Depression: बच्चों में डिप्रेशन के संकेत

Depression signs in children

Depression signs in children: बच्चों में डिप्रेशन के कारण कई सारे मानसिक और शारीरिक बदलाव हो जाता है।

डिप्रेशन एक डिसऑर्डर है जिसका शिकार सिर्फ बड़े ही नहीं बल्कि बच्चे भी हो सकते हैं। बहुत बार सामान्य जीवनशैली के बावजूद भी बच्चे डिप्रेशन का शिकार हो जाते हैं। बच्चों में डिप्रेशन का मुख्य कारण तनाव नहीं बल्कि दिमाग में केमिकल्स का बैलेंस बिगड़ना होता है। कुछ लक्षणों की मदद से पहचाना जा सकता है कि बच्चा डिप्रेशन से ग्रसित है। ऐसे में आपको बच्चे के मानसिक स्वास्थ्य का ख्याल रखना चाहिए ताकि वे डिप्रेशन जैसी गंभीर समस्या से उभर सकें। आइए जानते हैं कि बच्चों में डिप्रेशन के क्या संकेत होते हैं। [ये भी पढ़ें: डिप्रेशन से जूझ रहे दोस्त में आत्मविश्वास जगाएं]

Depression signs: बच्चों में डिप्रेशन होने का संकेत निम्न होता है

  • उदास रहना
  • वजन कम होना
  • नींद ना आना
  • थकान और ऊर्जा की कमी
  • समझने में परेशानी होना

1.उदास रहना-

Depression signs in children
Depression signs in children: डिप्रेशन के कारण बच्चे उदास रहते हैं

डिप्रेशन के कारण मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है और इस कारण बच्चे अक्सर उदास रहने लगते हैं। लंबे समय तक अगर आपका बच्चा उदास रहता है और बेवजह चिड़चिड़ा बन जाता है तो यह संकेत है कि वह डिप्रेशन का शिकार हो चुका है।[ये भी पढ़ें: उदास होने पर कौन सी चीजों से दूर रहना चाहिए]

2.वजन कम होना- डिप्रेशन के कारण रोजमर्रा की प्रक्रियाओं पर असर पड़ता है। जिसकी वजह से भूख नहीं लगती और वजन कम होने लगता है। डिप्रेशन के कारण बढ़ते बच्चे आवश्यक वजन प्राप्त नहीं कर पाते हैं।

3.नींद ना आना- इंसोम्निया डिप्रेशन का मुख्य लक्षण होता है। जिससे बच्चों को नींद नहीं आती है और सोने में अक्सर परेशानी का सामना करना पड़ता है। अगर आपका बच्चा लंबे समय से नींद ना आने की परेशानी से ग्रसित है तो वह डिप्रेशन का शिकार हो सकता है। [ये भी पढ़ें: किशोर क्यों और कैसे होते हैं डिप्रेशन का शिकार]

4.थकान और ऊर्जा की कमी-

Depression signs in children
Depression signs in children: डिप्रेशन के कारण बच्चे अक्सर अकेले और उत्साहहीन हो जाते हैं।

डिप्रेशन के कारण व्यक्ति को अक्सर ऊर्जा की कमी महसूस होती है। अगर आपका बच्चा लंबे समय से थकान और ऊर्जा की कमी महसूस कर रहा है तो वह डिप्रेशन का शिकार हो सकता है।

5.समझने में परेशानी होना- दिमाग में केमिकल बैलेंस ना होने के कारण बच्चे को सोचने, समझने में परेशानी होती है और वह आसानी से निर्णय नहीं ले पाता है। ऐसे में बच्चे को अक्सर ध्यान लगाने में परेशानी महसूस होती है और वह किसी भी चीज का फैसला खुद से नहीं ले पाता है।

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ये सभी संकेत बताते हैं कि आपका बच्चा डिप्रेशन का शिकार है और उसे चिकित्सक से परामर्श की जरुरत है।

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