अपनी खुशी के लिए दूसरों पर निर्भर होना कैसे बंद करें

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do not depend on others for your happiness

अपनी खुशी(Happiness) के लिए दूसरों पर नहीं बल्कि खुद पर निर्भर हों।

हर कोई व्यक्ति जीवन में खुश रहना चाहता है। जिसके लिए वह तरीका और ट्रिक्स अपनाने से पीछे नहीं हटता है। हालांकि कुछ लोग अपनी खुशियों के लिए कुछ गलती कर बैठते हैं। वह अपनी खुशी के लिए खुद से ज्यादा दूसरों पर निर्भर होने लगते हैं। खुशी अपने अंदर से आती है आप इसके लिए किसी और परनिर्भर नहीं हो सकते हैं। यह बात सच है कि सकारात्मक लोगों के साथ रहने से आपकी खुशी बढ़ जाती है और आप अच्छा महसूस करते हैं लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप अपनी खुशी के लिए उन पर निर्भर रहने लगें। अपनी खुशी के लिए खुद पर निर्भर हों और क्योंकि दूसरों से हमेशा आपको खुशी मिले ऐसा जरुरी नहीं होता है। तो आइए आपको बताते हैं कि अपनी खुशी के लिए क्यों किसी और पर निर्भर होना कैसे रोके। [ये भी पढ़ें: 30 सेकंड में कैसे मूड को बेहतर करें]

अपनी खुशी(Happiness) के लिए दूसरों पर निर्भर होना कैसे बंद करें

खुद के साथ सहज महसूस करें
अपनी क्षमता को जाने
दूसरों के पीछे भागना बंद करें
खुद को स्वीकारें

खुद के साथ सहज महसूस करें: अपनी खुशी के लिए दूसरों पर निर्भर होने से बचने के लिए सबसे पहले खुद के साख सहज महसूस करना सीखें। जब तक आप खुद के साथ सहज महसूस नहीं करेंगे खुश नहीं रह पाएंगे। खुद के साथ समय बिताएं और अपनी सराहना करें। अकेले समय बिताने से क्या फायदे होते हैं जानने के लिए क्लिक करें।

अपनी क्षमता को पहचाने:

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अपनी खुशी(happiness) के लिए अपनी क्षमताओं को पहचानना शुरु कर दें।

अपने कौशल और क्षमताओं पर भरोसा करना सीखें। अपनी खुशी के लिए दूसरों पर निर्भर होने से खुद को रोकने के लिए यह जरुरी होता है। अपनी क्वालिटी पर गर्व महसूस करें और उन्हें सुधारने की कोशिश करें।

दूसरों के पीछे भागना बंद करें: जब आप अपनी खुशी के लिए दूसरों के पीछे भागत रहते हैं तो आप जरुरतमंद दिखने लगते हैं। जो आपके व्यक्तित्व के लिए ठीक नहीं होता है। इसलिए अपनी खुशी के लिए लोगों के पीछे ना भागें।

खुद को स्वीकारें:

do not depend on others for your happiness
जब तक आप खुद को स्वीकारते नहीं है तब तक आप खुश(happy) नहीं रह पाते हैं।

अपने में खुशी ना ढूंढ पाने के पीछे का सबसे बड़ा कारण यह होता है कि व्यक्ति खुद को जैसा है वैसा स्वीकारता ही नहीं है। अपने जीवन से शिकायत करना बहुत आसान होता है लेकिन अपनी खामियों के साथ खुद को स्वीकारना ही असली जीवन जीना होता है। जब आप खुद से प्यार करने लगते हैं तो आपको अपनी खुशी के लिए किसी और पर निर्भर रहने की जरुरत नहीं होती है। [ये भी पढ़ें: काम के समय में खुद को कैसे खुश रखें]

अपनी खुशी के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं हों। अपनी खुशी की शुरुआत खुद से करें ताकि आपको किसी और कि जरुरत नहीं पड़ती है। इसका मतलब यह नहीं है कि आप लोगों से बात करना ही बंद कर दें। इस आर्टिकल को इंग्लिश(English) में भी पढ़ें।

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