नकारात्मकता के शिकार व्यक्ति में दिख सकते हैं ये लक्षण

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दिमाग के कई अलग-अलग हिस्से होते हैं जिनका काम अलग-अलग होता है। ठीक उसी तरह हमारी भावनाओं और विचारों को नियंत्रित करने के लिए हमारे दिमाग का एक अहम हिस्सा कार्य करता है जिसे हिप्पोकैम्पस कहा जाता है। इस हिस्से में कोर्टिसोल नामक हार्मोन के स्तर में असंतुलन होने के कारण व्यक्ति के भीतर नकारात्मक विचार और भावनाएं जन्म लेने लगती है। नकारात्मक किसी भी व्यक्ति के लिए ठीक नहीं माना जाता है, क्योंकि इस तरह के विचार उत्पन्न होने पर व्यक्ति आन्तरिक रूप से शांत नहीं रह पाता है। जब भी किसी व्यक्ति के भीतर नकारात्मक विचार जन्म लेना शुरू करते हैं तो उसके स्वभाव और व्यवहार में कुछ अलग तरह के लक्षण और संकेत नजर आने लगते हैं, आइए जानते है उन लक्षणों के बारे में।[ये भी पढ़ें: नकारात्मक परिस्थिति में भी कैसे रखें सकारात्मक सोच बरकरार]

1.व्यक्ति के स्वाभाव में चिंता की भावना नजर आने लगती है: जब व्यक्ति के भीतर नकरात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ जाता है तब व्यक्ति अलग तरह की चिंता से ग्रसित रहने लगता है। ऐसे में व्यक्ति छोटी-छोटी बातों में अपनी चिंता व्यक्त करने लगता है। जिसके कारण उसका कोई भी काम ठीक से नहीं हो पाता है। साथ ही वह परिस्थितियों से भागने लगता है, वह अपनी समस्याओं का समाना किये बिना, उसे सुलझाये बिना ही बस इस चिंता में रहता है ऐसा उसके साथ हुआ क्यों।

2.हमेशा दूसरों को यह बताने लगना कि वह क्या करने जा रहे हैं: दूसरों को यह बताना कि आप आने वाले समय में क्या करने जा रहे हैं, तो भी यह एक संकेत है कि आपके स्वाभाव में नकारात्मकता आ चुकी है। ऐसे में व्यक्ति दूसरों को अपने भविष्य की योजनाएं जैसे- नौकरी बदलने की बात या नया घर लेने की बात आदि बताने लगता है। इस तरह के लक्षण या संकेत का पता व्यक्ति को खुद भी नहीं होता है। ऐसे में व्यक्ति दूसरों को यह बताना चाहता है कि वह उनसे आगे हैं, जो कि एक नकारात्मक भावना है।[ये भी पढ़ें: दुख की परिस्थियों में भी खुद को कैसे खुश रखें]

3.व्यवहार में निराशा के भाव: जो लोग सकारात्मक होते हैं, उसका पता उनकी बातों से लगने लगता है। ठीक इसी तरह जो लोग नकारात्मक होते हैं उसका पता भी व्यक्ति कि बातों से लग जाता है। इस एक लक्षण से यह आसानी से जांच सकते हैं कि व्यक्ति नकारात्मक हैं या नहीं। इस तरह के लक्षण में व्यक्ति हर बात पर निराश हो जाता है और उससे पीछा छुड़ाने की फ़िराक में रहता है। उदहारण के लिए अपने काम से खुश न होने के कारण व्यक्ति उसमें सुधार करने के बजाए उससे निराश हो कर उसे छोड़ देता है। जो कि एक नकारत्मक व्यक्ति की पहचान है।

4.बहुत ज्यादा शिकायत करने लगाना: जब व्यक्ति जरूरत से ज्यादा शिकायत करने लगे तो उसके विचार और व्यवहार में नकारात्मकता नजर आने लगती है। यह एक संकेत हैं कि आप बहुत ज्यादा नकारात्मक हो चुके है। ऐसे में व्यक्ति बहुत हर एक बात पर खुद को सही साबित करने के लिए शिकायत करने लगता है। जैसे कि यदि कोई व्यक्ति सही समय पर कार्य को कर लेता है तो भी वह व्यक्ति उसमें कुछ न कुछ गलतियां निकाल कर उसकी शिकायत करता है।

5.हर बात में ‘लेकिन’ शब्द का प्रयोग करने लगना: बहुत से ऐसे लोग होते हैं जो लेकिन जैसे शब्दों का बहुत ज्यादा प्रयोग करते हैं। ऐसा करना नकारात्मकता का एक लक्षण हैं। ऐसे में व्यक्ति अच्छे से अच्छे कार्य में लेकिन लगाना शुरू कर देता है। जिसके कारण सामने वाले व्यक्ति के भीतर आत्मविश्वास कम होने लगता है।[ये भी पढ़ें: जानें सब कुछ होकर भी क्यों नहीं रह पाते हैं आप खुश]

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