म्यूजिक थेरेपी से करें डिप्रेशन का इलाज

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How to Treat Depression with Music Therapy

डिप्रेशन एक मानसिक बीमारी है इससे उबरने के लिए जीवन शैली में भी बदलाव करना पड़ता है। इसके लिए आपको कुछ चीजें या आदतें ऐसी अपनानी पड़ती है जो आपके डिप्रेशन को कम करने में मदद करे। डिप्रेशन के उबरने के लिए म्यूजिक एक अच्छा तरीका है। शरीर और आत्मा को शांत करने के लिए प्राचीन काल से ही संगीत का उपयोग किया जाता रहा है। 1940 के विश्वयुद्ध के दौरान नवीन म्यूजिक थेरेपी का आविष्कार किया गया था क्योंकि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अधिकतर सैनिक डिप्रेशन का शिकार हो गए थे। आइए जानते हैं कि संगीत किस तरह से डिप्रेशन को दूर कर सकता है।[ ये भी पढ़ें: क्या डिप्रेशन की समस्या जेनेटिक होती है]

कैसे काम करती है म्यूजिकल थेरेपी: इस पद्धति में थेरेपिस्ट एक व्यक्ति की शारीरिक, भावनात्मक और सामाजिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए संगीत का उपयोग करता है। संगीत सुनने से और संगीत सुनाने से भावनाएं स्वरों में बदल जाती है। संगीत के सुर, ताल और रस दिल की धड़कनों, सांसों को शांत करता है और हार्मोन डोपामाइन का स्तर बढ़ाता है जो की हमारे व्यवहार को नियंत्रित करके डिप्रेशन को कम करने में मदद करता है।

म्यूजिकल थैरेपी के फायदे: 2011 के ब्रिटिश जर्नल ऑफ साइकाइट्रिस्ट में प्रकाशित लेख में ये बताया गया की 18 से 50 वर्ष की आयु के 79 लोगों पर किए गए अध्ययन के अनुसार 33 लोगों को डिप्रेशन के इलाज के साथ-साथ संगीत थैरेपी का भी उपयोग किया गया और परिणाम में देखा गया की ऐसे लोग 20 गुना तेजी से ठीक हुए। [ ये भी पढ़ें: इन आदतों से पता लगाएं कि व्यक्ति डिप्रेशन से पीड़ित है]

संगीत थैरेपी शरीर और दिलो-दिमाग के लिए काफी फायदेमंद होती है डिप्रेशन को यह कम करती है साथ ही साथ इसके और भी फायदे होते हैं।

i) चिंता को कम करती है: संगीत की मध्यम ध्वनि तरंगो और स्वर से दिमाग को शांति मिलती है जिससे ये चिंता को कम करता है। चिंता डिप्रेशन का एक बड़ा कारण है ऐसे में इसका कम होना डिप्रेशन की संभावना को कम कर देता है।

ii) नसों के खिंचाव को कम करती है: संगीत सुनने से कुछ समय तक दिमाग तीव्र ध्वनि तरंगों के संपर्क में नहीं रहता है जिससे नसों में खिंचाव कम हो जाता है।

कैसे करें डिप्रेशन कम: म्यूजिक थैरेपी से डिप्रेशन कम करने के लिए ऐसा संगीत सुनें जिसके शब्दों का भावात्मक अर्थ निकलता हो और उस अर्थ को अपने भावों के साथ जोड़ने का प्रयास करें। ऐसा करने से आपके भाव धीरे-धीरे संगीत के समाप्त होने के साथ- साथ कम होते जातें हैं और अंत में आप अपने आप को मानसिक रुप से हल्का महसूस करते हैं।[ ये भी पढ़ें: क्या एक व्यक्ति से दूसरे को हो सकती है डिप्रेशन की समस्या और इससे कैसे बचें]

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