महिलाओं में ये लक्षण करते हैं यौन संचारित रोगों की तरफ इशारा

Symptoms that indicates Sexually transmitted diseases in Women

ज़्यादातर महिलाएं प्रजनन सम्बन्धी(reproductive)समस्याओं से परेशान रहती हैं। इसके अलावा पीरियड्स में रूकावट, पीरियड्स के दौरान कष्ट होना, पीरियड्स के दौरान अधिक ब्लीडिंग होना, रतिज रोग (Venereal diseases),सूजाक(gonorrhea)और आतशक(syphilis)जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अगर आप सेक्सुअली एक्टिव नहीं हैं, तो आपको नियमित समय पर सेक्सुअल हेल्थ चेकअप्स कराते रहना चाहिए। आइए जानते हैं ऐसे लक्षणों को जिनको अनदेखा नहीं करना चाहिए।

1.स्तन में गांठ पड़ना या परिवर्तन आना:
तीस वर्ष से कम उम्र की महिलाओं के स्तन में गांठ की समस्या को आमतौर पर हाथ से छूकर पता लगाया जाता है। हालांकि, इसका पता लगाने के लिए टेस्ट(जैसे-अल्ट्रासाउंड) कराना उपयुक्त होता है। स्तन में गांठ की समस्या आमतौर पर पीरियड्स के पूर्व होती है, जो कि पीरियड पूरा होने के बाद खुद ही हट जाती है। इस उम्र की महिलाओं में हार्मोन बदलाव के कारण स्तन में गांठ की समस्या भी होती है। स्तन में गांठ ही स्तन कैंसर का कारण बनते हैं। अगर आपके निप्पल में किसी भी तरह का डिस्चार्ज हो रहा हो, तो वैसे में आप तुरंत किसी डॉक्टर को दिखाए। [ये भी पढ़ें: यौन संचारित रोगों के उपचार के लिए अपनाएं ये तरीके] 

सूजन(ब्लोटिंग) होना:
हर इंसान को सूजन की समस्या होती है, लेकिन अगर हर दिन आप इस परेशानी से गुज़र रहे हो तो वैसे में आपको डॉक्टर को दिखने की ज़रूरत है। ओवेरियन कैंसर का कोई लक्षण नहीं होता है, तो अगर आप सूजन महसूस हो आप इसका ट्रीटमेंट ज़रूर करवाएं। कम खाने पर भी पेट भरा लगना, थोड़ी-थोड़ी देर पर पेशाब लगना, तुरंत वजन का कम हो जाना और लगातार श्रोणि(पेलविक) में दर्द होना आपके शरीर के लिए खतरा बन सकता है।

3.अनियमित रक्तस्राव होना:

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मासिक धर्म चक्र(Menstrual cycles)28 दिनों का हो ऐसा ज़रूरी नहीं होता और रक्त का बहाव हमेशा एक जैसा हो यह भी ज़रूरी नहीं होता। लेकिन अगर आप अपने अनियमित रक्तस्राव में किसी भी तरह का बदलाव महसूस कर रहे हों तो आपको ट्रीटमेंट करने की ज़रूरत पड़ सकती है। ब्लीडिंग के दौरान या मेनोपौज़ के बाद भी स्पौटिंग की समस्या हों रही हों तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

4.डिस्चार्ज:
अगर आपकी योनि(vagina)से किसी भी तरह का स्मेल आ रहा हों, तो आपकी योनि में इन्फेक्शन हों सकता है। यह आपके शरीर के लिए हानिकारक भी हों सकता है, वैसे कुछ डिस्चार्ज नॉर्मल भी होते हैं, लेकिन अगर आप किसी भी तरह की असहजता महसूस करते हैं तो डॉक्टर को ज़रूर दिखा लें।

5.सेक्स के दौरान दर्द होना:
सेक्स के दौरान दर्द होना नॉर्मल बात नहीं है, तो अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है तो आप डॉक्टर से संपर्क करें। इन्फेक्शन होना, हार्मोन असंतुलन (Hormone Imbalance)की परेशानी, श्रोणि में सूजन की बीमारी और एंडोमेट्रिओसिस की समस्या होते हैं। तो ऐसे में जल्द-से-जल्द इलाज करवाएं और सेक्स का आनंद लें।

6.थकान होना:

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सेक्स करने के दौरान के शरीर में एक प्रकार का ऑक्सिटोसिन नाम के हार्मोन स्राव करता है, जो शरीर को पूरी तरह से शिथिल कर थकान का अनुभव कराता है। जिससे थकान आ जाती है और वो जल्द ही सो जाते हैं। सेक्स के बाद ही नींद आनी आम बात है, क्योंकि पूरे दिन की दिनचर्या व्यस्त रूप से तनाव में ही काम करते हुए बीत जाती है। [ये भी पढ़ें: एच.आई.वी./एड्स के साथ जीवन कैसे गुजारे खुशहाल जीवन] 

7.खुजली होना:

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लाल धब्बे, सूजन होना या खुजली की बीमारी होने से आपको इन्फेकशन हो सकता है। नए साबुन के इस्तेमाल से या फिर सेक्स के बाद ज़्यादातर ऐसी परेशानी होती है। लेकिन आप इसमें लापरवाही ना करें, क्योंकि एसटीडी होने की भी संभावना हो सकती है।

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