खतरनाक है स्पर्म एलर्जी, जानें इसके कारण और इलाज

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what are the causes symptoms and treatment of sperm alergy

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स्पर्म एलर्जी या सेमिनल प्लाज्मा हाइपरसेंसिटिव या वीर्य एलर्जी एक दुर्लभ यौन संचारित रोग है जो कि महिलाओं के प्रजनन तंत्र को प्रभावित करता है। हालांकि ये एलर्जी बहुत ही कम महिलाओं को प्रभावित करती हैं। यह एलर्जी केवल तब हो सकती जब शुक्राणु आपके शरीर के साथ सीधे संपर्क में आते हैं। अगर आपका साथी कंडोम का इस्तेमाल कर रहा है तो आप इस रोग से बचाव कर सकती हैं।  आइए जानते हैं इस बीमारी के कारण, लक्षण और उपचार क्या है। [ये भी पढ़ें:जानिए पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज(श्रोणी में सूजन की बीमारी) के बारे में]

स्पर्म एलर्जी के कारण: ह्नयूमन सेमीनल प्लाजमा हाइपरसेंसिटिव या शुक्राणु एलर्जी आमतौर पर तब होती है जब आपका शरीर आपके साथी के वीर्य में मौजूद कुछ प्रोटीन या रसायनों की एलर्जी प्रतिक्रिया के संपर्क में आता है। वीर्य में एलर्जी ग्लाइकोप्रोटीन के कारण होती है जो प्रोस्टेट ग्लैंड से निकलता है।

स्पर्म एलर्जी के लक्षण: स्पर्म एलर्जी के लक्षण शरीर के माध्यम से फैल सकते हैं। संभोग के बाद जब आपका शरीर शुक्राणु के संपर्क में आता है तो उसेक लगभग 10 से 20 मिनट के बाद इसके लक्षण दिखाई देने लगते हैं। शुक्राणु एलर्जी के संकेत प्रजनन अंगो तक ही सीमित नहीं होते हैं। ये शरीर के अन्य किसी भी अंग में हो सकते है। स्पर्म एलर्जी के लक्षणों में निम्न शामिल हैं। [ये भी पढ़ें: यौन संचारित रोगों से जुड़ी जानने योग्य बातें]

  • जननांग में खुजली
  • छोटे दाने निकलना
  • जलन
  • छाती में घुटन
  • बेहोशी
  • घरघराहट
  • सूजन
  • सांस लेते वक्त परेशानी
  • पेशाब करते वक्त दर्द
  • एग्ज़िमा

स्पर्म एलर्जी के बुरे प्रभाव: शारीरिक असुविधा के अलावा, स्पर्म एलर्जी पति और पत्नी के रिश्ते को भी प्रभावित करती है। इस रोग के कारण महिलाएं को आमतौर पर फिजियोलॉजिकल समस्या होने लगती है जिससे रिश्ते में इंटिमेसी कम हो जाती है। इंटिमेसी में कमी होने के कारण रिश्ते और विवाहित जीवन पर बुरा असर होता है। इस रोग के दौरान आप और आपके साथी को एक दूसरे से बात करनी चाहिए और ऐसे मतभेदों को स्पष्ट रुप से सुलझाने के लिए विशेषज्ञ या मनोवैज्ञानिक से संपर्क करें।

स्पर्म एलर्जी का उपचार: यदि आप एस्पर्म एलर्जी से पीड़ित हैं, तो आपका डॉक्टर इन उपचारों का सुझाव देगा।

इंट्रावेजाइनल सेमीनल ग्रेडिड चैलेंज: इस उपचार के तहत डॉक्टर नियमित रूप से कुछ समय अंतराल पर आपके शरीर में आपके साथी के वीर्य की थोड़ी मात्रा में इंजेक्ट करते हैं। इस उपचार को कई घंटों में किया जाता है। इस उपचार की सफलता को बढ़ाने के लिए डॉक्टर आपको सुझाव देंगे कि कुछ दिनों तक आप अपने साथी के साथ नियमित रूप से संभोग करें। अन्यथा ग्रस्त महिला के लिए वीर्य की एलर्जी से फिर से एक्सपोज होने की संभावना होती हैं।

इंट्रायूटेरिन इनसेमीनेशन: यदि आप वीर्य के प्रति अधिक संवेदनशील हैं और उपचार के बावजूद आपके शरीर में इस एलर्जी की प्रतिक्रियाएं और असर दिख रहे हैं तो डॉक्टर आपको सुझाव देंगे कि आप गर्भधारण के लिए इंट्रॉब्रेटिन या कृत्रिम गर्भनाल का इस्तेमाल करें। इस उपचार में डॉक्टर गर्भावस्था की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए ओव्यूलेशन के समय शुक्राणुओं को आपके शरीर में इंजेक्ट करता है। इस उपचार का मुख्य उद्देश्य आपके शरीर में वीर्य को सहन करने की क्षमता को बढ़ाना होता है। [ये भी पढ़ें: यौन संचारित रोगों के ये मिथक करते हैं आपको गुमराह]

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