कारण जो पुरुषों में शुक्राणाओं की संख्या को प्रभावित करते हैं

things that affect sperm count

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पुरुषों में प्रजनन के लिहाज से शुक्राणुओं की अहम भूमिका होती है। वीर्य में शुक्राणुओं की जितनी ज्यादा अधिक मात्रा होती है वो प्रजनन के लिहाज से अच्छा माना जाता है। आमतौर पर वीर्य में शुक्राणुओं की मात्रा 8.1 करोड़/मिली से 12 करोड़/मिली होनी चाहिए। हर दिन पुरुष के अंडकोष में शुक्राणुओं का निर्माण होता है। मगर कई बार बाहरी कारणों की वजह से शुक्राणुओं की संख्या में कमी आती है। क्या हैं वो कारण आइए जानते हैं। [ये भी पढ़ें:  इन कारणों से होती है पुरुषों में नपुंसकता] 

1. अत्यधिक शराब का सेवन: 
things that affect sperm countअत्यधिक शराब का सेवन आपके लीवर(यकृत) के लिए बुरा तो होता ही हैं साथ ही यह आपके शुक्राणुओं के लिहाज से भी सही नहीं होता। एल्कोहल के सेवन से शरीर में ऐसे ऑक्सीजन फ्री रेडिकल्स पैदा होते हैं जो शुक्राणुओं को नष्ट करते हैं। हालांकि कई जगह हुए शोध में यह भी पता चला है की एल्कोहल की सिमित मात्रा शुक्राणुओं के लिए अच्छी भी होती है। मगर दिन में 50-75 मिली से ज्यादा एल्कोहल का सेवन बुरा ही साबित होता है। बेहतर यही है की एल्कोहल से दूर हीं रहें।

2. ड्रग्स का सेवन: ड्रग्स का इस्तेमाल आपके दिमाग के लिए ही नहीं आपके मर्दानगी के लिए भी खतरनाक साबित हो सकता है। कई शोधों में यह पता चला है की मारिजुआना(गांजा) का सेवन भी शुक्राणुओं की संख्या(स्पर्म काउंट) पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। कोकीन का सेवन रक्त वाहिकाओं को संकुचित कर देता है, जिससे शरीर के साथ लिंग में भी रक्त संचार बाधित हो जाता है। कमर दर्द दूर करने के लिए ली जाने वाली कई दवाओं में भी ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो शुक्राणुओं निर्माण में बाधा डालते हैं और टेस्टेस्टेरोन के स्तर को कम करते हैं। [ये भी पढ़ें: इन उपायों से दूर हो सकती है बांझपन की समस्या]

3. धुम्रपान:

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शराब की तरह ही सिगरेट भी शरीर में कई तरह के टोक्सिन्स का निर्माण करता है, जो शुक्राणुओं के लिहाज से सही नहीं होता। धूम्रपान की वजह से निर्मित कार्बन मोनोऑक्साइड जैसे तत्व शुक्राणुओं को क्षति पहुंचाते हैं। धूम्रपान करने से शरीर में मौजूद रक्तवाहिकाएं भी क्षतिग्रस्त होती हैं जिस से शरीर में रक्तसंचार बाधित हो जाता है और लिंग में तनाव होने में दिक्कत होती हैं।

4. ज्यादा देर तक बैठना: ज्यादा देर तक बैठने से कपड़ो की वजह से अंडकोष के पास वाले हिस्से में गर्मी पैदा होती है। जिस से अंडकोष का तापमान बढ़ता है। ज्यादा देर तक एक जगह बैठने से बचें। ज्यादा देर तक बैठना भी आपके शुक्राणुओं के लिए बुरा हो सकता है।

5. अत्यधिक चिंता और तनाव:
things that affect sperm countचिंता और तनाव मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक तो हैं ही साथ ही साथ ये शुक्राणुओं के लिए भी बुरा है। कुछ शोधों में यह पता चला है की लम्बे समय से चल रहे तनाव और चिंता की वजह से शरीर में बनने वाले ग्लूकोकोर्टिकोइड्स(glucocorticoids) वीर्य की गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं।

6. कम सम्भोग करना:
things that affect sperm countयूरोपियन सोसाइटी ऑफ़ ह्यूमन रिप्रोडक्शन एंड एम्ब्रयोलोजी के एक शोध के अनुसार जिन पुरुषों ने रोजाना 7 दिनों तक वीर्य स्खलित किया उनमें सप्ताह के अंत में शुक्राणुओं की गुणवत्ता उन लोगों से ज्यादा थी जिन्होंने ऐसा नहीं किया था। अंडकोष में शुक्राणु जितने कम समय के लिए रहें उनकी गुणवत्ता उतनी ज्यादा होती है। बहुत कम सम्भोग या हस्तमैथुन न करने से अंडकोष में नए शुक्राणुओं का निर्माण नहीं होता और पुराने शुक्राणु गुणवत्ता के मामले में नए शुक्राणु से बेहतर नहीं होते। [ये भी पढ़ें:  कुछ आसान तरीकों से सेक्स क्षमता बढ़ा सकते हैं पुरुष] 

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