पुरुषों और महिलाओं को होने वाला डिप्रेशन कैसे अलग होता है

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what is the Difference of depression in males and females

महिलाओं और पुरुषों का व्यवहार अलग-अलग होता है। उनका सोचने का तरीका और भावनाएं भी अलग-अलग होती हैं इसलिए तनाव भी उन्हें अलग तरीके से प्रभावित करता है। डिप्रेशन एक मानसिक परेशानी है जिसके कारण महिला और पुरुषों को समान समस्याओं जैसे मूड खराब होना, मन ना लगना, इंसोम्निया, आत्म-ग्लानि की भावना आना, मोटिवेशन खत्म हो जाना आदि समस्या हो जाती हैं। हालांकि डिप्रेशन के लक्षण दोनों में समान होते हैं लेकिन फिर भी यह दोनों को अलग-अलग तरीके से प्रभावित करता है। आइए जानते हैं कि कैसे महिलाओं और पुरुषों के डिप्रेशन में अंतर होता है। [ये भी पढ़ें: खुश रहने वाले लोग भी डिप्रेशन का शिकार हो सकते हैं]

1.महिला और पुरुषों को डिप्रेशन कैसे प्रभावित करता है:
महिलाएं भावनाओं को अधिक ज़ाहिर करती हैं जबकि पुरुष अपनी भावनाओं को जाहिर नहीं कर पाते हैं। बात जब डिप्रेशन की हो तो पुरुष गुस्से और चिड़चिड़ाहट के माध्यम से डिप्रेशन और तनाव को निकालते हैं। पुरुषों का गुस्सा महिलाओं की तुलना में तीन गुना ज्यादा होता है। डिप्रेशन के कारण होने वाला इंसोम्निया और बहुत ज्यादा खाने की समस्या महिलाओं को पुरुषों की तुलना में अधिक होती है।

2.पुरुषों में डिप्रेशन के कारण:

3. महिलाओं में डिप्रेशन के कारण :
महिलाओं के शरीर में बहुत ज्यादा हार्मोनल बदलाव होते हैं। उन्हें डिप्रेशन होने का खतरा अधिक होता है। आइए जानते हैं महिलाओं को डिप्रेशन के क्या कारण होते हैं।

  • गर्भावस्था
  • मेनोपॉज
  • किसी से अलग होने पर सदमा लगना
  • बहुत ज्यादा इच्छाएं रखना
  • शादी और काम के तनाव के कारण
  • स्वास्थ्य समस्याओं के कारण

4.महिलाओं को पुरुषों में क्यों अलग होता है डिप्रेशन:

हमारे समाज में महिलाओं की निर्भरता पुरुषों पर अधिक होती है। पुरुषों के पास अधिक स्वतंत्रत और स्ट्रॉंग होने की उम्मीद की जाती है। लेकिन महिलाएं अपनों के साथ अपनी तकलीफ साझा करती हैं पर पुरुष अपने गुस्से को जाहिर नहीं कर पाते और अपनी हरकतों से गुस्से का इजहार करते हैं। ऐसे में पुरुषों को अधिक दुख का सामना करना पड़ता है। लेकिन डिप्रेशन की परिस्थिति दोनों को ही बुरी तरह प्रभावित और दुखी करती है।

5.क्या है डिप्रेशन का ईलाज:
महिला और पुरुषों में डिप्रेशन का ईलाज लगभग समान होता है। मेडिकल थैरेपी, काउंसलिंग, दवाओं की मदद से इसका ईलाज किया जा सकता है। इसी के साथ-साथ मेडिटेशन करना भी डिप्रेशन को कम करने के लिए फायदेमंद होता है। [ये भी पढ़ें: खाद्य पदार्थ जो डिप्रेशन से आपको दूर रखने में मदद करते हैं]

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