मेनोपौज़ की स्थिति में दिखाई देते हैं यह लक्षण

know about the symptoms of Menopause

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मासिक धर्म के स्थायी रूप से बंद हो जाने को मेनोपौज़ कहा जाता है। मेनोपौज़ होने पर स्त्री के शरीर में शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार के पविर्तन होने लगते हैं। इसके बंद होने से महिलाओं को विशेष कष्ट होता है। इसका सबसे उल्लेखनीय लक्षण है, मासिक धर्म का धीरे-धीरे कम हो जाना। हालांकि इसके शुरू होने से पहले ही कुछ ऐसे लक्षण प्रकट होते हैं, जो यह सूचित करते हैं कि मेनोपौज़ बस अब पास ही है। अधिकतर औरतों में मेनोपौज़ 45 वर्ष से 55 वर्ष के बीच में होता है।

मेनोपौज़ में परिवर्तन के कुछ लक्षण:
1.पसीना आना:
मेनोपौज़ में पसीने का आना बहुत आम बात है। ऐसे में आपको अधिक तीखा, तला हुआ खाना, तनाव, शराब, कॉफी या गर्म जगह पर रहना आपकी परेशानी और बढ़ा सकता है। अगर आपका वजन ज़्यादा है तो आप उसे कम कर लें। सोयाबीन खाने से आपकी परेशानी कम हो सकती है। कोशिश करें कि ज़्यादा से ज़्यादा ठंडी जगह पर काम करें। व्यायाम करने से भी आप अपनी इस परेशानी को दूर कर सकते हैं। [ये भी पढ़ें: शीघ्रपतन और इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या में उपयोगी योगासन] 

2. योनि(Vagina) का सूखापन:
प्राकृतिक लुब्रीकेशन जो योनि(Vagina) की परतों पर होता है और जो कामोत्तेजना के दौरान बढ़ जाता है, मेनोपौज़ के दौरान इसकी मात्रा कम हो जाती है। योनि(Vagina)में सूखापन आ जाता है और आपको परेशानी महसूस होने लगती है।

3.थकान:
हालांकि थकान कई अन्य परिस्थितियों का भी लक्षण है, परंतु दिए गए उपरोक्त लक्षणों के साथ यदि थकान होती है तो मेनोपौज़ की ओर इशारा करता है। नींद पूरी होने के बावजूद थकान महसूस करना या रोज़मर्रा के कामों को करने में भी थकान महसूस होना इसका लक्षण है।

4.चिंता:
मनोदशा परिवर्तन के साथ चिंता भी मेनोपौज़ का एक लक्षण है। जो चीज़ें आप पहले आसानी से करते थे, उन्हें करने में भी आपको चिंता हो सकती है, या आपकी पहली चिंताएं बढ़ सकती हैं। यदि आपकी चिंता बढ़ती जा रही है तो आपको जल्द-से-जल्द डॉक्टर को दिखाना चाहिए, वरना आपकी परेशानी बहुत बढ़ सकती है।

5.सिरदर्द होना:
हार्मोंस के स्तर में बदलाव के कारण सिरदर्द होता है। इसमें कोई आश्चर्यजनक बात नहीं है कि मेनोपौज़ के दौरान भी आपको सिरदर्द हो सकता है। यदि आप अपने पूरे जीवन में सिरदर्द से परेशान रहे हैं तो मेनोपौज़ के दौरान यह परेशानी और बढ़ सकती है या बदल सकती है।

6.यूरिनेशन में परेशानी:
मेनोपौज़ में यूरिनेशन के दौरान बहुत परेशानी होती है साथ ही जलन होना भी आम बात होती है। मेनोपौज़ के समय यूरिन में इनफेक्शन होने की संभावना बढ़ सकती है।

मेनोपौज़ के कुछ और लक्षण:
*बालों का पतला होना या गिरना
*सेक्स के प्रति रुची कम होना
*घबराहट होना
*जोड़ों में दर्द रहना
*पाचनशक्ति कमजोर हो जाना
*समय से पहले झुर्रियां पड़ने लगना

मेनोपौज़ के लक्षणों से आराम पाने के उपाय :
ऐक्यूपंचर के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। जो महिलाएं मेनोपौज़ की शिकार होती हैं, उनके लिए ऐक्यूपंचर वरदान है। यह एक प्राकृतिक इलाज है जिसमें ट्रीटमेंट के दौरान शरीर के कई हिस्सो में सुई चुभोई जाती है|

1.डिप्रेशन कम करना:
मेनोपौज़ में औरतों के मूड बदलते रहते है। कभी-कभी तो यह डिप्रेशन का रूप लेने लगता है। ऐक्यूपंचर करवाने से आपके शरीर के होर्मोन बैलेन्स होते हैं और मूड स्विंग्स से छुटकारा भी मिल जाएगा। [ये भी पढ़ें: जानें कैसे अत्यधिक व्यायाम फर्टिलिटी को करता है प्रभावित] 

2.शरीर का दर्द:
ऐक्यूपंचर की सहायता से आपके शरीर में हो रहे खिंचाव और दर्द भी कम हो जाते हैं|

3.थकान से राहत:
मेनोपौज़ के समय महिलाओं को थोड़ा सा ही काम कर लेने पर थकान लागने लगती है। इसके कारण शरीर के में होर्मोन बढ़ता घटता रहता है। ऐक्यूपंचर आपके शरीर की ऊर्जा को भी बढ़ाता है और थकान से भी राहत मिलती है।

4.हॉट फ्लैश का उपचार:
सर्वे के अनुसार ऐक्यूपंचर से एनडोरफिन नमक हार्मोन शरीर में रिलीज होता है। जो कि बहुत सी महिलाओं को हॉट फ्लैश से मुक्ति दिलवाने में मदद करता है।

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