वर्ल्ड एड्स डे: एड्स से जुड़ी कुछ खास बातें जिन्हें जानना है आवश्यक

things you should know about aids

ऐक्वायर्ड इम्यून डेफिसिएन्सी सिंड्रोम(एड्स) ह्यूमन इम्यूनों डेफिसिएन्सी वायरस(एचआईवी) के कारण फैलता है। यह वायरस शरीर के प्रतिरक्षा प्रणाली(इम्यून सिस्टम) पर हमला करता है। जब यह वायरस आपके इम्यून सिस्टम को पूरी तरह नष्ट कर देता है तो यह अवस्था एड्स कहलाती है। यह एक जानलेवा बीमारी है जो पूरे विश्व के लिए एक जटिल समस्या बनी हुई है। अगर एचआईवी/एड्स से पीड़ित लोगों की बात करें तो 2015 तक विश्व में लगभग 37 मिलियन लोग इस जानलेवा बीमारी के साथ जीवन गुजार रहे हैं। अगर भारत में इसके मरीजों की संख्या की बात करें तो लगभग 1.5 मिलियन लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं, इनमें 5 लाख महिलाएं और बच्चे हैं।

एड्स कैसे फैलता है:
things you should know about aids बहुत से लोग इस बीमारी को अनचाहे में अपना लेते हैं, क्योंकि लोगों को इस बीमारी के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। साथ ही लोगों ने इस बीमारी जुड़े बहुत से मिथकों को सत्य मान लिया है। तो आइए जानते हैं यह किस तरीके से फैलता है।
1.असुरक्षित यौन संबंध बनाने से एड्स होने की संभावना होती है।
2.एड्स से पीड़ित इंसान का इस्तेमाल किया हुआ इंजेक्शन लगाने से भी एड्स हो सकता है।
3.अगर किसी एड्स पीड़ित इंसान का खून आपके शरीर में जाता है तो एड्स हो सकता है।
4.अगर मां को एड्स है और वह अपने बच्चे को स्तनपान करती है तो वैसे में बच्चा भी एड्स का शिकार हो सकता है। [ये भी पढ़ें: लिंफोग्रेनुलोमा वेनेरेम के बारे में जानिए कुछ आवश्यक बातें] 

 ऐक्वायर्ड इम्यून डेफ़िसिएन्सी सिंड्रोम (AIDS)के लक्षण:

1.बार-बार बुखार आना:
हर दो तीन दिन में बुखार महसूस होना और कई बार तेजी से बुखार आना, एचआईवी का सबसे पहला लक्षण होता है।

2.अत्यधिक वजन का कम होना:
एचआईवी के मरीजों का वजन अचानक से कम नहीं होता है बल्कि धीरे-धीरे कम होता है। हर दिन बॉडी के इम्यून सिस्‍टम पर प्रभाव पड़ता है और वजन में कमी होती है। अगर 1 से 2 महीने के अंतराल में अगर आपका वजन में ज्यादा कमी आई है तो डॉक्टर से संपर्क करें और एचआईवी का जांच कराएं।

3.अधिक समय तक सुखी ख़ासी या ज़ुकाम रहना:
things you should know about aids अगर आपको अधिक समय तक ख़ासी या ज़ुकाम की परेशानी हो रही है तो ऐसे में आपको इलाज करने की सख्त ज़रूरत है। आपको भयंकर खांसी नहीं हुई थी, लेकिन हमेशा कफ आता रहता है और कफ में खून नहीं आता तो एचआईवी होने की संभावना हो सकती है।

4.स्किन पर रैसेज आना:
things you should know about aids शरीर में हल्‍के लाल रंग के चकत्ते पड़ना या रेसेज होना भी एचआईवी का लक्षण है।

5.जोड़ों में और सिर में दर्द होना:
ढ़लती उम्र से पहले ही अगर आपके जोड़ों में दर्द और सूजन हो जाती है तो आपको एचआईवी टेस्‍ट करवाने की जरूरत है या फिर सिर में हर समय हल्‍का- हल्‍का दर्द रहना, सुबह के समय दर्द में आराम और दिन के बढ़ने के साथ दर्द में भी बढ़ोत्‍तरी एचआईवी के लक्षण होते हैं। [ये भी पढ़ें: जानें कैसे और क्यों होता है जेनाईटल हर्पीस] 

एड्स से कैसे बचें:
1.ज़्यादा लोगों से सेक्स संबंध नहीं बनाएं। अगर एक से अधिक लोगों के साथ संबंध बनाते हैं तो कंडोम का इस्तेमाल ज़रूर करें।
2.मादक पदार्थों के सेवन से बचें:
सबसे पहले आपको शराब और ड्रग्स जैसी बुराइयों से बचना चाहिए। ये चीजें वैसे तो आनंद के लिए होते हैं, लेकिन ये आपके निर्णय लेने की क्षमता पर असर डालते हैं और आपको गलत निर्णय लेने के लिए मजबूर करते हैं। नसों में दिए जाने वाले कुछ ख़ास ड्रग्स (intravenous drugs) की अधिक मात्रा भी आपको एचआईवी का शिकार बना सकती है।

3.अगर अस्पताल आदि जगहों पर खून की ज़रूरत पड़े तब पूरी तरह कन्फर्म हो जाएं की जो खून आपको चढ़ाया जा रहा है वह किसी एड्स रोगी का तो नहीं है।

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