दिमाग ही नहीं शरीर के लिए भी हानिकारक है डिप्रेशन

How can depression affect your body

डिप्रेशन इंसान को मानसिक रूप से प्रभावित करता है। डिप्रेशन में उदास होना या किसी बात को अत्यधिक सोचना बहुत आम लक्षण होते हैं, जो कभी-कभी आपके लिए शारीरिक रूप से भी हानिकारक हो सकते हैं। डिप्रेशन के दौरान अक्सर लोग डॉक्टर के पास जाकर शारीरिक लक्षणों के बारे में बात करते हैं। जिससे डॉक्टर को व्यक्ति के डिप्रेशन की समस्या भांपने में परेशानी होती है। मगर डिप्रेशन में भी शारीरिक समस्याओं को दरकिनार नहीं किया जा सकता है। आइए जानते हैं ऐसे शारीरिक लक्षणों के बारे में जो डिप्रेशन से पीड़ित व्यक्ति में दिख सकते हैं। [ये भी पढ़ें: डिप्रेशन से जुड़ी कुछ गलत जानकारियां जो काफी प्रचलित हैं]

दर्द:
How can depression affect your bodyडिप्रेशन के रोगी को अपने डॉक्टर से शारीरिक दर्द के बारे में ज़रूर बात करनी चाहिए, जैसे- जोड़ों का दर्द या फिर पीठ का दर्द। एक व्यक्ति को दर्द के कारण भी डिप्रेशन की समस्या आ सकती है। यह भी संभव है कि उनके दर्द और मनोदशा का एक ही कारण हो।

पेट से जुड़ी समस्या: डिप्रेशन से ग्रसित लोगों को पेट से जुड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है जैसे- उन्हें दस्त या कब्ज की समस्या भी हो सकती है। डिप्रेशन के दौरान ऐसे लक्षण सेरोटोनीन के कारण होते हैं क्योंकि यह सीधे आपके पेट पर प्रभाव डालता है। वास्तव में शरीर में सेरोटोनिन का उत्पादन होता है जो सीधे आपके पेट में जमा होता है। [ये भी पढ़ें: महिलाओं में मेनोपॉज़ के दौरान होता है डिप्रेशन]

थकान:
डिप्रेशन से ग्रस्त रोगी को नींद पूरी करने के बाद भी या आराम करने पर भी थकान महसूस होती है। सुबह के समय उठना उनके लिए बड़ी समस्या होती है और अपने काम को करने में भी परेशानी होती है।

साइकोमोटर गतिविधि में परिवर्तन आना: डिप्रेशन आपको शारीरिक रूप से भी प्रभावित करता है जिसमें एक व्यक्ति भारी या सुस्त महसूस करने लगता है। कई बार व्यक्ति को परेशानी और बेचैनी भी महसूस होने होती है।

भूख और वजन में परिवर्तन आना:
How can depression affect your bodyडिप्रेशन की वजह से कई लोगों को भूख ना लगना या फिर खाने कि इच्छा खत्म हो जाने जैसी समस्या हो जाती है। इसके कारण इंसान का वजन अत्यधिक मात्रा में कम हो जाता है या तो ज़रूरत से ज़्यादा वजन बढ़ने भी लगता है।

नींद की समस्याएं: डिप्रेशन के दौरान नींद कि समस्या आम बात होती है। किसी चीज़ से परेशान होना या किसी बात को अत्यधिक सोचने की वजह से नींद नहीं आने की परेशानी हो सकती है। डिप्रेशन की वजह से कभी-कभी इंसान को ज़रूरत से ज़्यादा नींद भी आती है।

डिप्रेशन के कारण शारीरिक बदलाव आना: डिप्रेशन के दौरान शारीरिक बदलाव ना आए इसके लिए आपको अच्छी तरह जांच कराने कि आवश्यकता होती है। यदि आप डिप्रेशन के अन्य संभावित लक्षणों का अनुभव कर रहे हैं। जैसे-उदास होना या फिर किसी चीज़ में अपनी रुचि खोना तो इस बात को अपने डॉक्टर से बताने में संकोच नहीं करना चाहिए। ताकि आपके डॉक्टर को इलाज करने में आसानी हो। आपके भावनात्मक और शारीरिक लक्षण एक-दूसरे से संबंधित हो सकते हैं और यह आपके डॉक्टर पर भी निर्भर करता है कि वह आपके डिप्रेशन का निदान कैसे करता है। अगर इसका निदान ना किया जाए तो आप इस परेशानी से निजात पा सकते हैं।  [ये भी पढ़ें:डिप्रेशन के बारे में कितना जानते हैं आप]

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