मेडिटेशन करते समय हाथों और अंगुलियों की मुद्रा कैसे रखें

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position of hands and fingers during meditation

दिमाग और शरीर दोनों को शांत रखने के लिए मेडिटेशन करना सबसे बेहतर उपाय है। अगर इसे सही तरीके से किया जाए तो इसके परिणाम काफी अच्छे होते हैं। आपको सकारात्मकता और शांति का अनुभव होता है। इसका अभ्यास करते समय आपको कई चीजों का ध्यान रखना भी जरुरी होता है। ज्यादातर मेडिटेशन बैठ कर किया जाता है। इस दौरान आपकी अंगुली और हाथों की पोजीशन ठीक होना जरुरी होता है। मेडिटेशन करते समय हाथों की मुद्रा ठीक होने पर आपकी ब्लॉक हुई ऊर्जा मुक्त हो जाती है। यह मुद्राएं मेडिटेशन के दौरान एकाग्रता बढ़ाने में मदद करता है। तो आइए आपको मेडिटेशन के दौरान कौन सी मुद्राएं की जा सकती हैं के बारे में बताते हैं। [ये भी पढ़ें: बुरे वक्त में खुद को संभालने के लिए चेतना कैसे मददगार है]

ज्ञान मुद्रा:
मेडिटेशन करते समय ज्ञान मुद्रा हमेशा इस्तेमाल की जाती है। इस करने के लिए सबसे पहले आराम से बैठ जाएं। अपने हाथ को आराम देते हुए कलाई को अपने घुटने पर रखें। उसके बाद तर्जनी अंगुली को अपने अंगूठे से टच कराएं। यह मुद्रा ज्ञान को बढ़ाने और शांत रहने में मदद करता है। इसमें बदलाव करके ऊर्जा को सक्रिय किया जा सकता है।

वायु मुद्रा:
position of hands and fingers during meditation इसे करने के लिए सबसे पहले अपनी तर्जनी अंगुली को मोड़कर हथेली पर रखें उसके बाद तर्जनी अंगुली पर अंगूठे को रख दें और आराम से अंगुली को दबाएं। ऐसा करने से शरीर के भीतर हवा के तत्व कम होते हैं साथ ही चिंतित दिमाग को शांत करने में मदद करता है। [ये भी पढ़ें: सहज योगा मेडिटेशन के तरीके और उसके लाभ]

शून्य मुद्रा:
अगर आपके शरीर के कई अंग सुन्न हो जाते हैं तो उसके लिए मेडिटेशन में हाथों की मुद्रा की मदद से ठीक किया जा सकता है। इसे करने के लिए मध्यमिका अंगुली को मोड़कर हथेली से टच कराएं। उसके बाद अंगूठे को इस अंगुली के ऊपर रखें। अंगूठा रखने के बाद इसे आराम से दबाएं।

बुद्धि मुद्रा:
position of hands and fingers during meditation बातचीत की शक्ति को मजबूत करने के लिए बुद्धि मुद्रा का इस्तेमाल किया जाता है। इसे करने के लिए आराम से बैठ जाएं। उसके बाद दोनों हाथों को आराम देते हुए कलाईयों को घुटनों पर रख दें। कनिष्ठा अंगुली की टिप्स को अंगूठे की टिप्स से टच कराएं। ऐसा रोजाना करने से यह सहज और स्पष्ट होने के लिए आपके संचार की मदद कर सकती है। [ये भी पढ़ें: थर्ड आई मेडिटेशन करने के तरीके और उसके लाभ]

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