मेडिटेशन को अपनी दिनचर्या में कैसे शामिल करें

how to make meditation a daily habit

दिमाग और मन दोनों को शांत रखने में मेडिटेशन मददगार होता है। मेडिटेशन करने से आपको पूरे दिन ऊर्जावान रहने में मदद मिलती है। साथ ही यह भावनाओं पर नियंत्रण रखने में मददगार होता है। मेडिटेशन से कई फायदे होते हैं जिसमें से एक आपको शांत इंसान बनाने में मदद करना है। मेडिटेशन आपको गुस्से पर कंट्रोल करने में भी मदद करता है। शांत रहने के लिए आपको रोजाना मेडिटेशन करना जरुरी होता है। इसके फायदे बेहतर रुप से तभी दिखते हैं जब आप इसे रोज करने लगते हैं। अगर आप इसे अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल नहीं कर पा रहे हैं तो आपको इसके फायदे सही तरीके से प्राप्त नहीं हो पाते हैं। कुछ तरीकों की मदद से मेडिटेशन को अपनी दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है। तो आइए आपको कुछ तरीके बनाते हैं जो मेडिटेशन को दिनचर्या में शामिल करने में मदद कर सकते हैं। [ये भी पढ़ें: बुरे वक्त में खुद को संभालने के लिए चेतना कैसे मददगार है]

शुरुआत में थोड़े समय करें: यह मिथक है कि लंबे समय तक मेडिटेशन करने से इसके ज्यादा फायदे मिलते हैं। लेकिन ऐसा कुछ नहीं है आप रोज 5 मिनट प्रभावी तरीके स मेडिटेशन करके इसके फायदे प्राप्त कर सकते है।किसी नई आदत को अपनी दिनचर्या में शामिल करने में मसमय लगता है। आप उसे लंबे समय तक नहीं कर पाते हैं। इसलिए शुरुआत में थोड़े समय तक ही मेडिटेशन करें।

मेडिटेशन करने के लिए समय निर्धारित करें: किसी भी चीज को रोजाना करने के लिए आपको उसके लिए समय निर्धारित करना जरुरी होता है। जब आप मेडिटेशन करने का समय निर्धारित कर लेंगे तो यह जीवन में लंबे समय तक आपकी आदत बनी रहेगी और आप मेडिटेशन करना भूलेंगे भी नहीं। [ये भी पढ़ें: सहज योगा मेडिटेशन के तरीके और उसके लाभ]

ऐप की मदद लें: आप रोजाना मेडिटेशन करके बोर भी हो सकते हैं या एक ही तरह से मेडिटेशन करने में आपका मन भी नहीं लगेगा। इसके लिए आप ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें आप कई तरीकों की मदद से मेडिटेशन कर सकते हैं। जो शरीर को शांत करने में आपकी मदद करेगी।

मेडिटेशन के तरीके में बदलाव करें: जब आप कोई काम रोजाना करते हैं तो उसमें बदलाव करना जरुरी होता है। अगर आप यह बदलाव नहीं करते हैं तो मेडिटेशन का कोई असर नहीं होता है और आप कुछ समय बाद मेडिटेशन करना बंद कर देते हैं। जिसकी वजह से यह आपकी दिनचर्या में शामिल नहीं हो पाता है। इसलिए रोजाना मेडिटेशन में बदलाव करके इसे दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है।

ध्यान रखें कि आप मेडिटेशन को क्यों कर रहे हैं: रोजाना मेडिटेशन करने के लिए मोटिवेशन की जरुरत होती है। इसलिए हमेशा इस बात को ध्यान रखएं कि आप मेडिटेशन क्यों कर रहे हैं। ऐसा करने आप इसे करना बंद करने से सोचते हैं। जब आपको मेडिटेशन करने के कारण पता होते हैं और फायदों के बारे में पता चलता है तो इसे दिनचर्या से हटाते नहीं हैं। [ये भी पढ़ें: मेडिटेशन करते समय हाथों और अंगुलियों की मुद्रा कैसे रखें]

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