मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए सांसों से संबंधित एक्सरसाइज क्यों है फायदेमंद

how does breathing exercises help you physically and mentally

सांसों से संबन्धित एक्सरसाइज मानसिक रूप से फिट रहने के लिए जरुरी माना जाता है। इस तरह की एक्सरसाइज को योग और मेडिटेशन के साथ किया जाता है। इसके अंतर्गत कई तरह से सासों के माध्यम से व्यक्ति के मस्तिष्क में होने वाले हार्मोनल बदलावों को नियंत्रित किया जाता है, साथ ही साथ उन हार्मोन्स के स्राव को कम किया जाता है जिसकी वजह से व्यक्ति को तनाव, डिप्रेशन और एंग्जायटी जैसे मानसिक विकार होने की संभावना होती है। [ये भी पढ़ें: तनाव से मुक्ति चाहिए तो अपनाइएं मेडिटेशन]

श्वास संबंधी एक्सरसाइज का मानसिक और शारीरिक स्वास्थ से जुड़े फायदें:

एंड्राफिन के स्राव में सहायक होता है:
एंड्राफिन एक प्रकार का हार्मोन है जिसके स्राव से कोई भी बहुत तनावमुक्त और शांत रहता है। श्वास संबंधित एक्सरसाइज के जरिए इस तरह के हार्मोन्स के स्तर को बढ़ाया जा सकता है।

मांसपेशियों को आराम देता है:
खिंचाव की समस्या से जूझ रहे व्यक्ति के लिए इस तरह की एक्सरसाइज करना काफी फायदेमंद माना है। ऐसा इसलिए क्योंकि जब भी कोई व्यक्ति काम के बाद बहुत ज्यादा थक जाता है, तब उनकी मांसपेशियों में दर्द होने लगता है, ऐसे में व्यक्ति के मांसपेशियों में सूजन हो जाती है। इस सूजन को कम करने में के लिए श्वास संबंधित एक्सरसाइज काफी मदद करता है। [ये भी पढ़ें:जानें सही तरीके से मेडिटेशन करना क्यों है जरुरी]

शरीर में ऑक्सीजन की कमी को पूरा करता है:
जब भी हम सांस लेते हैं, हमारे फेफड़ों के माध्यम से हमारे शरीर में ऑक्सीजन जाता है और फिर रक्त में मिल कर शरीर की सभी कोशिकाओं का तक पहुंचता है। इस तरह के एक्सरसाइज में जब व्यक्ति गहरी सांसे लेता है तब सामान्य से ज्यादा शरीर में ऑक्सीजन की अधिक मात्रा शरीर की सभी कोशिकाओं तक पहुंचती है। जो शरीर के लिए लाभदायक होता है इससे शरीर की क्षमता बढ़ती है।

ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है:
शरीर में रक्त का सही रूप से संचारित ना होने के कारण कई तरह की समस्याएं होने की संभावना होती है। ऐसे में श्वास संबंधित एक्सरसाइज करके व्यक्ति शरीर में होने वाले रक्त संचार को ठीक तरीके से नियंत्रित कर सकता है।

श्वास संबंधी एक्सरसाइज के प्रकार:
इस तरह की एक्सरसाइज को करने के लिए व्यक्ति को कुछ मिनटों की आवश्यकता होती है, जिसे योग और मेडिटेशन के साथ किया जा सकता है। लेकिन इसके कुछ प्रकार भी हैं जो इस प्रकार हैं-

  • आधारभूत श्वास एक्सरसाइज।
  • गहरी श्वास के माध्यम से किया जाने श्वास एक्सरसाइज (खास तौर पर बच्चों और वयस्कों के लिए)
  • सांस और विज़ुअलाइज़ेशन श्वास एक्सरसाइज।
  • कराटे श्वास मेडिटेशन।
  • श्वास के साथ बाथ मेडिटेशन। [ये भी पढ़ें- विज्ञान ने बताया, मेडिटेशन करना क्यों है जरुरी]
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