हेपेटाइटिस बी के बारे में जानिए ये आवश्यक बातें

important things you should know about hepatitis b

हेपेटाइटिस में लीवर में सूजन हो जाती है यह हेपेटाइटिस वायरस की वजह से होता है। बहुत से व्यस्कों में यह कुछ समय के लिए होता है जो बाद में ठीक हो जाता है इसे एक्यूट हेपेटाइटिस बी कहते हैं। कभी-कभी हेपेटाइटिस बी का इनफेक्शन लंबे समय तक रहता है इसे क्रोनिक हेपेटाइटिस बी कहते हैं। व्यस्कों में यह जल्दी ठीक हो जाता है मगर बच्चों और शिशुओं में क्रोनिक हेपेटाइटिस बी होने की संभावना होती है। इस बीमारी से पीड़ित काफी लोगों को इसके बारे में पता ही नहीं होता है क्योंकि उनको इसके लक्षणों की जानकारी नहीं होती। तो आइए हेपेटाइटिस बी के बारे में जानते हैं।

हेपेटाइटिस बी होने के कारण:
1-यह हेपेटाइटिस बी वायरस के कारण होता है। यह संक्रमित व्यक्ति के रक्त और शरीर के तरल पदार्थ के माध्यम से होता है।
2-बिना कंडोम का इस्तेमाल करें संक्रमित व्यक्ति के साथ सेक्स करने से।
3-संक्रमित व्यक्ति के इंजेक्शन की सुई का इस्तेमाल करके।
4-संक्रमित औजार से टैटू बनवाने से।
5-संक्रमित व्यक्ति के रेजर या टूथब्रश का प्रयोग करके।
6-डिलीवरी के समय प्रेग्नेंट महिला के इस वायरस से ग्रसित होने से यह बच्चे को भी हो जाता है इसलिए डॉक्टर सलाह देते हैं कि प्रेग्नेंट महिला को हेपेटाइटिस बी का टेस्ट जरुर करवा लेना चाहिए। [ये भी पढ़ें: सेक्स सम्बंधित इन बातों को जरुर जानें किशोर] 

हेपेटाइटिस बी के लक्षण:

important things you should know about hepatitis b बहुत से लोगों को पता नहीं होता है कि वह हेपेटाइटिस बी से संक्रमित हैं क्योंकि उन्हें इसके लक्षण नहीं होते हैं। आपको ऐसा लगता है कि आपको फ्लू है। हेपेटाइटिस बी के लक्षण 60-90 दिनों के बाद पता चलते हैं। आपको बताते हैं हेपेटाइटिस बी के लक्षण।

1-थका हुआ महसूस होना।
2-हल्का बुखार होना।
3-सिर दर्द होना।
4-पेट में दर्द होना या उल्टी आना।
5-आंखो और त्वचा का पीला होना।
6-गहरे रंग का यूरिन।
7- त्वचा पर निशान होना।
8- कब्ज होना।
9- जोड़ो में दर्द होना।

हेपेटाइटिस बी को कैसे पहचाना जाए:
एक आसान से ब्लड टेस्ट से आप हेपेटाइटिस बी वायरस का पता लगा सकते हैं। आपके डॉक्टर वैक्सीन से इस वायरस की रोकथाम कर सकते हैं। अगर आपके डॉक्टर को लगता है कि हेपेटाइटिस बी से आपका लीवर खराब हो सकता है तो आपके डॉक्टर सुई की सहायता से लीवर के टेस्ट के लिए छोटा सा सैल्पल लेते हैं। इसे लीवर बायोप्सी कहते हैं।

कैसे इसका इलाज किया जाए:
ज्यादातर केस में हेपेटाइटिस बी अपने आप ठीक हो जाता है। घर पर आराम करके, स्वस्थ भोजन का सेवन करके, खूब सारा पानी पीकर और ऐल्कोहल का सेवन ना करके घर पर ही इससे बचा जा सकता है। क्रोनिक हेपेटाइटिस बी का इलाज इंफेक्शन के ज्यादा होने या लीवर के खराब होने पर निर्भर करता है। कुछ लोगों में क्रोनिक हेपेटाइटिस बी में लीवर सही काम करता रहता है। इसे दवाइंयों से ठीक किया जा सकता है। कभी-कभी हेपेटाइटिस बी से लीवर खराब हो जाता है जिसे लीवर बदलकर ही ठीक किया जा सकता है।

हेपेटाइटिस बी की रोकथाम:
वैक्सीन के जरिए हेपेटाइटिस बी की रोकथाम की जा सकती है। यह 3-4 शॉट की सीरीज होती है। हेपेटाइटिस बी के खतरे को किशोरों,शिशुओं और बच्चों में वैक्सीनेशन के द्वारा ठीक किया जा सकता है। हेपेटाइटिस बी और ए दोनों के लिए वैक्सीनेशन उपलब्ध है। [ये भी पढ़ें: सिफलिस है एक घातक यौन संचारित रोग]

वायरस के फैलने से कैसे बचाएं:

important things you should know about hepatitis b 1- सेक्स के दौरान कंडोम का इस्तेमाल करें।
2- सुई को और लोगों के साथ इस्तेमाल ना करें।
3- रक्त को छूते समय प्लास्टिक के दस्ताने पहनें।
4- दूसरों के टूथब्रश और रेजर का इस्तेमाल ना करें।

उपयोग की शर्तें

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