डिप्रेशन के दौरान कैसे रखें नकरात्मकता पर काबू

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how to deal with negativity during depression

डिप्रेशन(अवसाद) की स्थिति में नकरात्मक विचारों का आना लाजिमी है। डिप्रेशन में व्यक्ति के मन में बुरे ख्याल आते हैं और वो सामान्य की तुलना में ज्यादा नकारात्मक सोच वाला हो जाता है। नकरात्मकता न केवल आपके रोजाना के जीवन को प्रभावित करती है, बल्कि लम्बे समय तक के लिए आपको डिप्रेशन जैसी समस्या के दलदल में फंसा सकती है। नकरात्मक ख्याल सिर्फ डिप्रेशन के समस्या से जूझ रहे व्यक्ति को ही नहीं आते हैं। नकरात्मक ख्याल एक स्वस्थ व्यक्ति के दिमाग में भी आते है लेकिन उनकी स्थिति में नकरात्मक विचारों को नजरअंदाज करना या उनपर काबू पाना ज्यादा आसान होता है वहीं डिप्रेशन से जूझ रहे व्यक्ति के लिए ये काम थोड़ा ज्यादा कठिन हो जाता है। हालांकि डिप्रेशन की स्थित्ति में नकरात्मकता से छुटकारा पाना नामुमकिन भी नहीं है। आइए जानते हैं ऐसे तरीकों के बारे में जिनकी मदद से डिप्रेशन के दौरान नकरात्मकता से बचा जा सकता है। [ये भी पढ़ें: ब्रेकअप के बाद होने वाले डिप्रेशन से कैसे करें सामना?]

1. मन में आ रहे बुरे ख्यालों अपनी भावनाओं को लिखें: डायरी में अपने मन की बात लिखना भावनात्मक अस्थिरता को दूर करने के लिए बेहद ही लाभकारी उपाय है। ये उपाय कई मनोचिकित्सकों द्वारा सुझाया गया उपाय है। मन में जब भी कोई ख्याल आये तो उसे डायरी में लिखें। अपने डिप्रेस होने के पीछे की वजह लिखें। ऐसा करना से आपको खुद को समझने में मदद मिलेगी। डिप्रेशन के दौरान व्यक्ति कभी कभी खुद को भी समझ नहीं पाता, ऐसे में डायरी लिखना नकरात्मकता को दूर करने में काफी मददगार साबित हो सकता है।

2. शारीरिक स्वास्थ्य पर ध्यान दें:“एक स्वस्थ शरीर में एक स्वस्थ मन का वास होता है” ये सूक्ति डिप्रेशन के सन्दर्भ में काफी सही प्रतीत होती है। आपके दिमाग में आने वाले कई तरह के विचार और बदलाव शरीर में हो रहे रसायनिक प्रक्रियाओं की वजह से उत्पन्न होते हैं ऐसे में शरीर का स्वस्थ होना इस तरह के रसायनिक प्रक्रियाओं को रोकता है। अपनी जीवनशैली में बदलाव लायें, अच्छा खाना खाएं और व्यायाम करने से काफी हद तक नकरात्मक विचारों को दरकिनार किया जा सकता है। [ये भी पढ़ें: डिप्रेशन से छुटकारा पाना है तो लाइफस्टाइल बेहतर बनाएं]

3. रिलैक्स रहें: रोजाना दिन में अपने लिए एक समय तय करें और उस समय में कुछ न सोचें बस आराम करें, अच्छा संगीत सुनें, अच्छी सकरात्मक किताबें पढ़ें, सौना बाथ या स्विमिंग क्लास ज्वाइन करें। इस आदत को नियमित रूप से बना लें। ऐसा करना काफी हद तक आपको रिलैक्स करने में मदद करेगा साथ ही साथ आपके दिमाग से नकरात्मक विचारों को कम करेगा।

4. जागरूक रहें: अपनी कमजोरियों अपनी आदतों अपनी कमियों के बारे में सजग रहें। उनके बारे में जानें। नकरात्मक विचारों पर काबू पायें। उन्हें जड़ से हटाने के बारे में सोचें। ऐसा करना आपको नकरात्मक विचारों से दूर रखेगा और आपके मन में नकारात्मक विचार नहीं आएंगे। गंभीर परिस्थितयों में किसी अच्छे मनोवैज्ञानिक या काउंसलर से सलाह लेना भी काफी फायदेमंद हो सकता है। [ये भी पढ़ें: खोये आत्मविश्वास को फिर से जगाएं, डिप्रेशन से ना घबराएं]

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