क्या है ह्यूमन पैपिलोमा वायरस और कैसे बचा जाए इसके संक्रमण से

Types, cause and treatment of human papillomavirus infection

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यौन संचारित रोग में बहुत से ऐसे रोग है जो वायरस के कारण फैलते हैं। उन्हीं में से एक ह्यूमन पैपिलोमा वायरस। यह इन्फेक्शन बहुत ही सामान्य सा इन्फेक्शन है जो संक्रमित व्यक्ति के साथ यौन सम्बन्ध बनाने के कारण हो सकता है। इसके लक्षण को ठीक से पकड़ा नहीं जाता हैं क्योंकि ह्यूमन पैपिलोमा वायरस से होने वाले इन्फेक्शन के 100 से भी अधिक प्रकार होते है और सभी के कोई निर्धारित लक्षण नहीं होते हैं। इससे सम्बंधित कुछ ऐसे भी इन्फेक्शन होते हैं जो सर्वाइकल के कारण भी होते हैं। इससे फैलने वाले कुछ इन्फेक्शन ऐसे होते है जो बिना किसी उपचार के भी ठीक हो जाते है लेकिन कुछ ऐसे होते है जो ज्यादा समय तक टिक जाते हैं और एक समय आता है जब यह त्वचा के विकास में बाधा बन जाते हैं। आइए जानते हैं ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एच.पी.वी.) के बारें में।

ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एच.पी.वी.) के प्रकार:
Types, cause and treatment of human papillomavirus infectionजेनाइटल वार्ट्स:
यह इन्फेक्शन मुख्य रूप से योनि के बाहरी भाग में होता है। पुरुषों में यह लिंग के आस-पास के भाग और इसके ऊपर होता है। [ये भी पढ़ें: जाने क्यों जरुरी है यौन संचारित रोगों की जांच करवाना] 

कॉमन वार्ट्स:
यह इन्फेक्शन नितंब(पुट्ठा) पर होता है साथ ही साथ यह हथेली, अंगुलियों और कोहनी पर होता है।

प्लान्टर वार्ट्स:
यह इन्फेक्शन पैरों में तलवों और एड़ियों में होता है।

फ्लैट वार्ट्स:
यह इन्फेक्शन शरीर के किसी भी समतल भाग पर हो सकता है। बच्चों में उनके चेहरे में और पुरुषों में ठोड़ी पर होता है।

ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एच.पी.वी.) इन्फेक्शन के कारण:
यह वायरस आपके शरीर में प्रवेश करने के बाद अपना असर दिखाना शुरू करता है। यह वायरस त्वचा में मौजूद सूक्ष्म छिद्रों के माध्यम से ही प्रवेश करता है। ह्यूमन पैपिलोमा वायरस जननांगो के आस-पास वाले भाग मे ज्यादातर मौजूद होता है इसलिए यह यौन सम्बन्ध बनाते समय एक शरीर से दूसरे शरीर में प्रवेश होते हैं। प्रेग्नेंसी के दौरान यह रोग होने पर इसका इलाज करवाने के लिए प्रसव तक इंतजार करना पड़ सकता है। प्रेग्नेंसी के दौरान होने पर यह बर्थ कैनाल को बंद तक कर सकता है।

ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एच.पी.वी.) के लक्षण:
यह वायरस त्वचा की श्लेष्मा झिल्ली में मौजूद होता है सेक्स के कारण यह अधिक फैलता है जिसके कारण जेंटल वार्ट्स होता है जो ह्यूमन पैपिलोमा वायरस का एक प्रकार होता है। इसके होने से जनाजंगों के आस-पास के भाग में गुलाबी निशान, खुलजी, त्वचा से सफेद पानी निकलने लगता है। जेंटल वार्ट्स कैंसर और सर्विकल कैंसर के साथ लिंग और योनि के आस-पास के भाग में भी होता है। जब यह किसी एक वायरस के जरिए फैलता है(बिना किसी कैंसर वाले वायरस)तो इसके लक्षण देखने को नहीं मिलते हैं। [ये भी पढ़ें: जानें किन कारणों से होता है हेपेटाइटिस-ए और कैसे करें उनका उपचार] 

इसके उपचार:
इसके उपचार के लिए डॉक्टर की सलाह जरुर लें। यह बीमारी महिलाओं में हर पांच साल के बाद दोबारा लौटती है इसके साथ ही डॉक्टर को अपने इन्फेक्शन वाले हिस्से को दिखाएं ताकि वो इसका डीएनए टेस्ट करके यह मालूम कर सके की कहीं यह बीमारी आप में जेनिटक तो नहीं है या फिर किसी अन्य व्यक्ति के कारण हुई है। इस बीमारी के कारण त्वचा के कैंसर होने का खतरा होता है।

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