इनफर्टिलिटी के उपचार के दौरान ध्यान में रखें ये बातें

things to keep in mind before you go for fertility treatment

गर्भधारण न होने के पीछे जो एक सबसे बड़ी समस्या देखने को मिलती है वह है, शुक्राणुओं का ठीक से न बन पाना या शुक्राणुओं की कमी होना। यदि पुरुषों की बात करें तो एक सामान्य पुरुष में शुक्राणुओं संख्या औसतन 40 से 300 मिलियन होती है। यदि शुक्राणुओं की संख्या 20 मिलियन से कम हो तो पुरूष में बांझपन की समस्या आ जाती है। बांझपन पुरुषों और महिलाओं दोनों को हो सकता है। इस समस्या से निजात पाने के लिए बहुत से डॉक्टर और दवाइयों का सहारा लिया जा सकता है लेकिन इसके साथ-साथ कुछ बातों का भी ध्यान रखा जाना जरुरी होता है। फर्टिलिटी के उपचार के दौरान ध्यान रखना बहुत जरुरी है। [ये भी पढ़ें: फर्टिलिटी बढ़ाने के लिए क्यों जरुरी है फॉलिक एसिड का सेवन]

ओव्यूलेशन के बारें में पहले से जान लें:
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गर्भधारण से जुड़ी समस्या को लेकर आपको ओव्यूलेशन के बारे में पता होना जरुरी होता है। ओव्यूलेशन वह समय होता है जब मासिक धर्म के दौरान महिलाओं में सबसे ज्यादा अंडोत्सर्जन होता है। हर महिला का ओव्यूलेशन का समय अलग-अलग हो सकता है। इसलिए इसके बारें में सिर्फ और सिर्फ एक महिला ही जान सकती है। इसको जानने के लिए ओव्यूलेशन कैलकुलेटर हैं, जिसमें अपने मासिक चक्र के समय की तिथि डालने पर वह ओव्यूलेशन तिथि बता देता है। इसके बारें में जानना इसलिए भी जरुरी है क्योंकि ओव्यूलेशन गर्भधारण करने में सबसे ज्यादा मददगार होता है।

फर्टिलिटी उपचार के मूलभुत बातों को जान लें: फर्टिलिटी का उपचार उसकी जांच के साथ ही शुरू कर देना सही होता है। एक बार इस बात की पुष्टि हो जाए कि आपको इससे जुड़ी कोई समस्या है तो इसके कारणों को जानने के साथ इसका उपचार शुरू करे दें। इसके उपचार के बारें में जब भी आप अपने डॉक्टर से सलाह करें तब उससे इस बात की भी सलाह जरुर लें कि कितने समय के बाद आप गर्भधारण के लिए तैयार हो जाएंगे। बहुत से लोग ऐसा मान बैठते हैं कि उपचार के ख़त्म होते ही गर्भधारण किया जा सकता है लेकिन ऐसा है नहीं। यह व्यक्ति के स्वास्थ्य पर और उसके उपचार पर निर्भर करता है। [ये भी पढ़ें: भावनात्मक स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करता है कैज्युअल सेक्स]

फर्टिलिटी टेस्ट पहले से करवा लें:
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जब आप डॉक्टर के पास अपनी समस्या को लेकर जायेंगे तो वह आपसे मेडिकल हिस्ट्री के बारें में पूरी जानकारी लेता है। इसलिए जरुरी है कि आप पूरी जानकारी के साथ उसके पास जाए। जाने से पहले अपने फर्टिलिटी का टेस्ट जरुर करवाएं। ऐसा जरुरी नहीं है कि फर्टिलिटी की समस्या सिर्फ महिलाओं में देखने को मिलती हो। पुरुषों में भी इस तरह की समस्याएं देखने को मिल सकती है।

फर्टिलिटी दवाओं के साइड इफेक्ट: इस तरह की समस्या से निपटने के लिए कई तरह की दवाओं का सेवन किया जाता है इन दवाओं के जितने फायदें देखने को मिलते हैं उतने ही इसके साइड इफेक्ट भी है। इन दवाओं से आपको निम्नलिखित परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है:-
* पेट में सूजन और पेट की परेशानी।
* वजन का बढ़ना।
* सिरदर्द।
* थकान महसूस करना।
* जी मिचलाना।
* चक्कर आना।
* स्तन का ढीला हो जाना। [ये भी पढ़ें: इन कारणों से आती है शुक्राणुओं की संख्या में कमी]

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