खुद को मोटिवेट करके फोकस में सुधार लाया जा सकता है। [ये भी पढ़ें: साइकोलॉजी टिप्स जो आपको आकर्षण का केंद्र बनाते हैं]

अपनी बात बताने के लिए किसी की जरुरत नहीं होती है: जब भी खुद से बात करें तो एक बेस्ट फ्रेंड की तरह बात करें। ऐसा करने से आपको खुद के साथ बॉंड बेहतर होता है। ऐसा करने से आपको सुरक्षित महसूस होने लगता है। जिसकी वजह से आपको किसी बाहरी स्त्रोत या रिश्ते की जरुरत नहीं होती है। जिससे आप अपनी बात कर सकें। साथ ही आपको उस रिश्ते के लिए खुद को बदलने की जरुरत नहीं होती है।

आत्म सम्मान बढ़ता है: अगर आपको किसी से बात करने में दिक्कत होती है। या आप किसी मुद्दे पर बात नहीं कर पाते हैं। खुद से बात करें कि आपको बात करने में क्या चीज दिक्कत कर रही है। जब आपको अपनी कमी के बारे में पता चल जाता है तो उसे सुधार कर आप खुद को बात करने योग्य बना सकते हैं। ऐसा करने से आपका आत्म-सम्मान बढ़ता है।

मोटिवेट होते हैं: हर व्यक्ति को समय-समय पर मोटिवेशन की जरुरत होती है। लेकिन हर बार जरुरी नहीं है कि आपको आकर कोई मोटिवेट करें। इसके लिए सबसे बेहतर उपाय है कि आप खुद से मोटिवेशनल बातें करें। ऐसा करने से अपने लक्ष्य को पाने में आसानी मिलती है। साथ ही आपके रिश्तों में भी सुधार आने लगता है। [ये भी पढ़ें: कई तरह के डर से बाहर आने के लिए टिप्स]

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