Effects of Depression: डिप्रेशन दिमाग को कैसे प्रभावित करता है

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Depression: Effects on the Brain

Depression: डिप्रेशन के कारण व्यक्ति बेहद दुखी और नाउम्मीद महसूस करने लगता है।

Effects of Depression: डिप्रेशन को आमतौर पर एक मूड डिसऑर्डर के रूप में जाना जाता है जो आपके विचार, अनुभव और व्यवहार करने के तरीके में बदलाव का कारण बनता है। इस डिसऑर्डर के दौरान आमतौर पर ग्रसित व्यक्ति को उदासीनता और निराशा की भावना महसूस होती है। कुछ दिनों के अंदर, डिप्रेशन के कारण व्यक्ति बेहद दुखी और नाउम्मीद महसूस करने लगता है। इसलिए इन संकेतों के दिखने के बाद जरुरी है कि आप इन पर ध्यान दें क्योंकि ये भावनाएं एक मामूली समस्या को लेकर निराश होने से कहीं अलग हैं और इनका असर लंबे समय तक रहता है। डिप्रेशन एक मानसिक बीमारी होने के कारण आपके दिमाग को बुरी तरह प्रभावित करती है। आइए जानते हैं कि डिप्रेशन दिमाग को कैसे प्रभावित करता है। [ये भी पढ़ें: डिप्रेशन के कारण कैसे आपकी याददाश्त प्रभावित होती है]

Effects of Depression: दिमाग पर पड़ने वाले डिप्रेशन के असर

mental Effects of Depression
Depression: डिप्रेशन एक मानसिक बीमारी होने के कारण आपके दिमाग को बुरी तरह प्रभावित करती है।

डिप्रेशन आमतौर पर हमारे दिमाग के हिप्पोकैम्पस, अमिगडाला और प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स हिस्सों को प्रभावित करता है। हिप्पोकैम्पस हमारे दिमगा का मुख्य हिस्सा है। यह कोर्टिसोल के कम उत्पादन के लिए और हमारी मेमोरी को स्टोर करने के लिए जिम्मेदार होता है। कोर्टिसोल एक स्ट्रेस हार्मोन है जिसका स्तर बढ़ने पर हमें शारीरिक तनाव और मानसिक तनाव अनुभव होता है।

डिप्रेशन की समस्या तब उत्पन्न होती है जब स्ट्रेस के रेस्पोंस में या शरीर में रासायनिक असंतुलन के कारण कोर्टिसोल का अधिक उत्पादन होने लगता है। शरीर में कोर्टिसोल का स्तर बढ़ जाने से ब्रेन सेल्स या न्यूरोंस के फॉर्मेशन में परेशानी होती हैं। ये न्यूरोंस हिप्पोकैम्पस के एक हिस्से डिनेट गाइरस में बनते हैं। डिप्रेशन के कारण पहले से मौजूद न्यूरोंस सिकुड़ने लगते हैं जिससे आपको चीजें याद रखने में दिक्कत होती है।

effects of depression on brain
Depression: डिप्रेशन के दौरान शरीर में कोर्टिसोल का स्तर बढ़ जाता है।

वही दूसरी ओर प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स, जो कि हमारे दिमाग का सामने वाला हिस्सा है, दिमाग के मुख्य कार्य करने में मदद करता है। यह हिस्सा भावनाओं, निर्णय लेने और यादों को बनाने के लिए काम करता है। डिप्रेशन के दौरान जब कोर्टिसोल का स्तर बढ़ता है, तो इस हिस्से का आकार कम होने लगता है। डिप्रेशन के कारण, यह हिस्सा ठीक से काम नहीं कर पाता है। इसके कारण शरीर में अन्य हार्मोन और केमिकल्स रिलीज होते हैं जिससे असंतुलन बढ़ता है।

डिप्रेशन का उपचार कैसे मदद करता है

डिप्रेशन के उपचार के लिए जरुरी है कि कोर्टिसोल के स्तर को संतुलित किया जाए। इसके अलावा, शरीर में केमिकल्स के स्तर को कम करना भी जरुरी है। साथ ही कुछ प्राकृतिक तरीके और थेरेपी भी डिप्रेशन से छुटकारा पाने में मदद करती हैं।

[जरुर पढ़ें: खाद्य पदार्थ जो डिप्रेशन से आपको दूर रखने में मदद करते हैं]

ये कुछ प्रभाव हैं जो डिप्रेशन के कारण ग्रसित व्यक्ति के दिमाग पर पड़ते हैं। आप इस आर्टिकल को इंग्लिश में भी पढ़ सकते हैं।

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