यौन संचारित रोगों में सबसे ज्यादा घातक है क्लैमाइडिया

chlamydia is the dangerous sexually transmitted diseases

क्लैमाइडिया को क्लैमाइडिया बैक्टीरिया इन्फेक्शन भी कहा जाता है। यह एक यौन संचारित रोग है, जो क्लैमिडिया ट्राकोमोटिस जीवाणु के कारण होता है, यही बैक्टीरियल इन्फेक्शन का कारण भी होता है। हर साल पूरे भारत में इससे ग्रसित मरीजो की संख्या एक लाख के करीब है, जिससे यह पता लगाया जा सकता है कि आज के समय में यह बीमारी कितनी बड़ी तादात में लोगों को प्रभावित कर रही है। सही तरह से यौन क्रिया नहीं करने से यह बीमारी अधिकतर होती है। आइए जानते हैं क्लैमाइडिया बारें में विस्तार से जाने।

क्लैमाइडिया के कारण:
क्लैमाइडिया गुदा मैथुन या मुख मैथुन जैसी यौन क्रियाओं के कारण हो सकता है। इसके आलावा बिना कंडोम के सम्बन्ध स्थापित करने से भी यह रोग होता है। किसी संक्रमित व्यक्ति के साथ यौन क्रियाएं करने से भी इस तरह के यौन संचारित रोग के होने का खतरा रहता है। बच्चों में इस तरह की बीमारी उसके जन्म के साथ संक्रमित मां के जरिए पहुंचता है। इससे बच्चे को निमोनिया होने का खतरा होता है। [ये भी पढ़ें: जानिए एंडोमेट्रिओसिस से जुड़ी कुछ अहम बातें] 

महिलाओं में क्लैमाइडिया लक्षण:
*असामान्य योनि स्राव
*मासिक चक्र के बीच में रक्त स्राव
*मासिक चक्र के दौरान दर्द होना
*बुखार के साथ पेट में दर्द
*यौन संबंध स्थापित करते समय दर्द होना
*योनि के आसपास खुजली और दर्द होना
*पेशाब के समय दर्द और जलन

पुरुषों में क्लैमाइडिया लक्षण
*पेशाब के साथ हल्की मात्रा में वीर्य का निकलना
*पेशाब के समय तेज दर्द होना
*लिंग में जलन और उसके आसपास खुजली होना
*अंडकोष के आसपास सूजन और दर्द

इलाज:
chlamydia is the dangerous sexually transmitted diseasesइसके इलाज के लिए सबसे पहले डॉक्टर के पास जाए और उसकी सलाह पर ही एंटीबायोटिक का सेवन करें।

सावधानियां:
*सेक्स करने से पहले हमेशा कंडोम का प्रयोग करें।
*एक ही व्यक्ति से साथ सेक्स करें और साथियों के अदला-बदली के कारण इसके फैलने की संभावना बढ़ जाती है।
*संक्रमित व्यक्ति के साथ सेक्स करने से बचे।
*अगर आपको लगता है कि आप संक्रमित हैं तो यौन क्रियाओं से बचे और डॉक्टर से सलाह करें।
*जब भी आपको पेशाब में जलन महसूस होने लगे तो फ़ौरन डॉक्टर को दिखाये और ऐसे में सेक्स न करें।

पुरुष और महिलाओं में इसके परिणाम:
पुरुषों में परिणाम:
पुरुषों में होने वाले इस तरह के यौन संचारित रोग का कारण होता है नोंगोनोकोकल आर्थराइटिस। यह एक प्रकार का इन्फेक्शन है जो पुरुषों के मूत्रमार्ग में होता है। इसमें पेशाब में वीर्य मिलने लगता है।

महिलाओं में परिणाम:
महिलाओं में यह बीमारी श्रोणि सूजन की बीमारी के कारण होता है जिसके कारण उनकी फैलोपियन ट्यूब डेमेज हो जाता है। इसके साथ यह उनमे बांझपन के कारण भी हो सकता है। इसके परिणाम स्वरूप, महिलाओं में एक्टोपिक प्रेग्नेंसी का खतरा बना रहता है। क्लैमाइडिया के कारण प्री मेच्योर बच्चा होने का खतरा होता है। इसके साथ ही साथ मां से बच्चे में भी यह फैलने की संभावना होती है।

क्लैमाइडिया से सम्बंधित मिथक:
chlamydia is the dangerous sexually transmitted diseasesक्लैमाइडिया को लेकर लोगों में काफी मिथक होते है। कुछ प्रचलित मिथक नीचे लिखे गए हैं।

मिथक 1: पेशाब में जलन होना एक सामान्य सी बात है।
पेशाब में जलन को लोग एक सामान्य सा लक्षण मान कर उसे अनदेखा कर देते हैं, लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए क्योंकि यह क्लैमाइडिया का एक लक्षण भी हो सकता है। इसलिए इसके बारें में अपने डॉक्टर की सलाह करें।

मिथक 2: एक से अधिक साथी के साथ सम्बन्ध न बनाने से क्लैमाइडिया की जांच करवाने की जरूरत नहीं है।
ऐसा मिथक है कि अगर अगर आप एक से अधिक साथी के साथ सम्बन्ध नहीं बनाते हैं तो आपको यह रोग नहीं हो सकता। जो सत्य नहीं है क्लैमाइडिया होने का कारण केवल एक से अधिक साथियों के साथ सेक्स करना नहीं हैं। इसके और भी कई कारण है जिससे यह फ़ैल सकता है इसलिए इसकी जांच जरुर करवाए।

मिथक 3:इसका इलाज संभव नहीं है।
लोगों का यह मानना है कि इसका इलाज संभव नहीं है, लेकिन ऐसा नहीं है सही समय पर डॉक्टर से सलाह कर के इस रोग का इलाज करवाना संभव है।

मिथक 4: यह केवल एक बार ही होता है।
इसको लेकर एक यह भी मिथक है कि इसका यह एक बार ठीक होने के बार दोबारा से कभी नहीं होता है लेकिन ऐसा नहीं है इसकी सही तरीके से इलाज नहीं करवाने से यह वापस से हो सकता है। [ये भी पढ़ें: यौन संचारित रोग के हो सकते हैं इतने प्रकार]

मिथक 5: यह दूषित शौचालय के प्रयोग से भी फैलता है
ऐसा माना जाता है कि क्लैमाइडिया दूषित शौचालय के कारण भी फैलता है, जबकि ऐसा नहीं है दूषित शौचालय हमारें स्वास्थ्य के लिए सही नहीं है, लेकिन इससे क्लैमाइडिया जैसी घातक बीमारियां नहीं फैलती हैं।

    उपयोग की शर्तें

    " यहाँ दी गयी जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । यहाँ सभी सामग्री केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि यहाँ दिए गए किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है। अगर यहाँ दिए गए किसी उपाय के इस्तेमाल से आपको कोई स्वास्थ्य हानि या किसी भी प्रकार का नुकसान होता है तो lifealth.com की कोई भी नैतिक जिम्मेदारी नहीं बनती है। "