मेडिटेशन कैसे आपकी चेतना को करता है प्रभावित

how meditation affects your consciousness

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यह सही है कि हम अपने चेतना या जागरूकता के स्तर को बढ़ा सकते हैं, लेकिन फिर सवाल उठता है कि किस चीज़ के जरिए ऐसा हो सकता है। खुद को हर तरह से जागरूक और बौद्धिक रखने के लिए हर व्यक्ति को मेडिटेशन करने की सलाह दी जाती है। मेडिटेशन के ज़रिए आप अपनी जानकारी, गहन विचारों के स्तर, संवेदी धारणा और मनोवैज्ञानिक और शारीरिक क्षमता को भी बढ़ा सकते हैं। मेडिटेशन हमारे शरीर और हमारी चेतना में क्या सकारात्मक बदलाव लाता है? आइए जानते हैं।

1.मेडिटेशन से आप सक्रिय रहते हैं:
मेडिटेशन आपको चिंता और तनाव से मुक्त करने में आपकी मदद करता है और इसके कारण आप अपने काम के प्रति अधिक जागरूक रहते हैं। आप कई अन्य गतिविधियों में खुद को शामिल कर पाते हैं और साथ-साथ आप रचनात्मक कार्य भी करने लगते हैं। मेडिटेशन करने से आप अपने काम में सक्रिय भी रहते हैं।

2.मंथन करने के लिए मेडिटेशन:
how meditation affects your consciousnessहमारे दिमाग में हर समय बहुत सारी बातें घुमती रहती हैं और जब हम सोचते हैं तो यह विचार और ज़्यादा बढ़ जाते हैं। अगर एक समय में मन में बहुत सारी भावनाएं आती हैं तो अत्यधिक बेचैनी होने लगती है। मेडिटेशन के द्वारा आपमें इन भावनाओं पर मंथन करने की क्षमता मिलती है। [ये भी पढ़ें : जीवन में अच्छे बदलावों के लिए जरुरी है मेडिटेशन]

3.विचलित मन के लिए मेडिटेशन:
हमारे मन में हर समय बहुत सारे ख्याल आते रहते हैं जिसकी वजह से मन अत्यधिक विचलित रहता है। मेडिटेशन करने से आप अपने सांसों को नियंत्रित कर सकते हैं जिसके कारण आपका मन भी शांत रहता है और आपके दिन-प्रतिदिन की गतिविधियों में एक अविश्वसनीय जागरूकता देखने को मिलती है। मेडिटेशन करने से अपका मन हमेशा शांत और खुश रहता है।

4.मेडिटेशन आपके भावनाओं को नियंत्रित रखता है:
क्या आपको लगता है कि आप अपने भावनाओं पर नियंत्रण नहीं कर पाते हैं, बहुत जल्दी भावुक और जज्बाती हो जाते हैं, कई बार इससे आपको बहुत दुख भी पहुंचता है। अगर आप चाहते हैं कि आपको इस तरह की भावनाएं परेशान ना करें तो मेडिटेशन करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। [ये भी पढ़ें : तनाव से मुक्ति चाहिए तो अपनाइएं मेडिटेशन]

5.वैज्ञानिक रूप से चेतना को मांपने के लिए मेडिटेशन:
हालांकि वैज्ञानिक अभी तक चेतना के वास्तविक मूल को पूरी तरह से समझ नहीं पाए हैं। कई लोग यह भी मानते हैं कि व्यक्ति के दिमाग को मापा जा सकता है। उदाहरण के लिए मेडिटेशन के दौरान थीटा और डेल्टा ब्रेनवॉव अधिक महत्वपूर्ण बन जाते हैं।

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