UP Board Result 2018: एग्जाम के परिणाम के कारण होने वाले डिप्रेशन से कैसे बाहर निकलें

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How to handle depression due to results

जब रिजल्ट आने वाला होता है तो अक्सर बच्चे बहुत परेशान रहते हैं। उन्हें इस बात की चिंता रहती है कि उनका रिजल्ट कैसा आएगा। कुछ बच्चों का रिजल्ट बहुत अच्छा होता है तो कुछ बच्चों के निराशा हाथ लगती है। यह निराशा इतनी बढ़ जाती है कि इस वजह से अक्सर बच्चे डिप्रेशन, चिंता और तनाव के शिकार हो जाते हैं। नकारात्मक रिजल्ट उनके मानसिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है। उनके परिणाम पत्र पर मनचाहे अंक ना होने से छात्र पर ना केवल अपने परिवार बल्कि समाज का भी दबाव रहता है जो उन्हें उदासी के अंधेरे की ओर खींचता रहता है। जब बच्चे का रिजल्ट खराब होता है तो वो इसके लिए खुद को जिम्मेदार समझने लगता है और इस वजह से वो डिप्रेशन का शिकार होने लगता है। आइए जानते हैं एग्जाम के परिणाम के कारण होने वाले डिप्रेशन से बच्चे कैसे बाहर निकलें।

अपने सबसे अच्छे दोस्त से मिलें:
जब आपको अपने एग्जाम के रिजल्स की वजह से डिप्रेशन जैसा महसूस हो तो आप अपने सबसे अच्छे दोस्त से मिलें, जो आपकी सपोर्ट करें और आपको मोटीवेट करें।

अपने अंदर सकारात्मक भावनाएं रखें:
रिजल्ट खराब होने की वजह से निराश ना हों। बल्कि इस बात के प्रेरणा लें और अपने अंदर सकारात्मक भावनाएं लाएं, ताकि आप आगे अपने एग्जाम में अच्छे नंबर ला पाएं।

भविष्य के बारे में सोचें:
आज के बारे में सोचने से अच्छा है कि आप अपने भविष्य के बारे में सोचें, ताकि आप आगे बढ़ने की कोशिश कर पाए और पहले ज्यादा कड़ी मेहनत करें अच्छे नंबर लाने के लिए।

अपनी पसंदीदा चीजें करें:
जब आप बहुत अधिक परेशान रहने लगे तो आपको अपने पसंदीदा काम करने चाहिए। इससे आपका ध्यान आपके एग्जाम के रिजल्ट से हटेगा और आप दूसरी चाजों पर अपना ध्यान केंद्रित कर पाएंगें।

यूपी बोर्ड 2018 एग्जाम के परिणाम घोषित होने वाले हैं। 2018 में यूपी बोर्ड के एग्जाम में लगभग 66.37 लाख छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया, जिनमें कक्षा 10 के लगभग 34,04,571 छात्रों ने परीक्षा दी जो 6 फरवरी-22 फरवरी तक आयोजित की गई थी। वहीं इस साल यूपी बोर्ड की कक्षा 12वीं के लगभग 26,24,681 छात्र परीक्षा में बैठे जो 6 फरवरी-12 मार्च तक आयोजित की गई थी।

साल 2017 में लगभग 60.29 लाख छात्रों ने परीक्षा दी थी। यूपी बोर्ड 2017 में 10 वीं के लगभग 34,01,511 छात्रों ने परीक्षा दी थी। जिनमें 81.6 प्रतिशत बच्चे पास हुए थे। 2017 में हुए 10वीं की परीक्षा में 86.50 प्रतिशत लड़कियां और 81.6 प्रतिशत लड़के पास हुए थे। यूपी बोर्ड 2017 की 12वीं की परीक्षा में 26,54,492 छात्र शामिल हुए थे जिनमें से 81.6 प्रतिशत बच्चे पास हुए। पास होने वाले छात्रों में 76.75 प्रतिशत लड़के और 86.50 प्रतिशत लड़कियां थी। 10वीं का हाईएस्ट स्कोर 95.83 प्रतिशत था और 12 वीं का हाईएस्ट स्कोर 96.20 प्रतिशत रहा।

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