इन कारणों से होती है पुरुषों में नपुंसकता

causes of infertility in men

जिस प्रकार आजकल महिलाओं में बांझपन की समस्या काफी होने लगी है, उसी प्रकार पुरुषों में भी यह समस्या बढ़ने लगी है। एक सर्वे के अनुसार भारत में करीबन 30 लाख लोगों में नपुंसकता की समस्या पाई गई है और इस संख्या रोजाना बढ़ोत्तरी हो रही है। यह एक शारीरिक समस्या है जो किसी के साथ भी हो सकती है जरूरत है तो आपको इसका इलाज करवाने की। मगर सबसे जरुरी यह कि आप पहले उन कारणों का पता लगायें जो इस बांझपन का कारण है। तो आइए जानतें है कि कौन से ऐसे कारण है जिसकी वजह से पुरुषों में होने वाले बांझपन की समस्या शुरू होती है। [ये भी पढ़ें:  इन उपायों से दूर हो सकती है बांझपन की समस्या] 

पुरुषों में होने वाले बांझपन के कारण:
causes of infertility in menपुरुषों में बांझपन का सबसे बड़ा कारण शुक्राणुओं कि कमी को माना जाता है, गर्भधारण करने के समय पर जब भी पुरुषों के शुक्राणुओं के दर में कमीं होती है तो यह समस्या उत्पन्न होती है। शुक्राणुओं में कमी के कई कारण हो सकते हैं, कुछ कारणों का उल्लेख नीचे किया गया है।

हार्मोन्स की समस्याएं:
जब भी पियूष ग्रंथि में अंडकोष से प्रोत्साहित होकर उससे निकलने वाले टेस्टोस्टेरोन में कमी आने लगती है, तब पुरुषों में शुक्राणुओं कि कमी की समस्या होने लगती है। इसका परिणाम यह भी होता कि एक समय के बाद शुक्राणु बनाना बंद हो जाते हैं।

वैरीकोसेल (वृषण-शिरापस्‍फीति):
इसमें अंडकोष में रक्त ले जाने वाले नसों में सूजन होने लगता है जिससे कि वैरीकोसेल होने कि संभावना होती है। इसका उपचार करना संभव तो है परन्तु इससे स्पर्म की गुणवत्ता में फर्क आ जाता है। एक शोध के अनुसार वैरीकोसेल के इलाज के बाद भी ज्यादातर लोग बांझपन की समस्या से छुटकारा नहीं मिल पाता है।

रेट्रोग्रेड एजाकुलेशन और शीघ्रपतन (रेट्रोग्रेड एंड प्रीमैच्योर एजाकुलेशन):
प्रतिगामी और शीघ्रपतन जैसी समस्या तब होती है जब प्रजनन के समय ठीक अवस्था होने से पहले ही शुक्राणु निकास कर जाते हैं। इससे प्रजनन की पूरी प्रक्रिया नहीं हो पाती है जिसके गर्भधारण नहीं किया जा सकता है। [ये भी पढ़ें: जानिये क्या है पुरुषों में होने वाली रेट्रोग्रेड एजाकुलेशन की समस्या]

ध्रूमपान या एल्कोहोल:
causes of infertility in men ज्यादा सिगरेट पीना या ज्यादा शराब पीने के कारण भी शुक्राणुओं में कमी आने लगती है। इसके पीछे का कारण है शराब में मौजूद एल्कोहोल और सिगरेट में निकोटिन जो सीधा शुक्राणुओं पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। [ये भी पढ़ें:  जानिये शराब कैसे आपके यौन जीवन पर डालता है बुरा प्रभाव] 

डायबिटीज:
डायबिटीज के कारण जब शरीर में इन्सुलिन की कमी होने लगती है। इसका सीधा असर शुक्राणुओं पर पड़ता है। [ये भी पढ़ें: इन कारणों से आती है शुक्राणुओं की संख्या में कमी] 

चोट या सर्जरी:
कई बार किसी दुर्घटना के कारण जननांगों पर भी इसका प्रभाव देखने को मिलता है। इससे बहुत बार शुक्राणु बनाने वाले अंग काम करना बंद कर देते है।

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