जानिए क्या है मोलस्कम कन्टेजियोसम

know what is molluscum contagiosum

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मोलस्कम कन्टेजियोसम एक चेचक वायरस है जिससे त्वचा पर गांठ हो जाती है। मोलस्कम त्वचा के माध्यम से आसानी से फैलता है। लेकिन इससे कोई नुकसान नहीं होता है। स्वस्थ लोगों में यह कुछ समय बाद अपने आप ही हट जाते हैं। अगर आपको जरुरत है तो इसका इलाज भी किया जा सकता है। मोलस्कम कंटेजियोसम 10 साल से कम उम्र के बच्चों में आम होता है और व्यस्कों में मोलूस्कम यौन संपर्क के माध्यम से होता है। यह इंफेक्शन कमजोर इम्युन सिस्टम वाले लोगों में गंभीर होता है। मोलूस्कम गर्म जलवायु और आर्द वाले स्थानों में आम होता है।

मोलस्कम कंटेजियोसम के कारण:
यह वायरस त्वचा से त्वचा के संपर्क, यौन संपर्क और खरोचनें से होते हैं। वायरस वाली चीजों जैसे टॉवल को छूने से भी यह वायरस फैलता है। यह शरीर के एक हिस्से से दूसरे हिस्से में और एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। यह छूने से फैलने वाला इंफेक्शन है। [ये भी पढ़ें: यौन संचारित रोग के हो सकते हैं इतने प्रकार]

मोलस्कम कंटेजियोसम के लक्षण:
इन गांठों से दर्द नहीं होता है। यह वायरस से संक्रमित होने के 2 हफ्ते से 6 महीनों के बीच कभी हो सकते हैं। मोलूस्कम छोटी गांठ से शुरु होता है। जो कुछ हफ्तों के बाद बड़ा होता जाता है। इसके बीच में एक छोटा सा गड्डा होता है। बच्चों में यह चेहरे, शरीर ,हाथ और पैरों में होते हैं। व्यस्कों में यह शरीर के किसी भी भाग में हो सकते हैं। अगर यह इंफेक्शन यौन संपर्क से हुआ है तो यह गांठ पेट, जांघ, कमर और जननांगों में होते हैं।

जटिलताएं:
कभी-कभार यह गांठ लाल और संक्रमित हो सकती हैं। अगर ऐसा होता है तो डॉक्टर से सलाह ले ताकि वह इसे ठीक करने के लिए आपको एंटीबायोटिक दे। जिन लोगों को गंभीर इम्युन परेशानी होती है उनके इलाज के साथ गांठे चेहरे पर बढ़ती जाती हैं।

टेस्ट:
आमतौर पर मोलूस्कम कंटेजियोसम का पता शारीरिक गतिविधियों के दौरान पता चल जाता है। अगर व्यस्कों को जननांग क्षेत्र में गांठ हो जाए तो डॉक्टर यौन संचारित रोग के लिए टेस्ट करवाते हैं।

मोलस्कम कंटेजियोसम के लिए इलाज:
वैसे तो मोलूस्कम 6 महीनों के अंदर अपने आप ही चले जाते हैं। मगर कुछ केस में यह सालों तक रहते हैं। जब यह गांठ नहीं दिखती है तो इसका मतलब यह वायरस आपकी त्वचा से चला गया है और किसी को नहीं फैलेगा। दूसरों को ना हो इसके लिए आप इन गांठो को कपड़े से बांधकर या ढक कर रख सकते हैं। डॉक्टर इसे ठीक करने के लिए भी कुछ ट्रीटमेंट करते हैं।

  1. तरल नाइट्रोजन से इसे जमा देते हैं।
  2. गांठ के बीच के हिस्से को हटा देते हैं।
  3. गांठ पर दवाई लगा कर।
  4. दवाई खाकर भी इसे ठीक किया जा सकता है। [ये भी पढ़ें: यौन संचारित रोगों की रोकथाम के लिए रखें इन बातों का ध्यान]

मोलूस्कम कंटेजियोसम की रोकथाम:
इससे बचने का सबसे आसान तरीक है कि आप इंफेक्शन वाले व्यक्ति के त्वचा के संपर्क में ना आएं।

  1. गर्म पानी और साबुन से हाथ धोयें।
  2. हेयरब्रश, टॉवल और साबुन जैसी निजी चीजों को किसी और से सांझा ना करें।
  3. गांठ वाली जगह को साफ रखें और ढक कर रखें ताकि उस पर हाथ ना लग सके।
  4. गांठ वाली जगह पर शेविंग और इलेक्ट्रोलिसिस का उपयोग ना करें।
  5. अगर आपके जननांग क्षेत्र में गांठे हैं तो यौन संपर्क से बचें।
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