पेट में हद से ज्यादा दर्द हो सकता है हेपेटाइटिस-सी का लक्षण

things you should know about hepatitis-c

लीवर में इंफेक्शन हेपेटाइटिस सी वायरस के कारण होता है। कुछ लोगों के शरीर से यह वायरस थोड़े समय के बाद चला जाता है तो कुछ में लंबे समय तक रहता है जिसे क्रोनिक हेपेटाइटिस सी कहते हैं। हेपेटाइटिस सी का इलाज आसानी से किया जा सकता है। मगर इस वायरस के बहुत कम लक्षण होते हैं इसलिए काफी लोगों को इसके बारे में पता ही नहीं होता है। हेपेटाइटिस सी कई तरीकों से होता है और इनका इलाज भी अलग तरीके से होता है।

हेपेटाइटिस सी के लक्षण:
things you should know about hepatitis-cबहुत से लोगों को हेपेटाइटिस के लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। मगर कुछ लक्षणों से आप इन्हें पहचान सकते हैं।
1- पीलिया की तरह आंखों और त्वचा का रंग पीला होने लगता है। साथ ही यूरिन का रंग भी गहरा होता है।
2- पेट में दर्द होना।
3- भूख ना लगना।
4- जी मिचलाना।
5- थकावट होना। [ये भी पढ़ें: क्लैमाइडिया के बारें में गलत जानकारी बन सकती है आपके लिए मुसीबत] 

टाइटिस सी के अन्य लक्षण:
1-टूथब्रश, रेजर नेल फाइल जैसी चीजें जिस पर आपका रक्त हो जैसे उपकरणों को किसी के साथ शेयर नहीं करना चाहिए।
2- बिना किसी सुरक्षा के सेक्स करने से।
3- हेपेटाइटिस सी खांसने, छींकने, किस करने, साथ में खाना खाने से नहीं होता है। साथ ही यह मच्छर के काटने से नहीं होता है।

हेपेटाइटिस सी के कारण:
यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के रक्त और शरीर के तरल पदार्थ के माध्यम से होता है।
1-ड्रग्स और सुई को सांझा करने से।
2-यौन संचारित रोग और एचआईवी से ग्रसित होने के बाद सेक्स करने से।
3-जन्म के दौरान मां से बच्चे को होना।
4- इंफेक्शन से ग्रसित व्यक्ति से रक्त लेने से।

हेपेटाइटिस सी के लिए टेस्ट:
हेपेटाइटिस सी के लिए कई ब्लड टेस्ट हैं जिससे इसका पता किया जा सकता है। यह कई टेस्ट का मेल होता है। सबसे पहले स्क्रीनिंग टेस्ट होता है जिसमें चेक किया जाता है कि आपके शरीर में हेपेटाइटिस सी के लिए एंटीबॉडी विकसित है की नहीं। अगर यह टेस्ट पॉजिटिव होता है तो इसका मतलब यह होता है की जीवन में एक बार आपके शरीर में यह वायरस विकसित हुआ होगा। पॉजिटिव होने के बाद डॉक्टर दूसरा टेस्ट करवाते हैं, जिससे चेक किया जाता कि यह वायरस आपके रक्त में हैं की नहीं।

हेपेटाइटिस सी के इलाज:
हेपेटाइटिस सी के लिए कुछ दवाईयां हैं जिसका रोज सेवन करके इसे ठीक किया जा सकता है। आपका इलाज किस तरह का हेपेटाइसिट सी वायरस है उस पर निर्भर करता है। 70% तक हेपेटाइटिस सी का इलाज किया जा सकता है। बहुत ही कम केस में लीवर बदला जाता है। जब आपका लीवर पूरी तरह से खराब हो गया हो।

हेपेटाइटिस सी के साइड इफेक्ट:
things you should know about hepatitis-c1- बालों का झड़ना
2- डिप्रेशन में जाना।
3- थकावट होना।
4- सोचनें में दिक्कत होना।
5- घबराहट होना।

हेपेटाइटिस सी इंफेक्शन की रोकथाम:
हेपेटाइटिस सी की रोकथाम के लिए कोई वैक्सीन नहीं है। लेकिन कुछ बातों को ध्यान में रखकर आप इससे बच जरुर सकते हैं।
1-अगर आप किसी रोग से ग्रसित है तो रक्त दान ना करें।
2- टैटू बनवाते समय, मैनीक्योर करवाते समय ध्यान रखें उस औजार पर किसी और का खून ना लगा हो।
3- सेक्स के दौरान हर बार नए कंडोम का इस्तेमाल करें। [ये भी पढ़ें: सेक्स सम्बंधित इन बातों को जरुर जानें किशोर] 

हेपेटाइटिस सी के कारण होने वाली जटिलताएं:
हेपेटाइटिस सी से ग्रसित लोगों को लंबे समय के बाद सिरोसिस या लीवर कैंसर हो जाता है, जिसकी वजह से लीवर बदलना पड़ता है। लेकिन आपको अगर यह वायरस है तो यह बाकी लोगों को भी फैल सकता है।

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