अपने अंदर सकारात्मकता अनुपात बढ़ाने के लिए क्या करें

how to increase your positivity ratio

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व्यक्ति की सकारात्मक सोच उसे तनाव और नकारात्मक विचारों को दूर करके काम पर फोकस करने में मदद करती है। यह समस्याओं को दूर करने के लिए फायेदमंद होता है। कभी-कभी यह सकारात्मक भावनाएं नुकसान भी कर सकती हैं अगर इन्हें सही तरीके से खुद पर अप्लाई ना किया जाए। सकारात्मकता पर ध्यान रखने के लिए आपका अपने अंदर इसे बढ़ाना जरुरी होता है। जितना इसके अनुपात में बढ़ोत्तरी होगी उतना ही खुश रहा जा सकता है। इसके लिए सबसे पहले यह जानना जरुरी होता है कि सकारात्मकता अनुपात काम कैसे करता है। तो आइए आपको बताते हैं कैसे सकारात्मकता के अनुपात को कैसे बढ़ाया जा सकता है। [ये भी पढ़ें: कुछ लोग खुद को अधिक संतुष्ट कैसे रख पाते हैं]

सकारात्मक अनुपात कैसे काम करता है:
सकारात्मक सोच के लिए आपको ज्यादा काम करने की जरुरत नहीं होती है । सकारात्मकता आपके मूड को अच्छा बनाकर आपकी मानसिक स्थिति में सुधार लाने में मदद कर सकती है। इससे व्यक्ति को मोटिवेशन मिलती है और किसी भी काम को करने में मन लगने लगता है। जब इस स्थिति में व्यक्ति पहुंच जाता है तो उसे वह अवसर दिखने लगते हैं जिसे उसने पहले छोड़ दिया होता है। साथ ही दुनिया और भी सुंदर लगने लगती है। तनाव को प्रबंधित करके गलती करने की संभावना भी कम हो जाती है। जब एक बार आप सकारात्मकता महसूस करने लगते हैं तो नकारात्मक विचार अपने आप बाहर जाने लगते हैं और आपको हल्का महसूस होने लगता है।

कितनी सकारात्मकता की जरुरत होती है:
जब आपका मूड नकारात्मकता से तीन गुना ज्यादा सकारात्मक होता है तो पॉजिटिविटी का अनुभव होने लगता है। 3:1 के अनुपात पर ध्यान रखकर जीवन में अच्छी चीजों का अनुभव किया जा सकता है। ऐसा करने से आप आशावादी, सराहना करने वाले बनने लगते हैं जो आपकी क्षमता को बढ़ाने में मदद करते हैं। [ये भी पढ़ें: खुशहाल लोगों की आदतें जिन्हें वो किसी के साथ शेयर नहीं करते]

सकारात्मकता का अनुपात कैसे बढ़ता है:
सकारात्मकता को बढ़ाने के केवल दो ही तरीके हैं। पहला अपने नकारात्मक विचारों को कम कर दिया जाएं और दूसरा आप अपनी सकारात्मकता को इतना बढ़ा दें कि नेगेटिव चीजें खुद आपसे दूर होने लगें। सकारात्मकता और नकारात्मकता से मतलब उन भावनाओं से है जो व्यक्ति महसूस करता है। यह निजी चीजों पर भी निर्भर करती हैं। सकारात्मकता का अनुपात बढ़ाने से नकारात्मक चीजों से दूर रहना बेहतर है। [ये भी पढ़ें: नकारात्मक विचारों को अपने मन से कैसे दूर करें]

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