यौन संचारित रोगों के ये मिथक करते हैं आपको गुमराह

myths about sexually transmitted disease

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यौन संचारित रोग, बहुत ही गंभीर बीमरियों में से एक है जिसका समय पर इलाज करवाना बेहद जरुरी है। इस बीमारी के अंतर्गत एच.आई.वी और एड्स जैसी जानलेवा बीमारियां आती है। इसके इलाज के साथ इससे जुड़ी बीमारियों के बारें में पूरी जानकारी होना बहुत जरुरी है। यौन संचारित रोगों को लेकर हमारे दिमाग में बहुत सी गलत सूचनाएं होती है। इससे जुड़ी बीमारियों के बारें में जो भी मिथक होते हैं जिनके दूर होने मात्र से ही इसकी आधी परेशानी दूर हो जाती है। इस बीमारी के लिए डॉक्टर की सलाह बेहद जरुरी होती है। आइए जानतें हैं यौन संचारित रोगों से जुड़े मिथकों के बारें में। [ये भी पढ़ें: यौन संचारित रोगों से जुड़े जानने योग्य बातें]

मिथक 1: यह ओरल सेक्स और एनल सेक्स के जरिए नहीं फैलता है बहुत से लोगों के दिमाग में इस बात को लेकर मिथक है कि यौन संचारित रोग सिर्फ और सिर्फ एक प्रकार के सेक्स से फैलता है या संक्रमित होता है, लेकिन ऐसा नहीं है यह ओरल सेक्स (मुख मैथुन) और एनल सेक्स (गुदा मैथुन) करने से भी फैलता है।

मिथक 2: आप हमेशा इसे खुली आंखों से देख सकते हैं यौन संचारित रोगों को लेकर काफी लोगों में यह अवधारणा है कि इसको आप खुली आंखों से देख सकते हैं या फिर आसानी से इसके बारें में पता लगा सकते हैं, लेकिन बहुत से ऐसे यौन संचारित रोग है जो आसानी से पकड़ में नहीं आ पातें हैं। इसके लिए आपको डॉक्टर की सलाह की जरूरत जरुर पड़ती है। [ये भी पढ़ें: जानिए पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज(श्रोणी में सूजन की बीमारी) के बारे में]

मिथक 3: यह ज्यादा सेक्स करने पर होता है एक गलत अवधारण लोगों के भीतर यह भी है कि इस तरह के यौन संचारित रोग सिर्फ और सिर्फ उन लोगों में फैलता है जो ज्यादा सेक्स करते है, लेकिन यह सच नहीं है यौन संचारित रोग किसी को देख कर नहीं होता है और ना ही फैलता है यह एक तरह का संक्रमण है जो पहली बार सेक्स करने वाले को भी हो सकता है।

मिथक 4: गर्भनिरोधक लेने से कभी भी यौन संचारित रोग नहीं फैलता है
myths about sexually transmitted diseaseज्यादातर लोग यौन संचारित रोगों को लेकर बस इस बात से निश्चिन्त हो जाते हैं क्योंकि वह यह सोच लेते है कि अगर वह गर्भनिरोधक दवाइयों का सेवन कर रहें है, तो उससे उनको इस तरह के रोग नहीं होंगे जो कि सच नहीं है। ये दवाइयां बस गर्भधारण करने से बचाती है उसके अलावा इनका कोई कार्य नहीं होता है।

मिथक 5: क्लैमाइडिया और सूजाक(गोनेरिया) कोई खतरनाक बीमारियां नहीं है यौन सम्बन्धी रोगों को लेकर एक यह भी मिथक बहुत से लोगो ने मन में होता है कि क्लैमाइडिया और सूजाक (गोनेरिया) जैसे गंभीर रोगों को भी यह मान लिया जाता है कि यह कोई खतरनाक बीमारी नहीं है, जबकि ऐसा नहीं है इसके बहुत से घातक परिणाम है जैसे- बांझपन।

मिथक 6: एक बार ये बीमारियां ठीक हो जाए तो फिर कभी नहीं होती है एक मिथक यह भी कि यह बीमारियां एक बार ठीक हो जाए तो पुनः नहीं होती है, जबकि ऐसा नहीं है यौन संचारित रोगों में कुछ ऐसी बीमारियां होती है जो एक बार हो जाने के बाद जीवन भर रहती है जैसे कि एच.आई.वी और एड्स। कुछ वो बीमारियां होती जिनको सही उपचार से ठीक किया जा सकता है लेकिन ये बीमारियां फिर से न हो ऐसा नहीं है। इसके दोबारा होने के उम्मीद भी है, ऐसा तब होता है जब भी कोई व्यक्ति इन बीमारियों से संक्रमित व्यक्ति के साथ सम्बन्ध बनाता है। [ये भी पढ़ें: असुरक्षित यौन सम्बन्ध से उत्पन्न हो सकती है ब्लैडर इन्फेक्शन की समस्या]

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